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दो जर्जर सड़कें पीडब्ल्यूडी से छिनकर अब एमपीआरडीसी के हाथों में पहुंचीं

तेजगढ़-अभाना और बालाकोट-दमोह सड़क अब एमपीआरडीसी बनाएगी भास्कर संवाददाता| दमोह लंबे समय से जर्जर हो चुकी दमोह की...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:15 AM IST

दो जर्जर सड़कें पीडब्ल्यूडी से छिनकर अब एमपीआरडीसी के हाथों में पहुंचीं
तेजगढ़-अभाना और बालाकोट-दमोह सड़क अब एमपीआरडीसी बनाएगी

भास्कर संवाददाता| दमोह

लंबे समय से जर्जर हो चुकी दमोह की दो सड़कें अब पीडब्ल्यूडी के हाथ से निकलकर एमपीआरडीसी के हाथों में पहुंच गईं हैं। गड्ढों से पटी इन सड़कों से लोगों को आवाजाही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अनदेखी के चलते अभाना से तेजगढ़ और बालाकोट से दमोह के बीच इन सड़कों पर जगह-जगह दो से तीन फीट लंबे और आधे फीट गहरे गड्ढे हो गए थे। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व यात्रियों को परेशानी उठाना पड़ रही थी। पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों का न तो मेंटनेंस किया और न ही सुधार कराया। ऐसे में यह सड़कें खूंखार हो गईं हैं।

हाल ही में जारी हुए नोटिफिकेशन में दोनों सड़कों को एमपीआरडीसी के सुपुर्द कर दिया गया। जल्द ही इन सड़कों के जीर्णोद्धार के लिए टेंडर जारी होंगे और उसके बाद इन सीसी कराया जाएगा। दरअसल अभी यह सड़कें डामरीकरण श्रेणी की हैं, लेकिन अब इन्हें सीसी किया जाएगा। अभाना से तेजगढ़ के बीच में जगह-जगह 1 से 2 फीट के गड्ढे हो रहे हैं। करीब 36 किमी सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई। गांव के तेज सिंह और हीरालाल ने बताया कि गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं। दुपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी हो रही है।

इधर बालाकोट से दमोह के बीच में सड़क बुरी तरह जर्जर है। दमोह में पुराने आरटीओ कार्यालय से लेकर बालाकोट के बीच गिट्‌टी, पत्थर, रेत और डामर से भरे हैवी डंपर रात दिन निकलने से पूरा रास्ता उखड़ गया है। लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। कई बार तो रात में वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाता है। सुबह-सुबह भारी संख्या में लोग घूमने के लिए भी यहां पर जाते हैं। लेकिन हादसे का डर होने की वजह से लोगों ने आवागमन कम कर दिया गया है। एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक सुशील कालरा ने कहा कि पहले यह दोनों सड़कें पीडब्ल्यूडी के पास थीं। लेकिन अब इन्हें एमपीआरडीसी के सुपुर्द किया गया है। अब जल्द ही इनके टेंडर होंगे और उनका निर्माण कार्य कराने क लिए एजेंसी तय की जाएगी।

रोजाना गुजरते 2 हजार वाहन

अभाना-तेजगढ़ मार्ग तेंदूखेड़ा जबलपुर से जोड़ता है। इससे आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन 2 हजार वाहन गुजरते है। बस, ट्रक के साथ रेत-मुरम के डंपर, मेटाडोर आवागमन करते हैं। 36 किमी लंबी सड़क बनने से करीब 100 गांवों के लोगों को सुविधा होगी। इसी तरह बालाकोट मार्ग आरटीओ कार्यालय तक बनने से लोगों को राहत मिलेगी। आवागमन सरल हो जाएगा।

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