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दो साल पहले बारिश में जजों के घरों में भर गया था पानी, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, जजों के साथ पीडब्ल्यूडी ईई भी पहुंचे मौके पर

किल्लाई नाका के पास एसबीआई बैंक के बाजू में स्थित जज कालोनी में बारिश के पानी की सही निकासी न होने से हर साल बारिश...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:50 AM IST
किल्लाई नाका के पास एसबीआई बैंक के बाजू में स्थित जज कालोनी में बारिश के पानी की सही निकासी न होने से हर साल बारिश में जजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वर्ष 2016 में तो बारिश का पानी जजों के क्वार्टरों में भर गया था। ऐसे में जजों को सर्किट हाउस में ठहराया गया था। इस लापरवाही की शिकायत जजों ने हाईकोर्ट तक की थी।

हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। दोबारा ऐसे हालात न बनें, इसलिए बारिश से पहले कोर्ट ने इंतजाम करने के लिए कहा है। गुरुवार को जिला सत्र न्यायाधीश शंभू सिंह रघुवंशी जजों के साथ किल्लाई नाका पहुंचे। वहीं पर एसबीआई बैंक के मैनेजर और पीडब्ल्यूडी ईई जेपी सोनकर पहुंचे। सभी ने मिलकर किल्लाई नाका पर स्थित पुलिया का जायजा लिया। इंजीनियरों और जजों ने देखा कि किल्लाई नाका से बारिश का पानी आगे न बहने का क्या कारण है। इस पर इंजीनियर सोनकर नेे सुझाव दिया कि जज काॅलोनी से बारिश का पानी निकालने के लिए बनी नाली काफी सकरी है। इससे बारिश का पर्याप्त पानी नहीं निकल पाता है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए चौड़ा नाला बनाना होगा, जिससे सीधा पानी नाला से निकल जाए। इस मौके पर ईई सोनकर ने बताया कि विभाग नाला बनाने के लिए तैयार है, लेकिन फंड नहीं है। फंड के लिए नगरपालिका और एसबीआई बैंक के साथ बैठक करनी होगी। तब कहीं तय हो जाएगा कि नाला बनेगा कि नहीं। इस बीच सभी जजों ने काफी देर तक बैंक के सामने खड़े होकर नया नाला बनाने को लेकर मंथन किया।

दमोह। किल्लाई नाका चौराहा पर पानी निकासी के संबंध में जायजा लेते न्यायाधीश।

भास्कर संवाददाता | दमोह

किल्लाई नाका के पास एसबीआई बैंक के बाजू में स्थित जज कालोनी में बारिश के पानी की सही निकासी न होने से हर साल बारिश में जजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वर्ष 2016 में तो बारिश का पानी जजों के क्वार्टरों में भर गया था। ऐसे में जजों को सर्किट हाउस में ठहराया गया था। इस लापरवाही की शिकायत जजों ने हाईकोर्ट तक की थी।

हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। दोबारा ऐसे हालात न बनें, इसलिए बारिश से पहले कोर्ट ने इंतजाम करने के लिए कहा है। गुरुवार को जिला सत्र न्यायाधीश शंभू सिंह रघुवंशी जजों के साथ किल्लाई नाका पहुंचे। वहीं पर एसबीआई बैंक के मैनेजर और पीडब्ल्यूडी ईई जेपी सोनकर पहुंचे। सभी ने मिलकर किल्लाई नाका पर स्थित पुलिया का जायजा लिया। इंजीनियरों और जजों ने देखा कि किल्लाई नाका से बारिश का पानी आगे न बहने का क्या कारण है। इस पर इंजीनियर सोनकर नेे सुझाव दिया कि जज काॅलोनी से बारिश का पानी निकालने के लिए बनी नाली काफी सकरी है। इससे बारिश का पर्याप्त पानी नहीं निकल पाता है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए चौड़ा नाला बनाना होगा, जिससे सीधा पानी नाला से निकल जाए। इस मौके पर ईई सोनकर ने बताया कि विभाग नाला बनाने के लिए तैयार है, लेकिन फंड नहीं है। फंड के लिए नगरपालिका और एसबीआई बैंक के साथ बैठक करनी होगी। तब कहीं तय हो जाएगा कि नाला बनेगा कि नहीं। इस बीच सभी जजों ने काफी देर तक बैंक के सामने खड़े होकर नया नाला बनाने को लेकर मंथन किया।

बारिश में होती है परेशानी

दरअसल हर साल जज काॅलोनी में पानी भर जाता है। इस बार बारिश कम होने की वजह से परेशानी नहीं हुई। वर्ष 2016 में तो क्वार्टरों में पानी भर गया था। रातों रात परिवार सहित न्यायाधीशों को सर्किट हाउस पहुंचना पड़ा था। ऐसा होने से जजों को बेहद परेशानी हुई थी। कुछ जजों ने इस बात की शिकायत हाईकोर्ट तक भेजी थी, जहां से पत्र लिखकर पीडब्ल्यूडी, नगरपालिका और बारिश से पहले सुधार कार्य करने के लिए कहा गया है।