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बैसाख माह की पूर्णिमा पर बूढ़े महादेव के रूप में सजे भगवान जागेश्वरनाथ, उमड़ा आस्था का सैलाब

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:10 AM IST

Damoh News - भास्कर संवाददाता | दमोह/बनवार बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर धाम में वर्ष में एक बार होने वाले...

बैसाख माह की पूर्णिमा पर बूढ़े महादेव के रूप में सजे भगवान जागेश्वरनाथ, उमड़ा आस्था का सैलाब
भास्कर संवाददाता | दमोह/बनवार

बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर धाम में वर्ष में एक बार होने वाले बूढ़े महादेव के दिव्य श्रृंगार दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वैसाख की पूर्णिमा को देवश्री जागेश्वरनाथ के दर्शनों के लिए सुबह 5 बजे से पट खुलने के पहले ही हजारों श्रद्धालुओं की कतारें लग चुकी थीं। जैसे ही मंदिर के पट खोले गए तो पूरा परिसर बम-बम भोले व जय जागेश्वरनाथ के जयकारों से गूंज उठा।

सुबह से दोपहर 2 बजकर 30 मिनिट तक भक्तों की कतारें लगीं रही। एक भी मिनिट के लिए भक्तों की कतार दर्शनों के लिए नहीं टूटी थी। दोपहर के बाद सांध्य आरती के समय भगवान का वर्ष में एक बार होने वाले बूढ़े महादेव के दिव्य व भव्य श्रंगार के दर्शनों के लिए मंदिर में मध्य रात्रि तक भीड़ बनी रही।

बांदकपुरधाम में वैसाख पूर्णिमा पर शिवजी के दर्शन करने भक्तों की कतारें लगी रहीं।

भास्कर संवाददाता | दमोह/बनवार

बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर धाम में वर्ष में एक बार होने वाले बूढ़े महादेव के दिव्य श्रृंगार दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वैसाख की पूर्णिमा को देवश्री जागेश्वरनाथ के दर्शनों के लिए सुबह 5 बजे से पट खुलने के पहले ही हजारों श्रद्धालुओं की कतारें लग चुकी थीं। जैसे ही मंदिर के पट खोले गए तो पूरा परिसर बम-बम भोले व जय जागेश्वरनाथ के जयकारों से गूंज उठा।

सुबह से दोपहर 2 बजकर 30 मिनिट तक भक्तों की कतारें लगीं रही। एक भी मिनिट के लिए भक्तों की कतार दर्शनों के लिए नहीं टूटी थी। दोपहर के बाद सांध्य आरती के समय भगवान का वर्ष में एक बार होने वाले बूढ़े महादेव के दिव्य व भव्य श्रंगार के दर्शनों के लिए मंदिर में मध्य रात्रि तक भीड़ बनी रही।

दुर्लभ व दिव्य दर्शन के

लिए जिले भर से आते है

श्रद्धालु

मंदिर प्रबंधक राम कृपाल पाठक ने बताया कि बैसाख पूर्णिमा को देवश्री जागेश्वरनाथ का भव्य श्रंगार बूढे महादेव के स्वरूप में किया जाता है। जिसमें भगवान को जटाएं से सुसज्जित दाढ़ी मूछ भगवा वस्त्र से बूढ़े महादेव के स्वरूप में श्रृंगार से सुसज्जित किया जाता है। जिनके दुर्लभ व दिव्य दर्शन के लिए जिले सहित आसपास के जिलों गांव से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बैसाख पूर्णिमा को 40 हजार श्रद्धालुओं ने देवश्री जागेश्वरनाथ के दर्शन किए। बेसाख पूर्णिमा को भगवान की विशेष श्रंगार आरती के दर्शनों की पुरातन परंपरा है।

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