दमोह

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अपहरण का दमोह जिले से कनेक्शन

तीन दिन पहले पन्ना के अमानगंज में पुलिस के 100 डायल वाहन से एक युवती का अपहरण करने की साजिश दमोह के पथरिया से रची गई।...

Danik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:30 PM IST
तीन दिन पहले पन्ना के अमानगंज में पुलिस के 100 डायल वाहन से एक युवती का अपहरण करने की साजिश दमोह के पथरिया से रची गई। अपहरण करने वालों में तीन पथरिया और एक आरोपी हटा का निकला है। इन आरोपियों ने साजिश रचने से पहले पथरिया में पुलिस की ड्रेस के लिए कपड़ा खरीदा और छोटू टेलर नामक दर्जी से सिलवाई।

इसके बाद हटा में जर्किन और रस्सी खरीदकर पहनी और वारदात को अंजाम देने पन्ना के अमानगंज पहुंच गए। आरोपियों से पन्ना पुलिस ने पूछताछ के बाद इस रहस्य का खुलासा किया है। इससे पहले मंगलवार को पन्ना और दमोह एसपी के साथ आईजी सतीश सक्सेना ने मौका मुआयना किया था और आरोपियों को लेकर जानकारी जुटाई थी। पन्ना एसपी रियाज इकबाल ने भास्कर को बताया इस मामले में हटा थाना के कुलुवा कला निवासी आरोपी धर्मेंद्र सिंह पिता प्रेम सिंह राजपूत को सबसे पहले हटा से पकड़ा गया। जिसमें मोबाइल एक 315 बोर का कट्टा एवं 04 जिंदा कारतूस जब्त किए। आरोपी के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से प्लानिंग की गई थी। लेकिन दो बार पुलिस का 100 डायल वाहन न पहुंचने की वजह से प्लानिंग फेल हो गई थी। आरोपियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि उन्होंने पुलिस की वर्दी सिलवाने के लिए पथरिया में एक दुकान से कपड़ा खरीदा था और उसे कोई छोटू टेलर दर्जी से सिलवाई थी। बाद में बजरिया में आनंद खुराना की दुकान से पुलिस जर्किन तथा पेट्रोल पम्प हटा के सामने की दुकान से नायलोन की रस्सी खरीदी थी। प्रकरण में विशेष दल द्वारा बंडा सागर से पकड़े गए आरोपियों मंे पथरिया थाना के लखरौनी निवासी रक्कू उर्फ राजेश रैकवार पिता भवानी रैकवार, टीला निवासी आरोपी राजेश सिंह पिता खुमान सिंह 28, मिर्जापुर निवासी हेमराज कुर्मी पिता मुरलीधर कुर्मी, 24 शामिल है। सभी आरोपी वालीबॉल खिलाड़ी हैं और मुख्य आरोपी देवराज द्वारा आयोजित टूर्नामेंट खेलने जाते थे। सभी को 50-50 हजार रुपए देकर वारदात में शामिल किया गया था।

पन्ना के अमानगंज में युवती का अपहरण करने के लिए आरोपियों ने पथरिया से पुलिस की ड्रेस सिलवाई, हटा से खरीदी थी जर्किन

प्रेम प्रसंग का मामला था : बताया जाता है कि युवती मामा के यहां पर रहती थी कि आरोपी देवराज से उसके प्रेमप्रसंग हो गए गए थे। बाद युवती सागर पढ़ने चली गई। वहां पर भी आरोपी मिलने जाता था, लेकिन इस बीच उसके फूंफा को हकीकत पता चल गई थी और उन्होंने उसकी पढ़ाई छुड़ा दी थी। जिसके बाद मिलने के लिए अपहरण की साजिश रची गई। इस मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस विभाग को चार राज्य, पांच एसपी,10 थाना और दो सायबर सेल का सहारा लेना पड़ा। सागर आईजी एसके सक्सेना ने सागर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर पुलिस अधीक्षक की टीम बनाई। इतना ही नहीं इसमें यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस का भी सहयोग लिया गया। .

यह है मामला

दरअसल 28 जनवरी को पन्ना के अमानगंज में आरोपियों ने एक युवती का अपहरण करके उसे 100 डायल वाहन में लेकर गए थे। इस बीच पुलिस कर्मियों को कट्‌टे की नोंक पर बंधक बना लिया था और उनके हाथ लाइलोन की रस्सी से बांध दिए थे। चार आरोपियों के अलावा एक आरोपी बदमाश अमानगंज हिनौता का देवराज सिंह लड़की को लेकर बुलेरो वाहन एमपी 35-सीए-2182 से दमोह, सागर, भोपाल, इंदौर, गुना होते हुए शिवपुरी पहुंचे थे। जहां से अन्य आरोपी वाहन से वापस आ गए और देवराज सिंह लड़की को लेकर आगरा, दिल्ली तरफ जाकर वापस टीकमगढ़ लौटा। जहां पर 31 जनवरी को सुबह पुलिस द्वारा अपहत लड़की को दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। मुख्य आरोपी के फरार हो जाने पर गिरफ्तारी के लिए लगातार सर्चिग अभियान जारी है। इस मामले में पुलिस को आरोपियों से एक पिस्टल, एक 315 बोर का कट्टा और 7 जिन्दा कारतूस, मोबाईल फोन मिले हैं।

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