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19 हजार किसानों को एक साथ भेज दिए एसएमएस, हाइवे पर लगी उपज से भरे वाहनों की लंबी कतार

10 जून की जगह 30 मई तक चना, मसूर और सरसों की खरीदी होने का एसएमएस मिलने से मंडी में अचानक आवक तेज हो गई। सुबह से परिसर में...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:50 AM IST
10 जून की जगह 30 मई तक चना, मसूर और सरसों की खरीदी होने का एसएमएस मिलने से मंडी में अचानक आवक तेज हो गई। सुबह से परिसर में वाहनों का जमावड़ा लग गया। जगह न होने पर ट्रैक्टरों को नंबर से अंदर भेजा गया। इस बीच 100 से ज्यादा ट्रैक्टर सागर-दमोह हाईवे मार्ग पर खड़े रहे। व्यवस्थाएं बिगड़ने की सूचना मिलने पर मंत्री पुत्र सिद्धार्थ मलैया और सागर नाका पुलिस मौके पर पहुंच गई। उन्होंने नंबर से ही मंडी परिसर के अंदर किसानों को माल लेकर जाने दिया। इधर कृषि उपज मंडी की व्यवस्थाएं काबू आने का नाम ही नहीं ले रही हैं, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं। भारी आवक के कारण मंडी का गेट बंद कर दिया गया। मंडी में हम्मालों की कमी और जगह कम पड़ने पर व्यापारियों ने दो दिन के लिए खरीदी बंद कर दी है। अब केवल सोसायटियां ही खरीदी करेंगी।

ज्ञात हो कि शासन ने 26 मई से पहले मंडी में खरीदी के लिए 19 हजार किसानों को एक साथ मैसेज भेज दिए हैं। मैसेज मिलने के बाद एक दिन में 250 से 300 किसानों को मंडी में अपना अनाज लेकर पहुंचना है। अचानक हुए संशोधन से 2 दिन से कृषि मंडी में भारी आवक हो रही है। मंडी में किसान एक साथ ना आ जाएं, इसलिए गेट बंद करना पड़ रहे हैं। परिसर में जगह कम होने के कारण उपज से भरे वाहनों को अंदर नहीं लिया गया। इससे इससे वाहनों की कतारें लग गईं।

10 जून की जगह 30 मई तक चना, मसूर और सरसों की खरीदी होने से मचा हड़कंप

घंटों किसानों को धूप में खड़ा कर उनकी पर्ची बनाई जा रही है

मुडिया के किसान राजेंद्र मिश्रा, गोविंद पटेल ने बताया कि सुबह से सड़क पर खड़े थे। इतने दिन से एसएमएस आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अचानक मैसेज आया और पहुंचना पड़ा। उसने बताया कि 100 की जगह 400 किसानों को एसएमएस कर दिए गए हैं, जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ गईं हैं। गेट पर भी पर्ची बनाने में लापरवाही बरती जा रही है। घंटों किसानों को धूप में खड़ा कर उनकी पर्ची बनाई जा रही है। मंडी में आवक लगातार बढ़ रही है। सीजन के समय हर बार मंडी में जबरदस्त आवक होती है। इससे व्यवस्था गड़बड़ा जाती है। उपज की तौल समय पर नहीं हो पाती अौर विवाद होते हैं।

तेंदूखेड़ा : मंडी के सामने जाम हटाने के लिए पुलिस ने लाठी भांजकर फोड़ दिए तीन वाहनों के साइड मिरर, भीड़ को हटाया

तेंदूखेड़ा | नगर की उपज मंडी के बाहर किसानों के ट्रेक्टरों के कारण मंडी के सामने जाम लगने पर थाना प्रभारी ने आवेश में आकर वाहन अलग कराने के लिए वाहनों पर लाठी भांजकर तीन वाहनों के साइड मिरर तोड़ दिए। पुलिस ने वाहन चालकों को खदेड़कर सड़क पर लगा जाम अलग कराया। इसके बाद वाहनों का आना जाना चालू हो पाया था। मंडी के अंदर चना खरीदी केंद्र में पिछले 8 दिनों से लगभग 4 हजार क्विंटल चना रखा हुआ था, जिससे बुधवार को किसानों और पल्लेदारों में हाथापाई भी हो गई थी। केंद्र में उपज अधिक होने पर तहसीलदार ने कहा था कि पहले जिन किसानों की उपज रखी है उसी की तुलाई की जाएगी। जिससे मंडी के कर्मचारियों ने सुबह से ही गेट का ताला नहीं खोला था जिससे सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी।

सूचना मिलते ही एसडीएम बृजेंद्र रावत, तहसीलदार मोनिका बागमारे, नायब तहसीलदार नंदलाल सिंह ने मंडी पहुंचकर तत्काल पुलिस प्रशासन को बुलाया गया। पुलिस ने आनन-फानन में सड़क से वाहनों को अलग कराने के लिए लाठी भांजनी चालू कर दी, जिससे सौरभ जैन के पिकअप वाहन के अलावा कुल तीन वाहनों के साइड मिरर फोड़ दिए और सभी वाहनों को सड़क के किनारे लगवाया गया।

एसडीएम के बुलावे पर आए पल्लेदार: हैरानी की बात तो यह है कि सुबह से दोपहर 1 बजे तक पल्लेदार नहीं पहुंचे थे, जिससे चना की तुलाई बंद रही। एसडीएम के बुलाने पर पल्लेदार पहुंचे इसके बाद तुलाई चालू हुई। एसडीएम ने मंडी के अंदर व्यापारियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है साथ ही किसानों को दोनों टाइम भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार की शाम तक किसानों का 2 हजार क्विंटल से अधिक के चना की तुलाई हुई है।

व्यापारियों ने 2 दिन के लिए खरीदी बंद की

दमोह अनाज व्यापारी दाल एंड आइल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र जैन ने बताया कि व्यापारी रोज बोली लगा रहे हैं व नीलामी हो रही है। हम्मालों की कमी है जगह भी कम पड़ गई है। ऐसी स्थिति में 18 से 19 मई तक मंडी में खरीदी बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि गड़बड़ियों पर मंडी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। ऐसा होने से अव्यवस्था फैल रही है। दो दिन तक व्यापारी खरीदी नहीं करेंगे।