प्रशासन सख्त लेकिन लोग अभी भी लापरवाह

Damoh News - कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के चलते लोगों में गंभीरता नजर नहीं आ रही है। सुबह से सब्जी फल...

Mar 25, 2020, 06:55 AM IST

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के चलते लोगों में गंभीरता नजर नहीं आ रही है। सुबह से सब्जी फल किराना की दुकानें खुली रहने की ढील के चलते दुकानदार दिनभर दुकानें खोल रहे हैं, वहीं दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है। मंगलवार को बाजार में सामान्य दिनों तरह चहल पहल नजर आईं, लेकिन दोपहर 1 बजे के बाद प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की सख्ती के बाद दुकानें बंद कराई गई और भीड़ में खड़े लोगों को भगाया गया। दोपहर बाद शहर में सन्नाटा नजर आने लगा। उधर जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार की जांच कराने दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। कचौरा मंडी में पुलिस कर्मियों ने दुकानें बंद कराईं। वहीं घंटाघर से उमा मिस्त्री की तलैया मार्ग पर सब्जी, फल विक्रेताओं को भगाया। इधर कलेक्टर ने 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित कर दिया है।

भास्कर टीम ने मंगलवार को शहर के मुख्य बाजारों, सब्जी मंडी, कृषि उपज मंडी, रेलवे ओवर ब्रिज, रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो सभी जगह लापरवाही नजर आई।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जिला मजिस्ट्रेट तरूण राठी ने जिले की राजस्व सीमा के अंतर्गत पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में संशोधन किया है। आदेश अनुसार अब सार्वजनिक उचित मूल्य की दुकानें प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। चश्में की दुकान, किराना दुकान, फल सब्जी की दुकानें, पशु आहार दुकानें मात्र दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ही खुलेंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आयुष चिकित्सा शिक्षा व पशुपालन विभाग प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे। आदेश का उल्लंघन चूक करने पर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा-188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

निर्णय : ग्राम रोजगार सहायक संगठन सचिव दो दिन का मानदेय मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराएंगे

दमोह। मध्यप्रदेश ग्राम रोजगार सहायक संगठन सहायक सचिव संघ ने मंगलवार को अपना दो दिन का मानदेय मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का निर्णय लिया। जिसमें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार से कंधा से कंधा मिलाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ग्राम पंचायत स्तर पर सबसे निचली कड़ी के रूप में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायक संगठन प्रत्येक सहायक सचिव साथी द्वारा प्रदेश के आव्हान पर समस्त जिलाध्यक्ष एवं 313 ब्लॉक अध्यक्षों की सहमति से महत्वपूर्ण निर्णय लिया। जिसमें प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में लगभग 19 हजार पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में अपने दो दिन के मानदेय को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का निर्णय लिया। यह पैसा मनरेगा परिषद से सीधा मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने का अनुरोध प्रदेश संगठन द्वारा किया गया है।


निरीक्षण : अधिकारियों ने मास्क, सैनिटाइजर की कीमत पता करने एक व्यक्ति को मेडिकल स्टोर पर भेजा

दमोह। जिले में दुकानदारों द्वारा मास्क एवं सैनिटाइजर को अधिक दाम पर बेचने की शिकायत मिलने निरीक्षण किया गया। कलेक्टर तरूण राठी के निर्देश पर संयुक्त दल खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश अहिरवार, औषधि निरीक्षक महिमा जैन एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने स्टॉक एवं कीमतों की जांच के लिए शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। विक्रय कीमत का पता करने के लिए दल द्वारा आम आदमी को मास्क एवं सैनिटाइजर क्रय करने मेडिकल स्टोर भेजा, जिसमें सैनिटाइजर को कुछ स्टोर संचालक द्वारा एमआरपी पर बेचा गया तथा कुछ ने 100 एमएल सैनिटाइजर को 100 रुपए में बेचा जो कि एमआरपी से कम में बेचना पाया गया। इसके साथ ही इन वस्तुओं के सबंध में उपलब्ध रिकार्ड भी जांच दल द्वारा चेक किए गए। किसी भी मेडिकल स्टोर पर अत्यधिक स्टॉक नहीं पाया गया, संचालकों द्वारा बताया गया अन्य जिलों से परिवहन रुक जाने की वजह से स्टॉक उपलब्ध नहीं हो पा रहा, जितना आर्डर दिया गया उससे कम मात्रा में या बिल्कुल भी नहीं मिल पा रहा।


सुविधा: अब किराना, फल सब्जी की दुकानें दोपहर 12 से 3 बजे तक खुलेंगी

रात 10:30 बजे : राशन, दवा और जरूरी सामग्री खरीदने के लिए टूट पड़े लोग, एटीएम में लंबी लाइनें दिखीं

दोपहर 1:10 बजे

दोपहर 12:50 बजे

दोपहर 12:40 बजे

सब्जी मंडी

दोपहर 12:30 बजे

दोपहर 12:15 बजे

प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिन का लॉकडाउन सुनकर बाजार में मची अफरा-तफरी

पुलिस की सख्ती

घंटाघर

पथरिया फाटक

कृषि उपज मंडी

दमोह | प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिन का लॉकडाउन का संदेश सुनने के बाद बाजार में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई । एटीएम बूथ, किराना, मेडिकल, सब्जी दुकान और आटा चक्की पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने चौराहों पर नाका बंदी लगा दी और लोगों को निकलने नहीं दिया। रात 10.30 बजे तक लोग सामग्री खरीदने के लिए खुली दुकानें तलाशने में जुटे थे। इधर कलेक्टर ने मंगलवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लोगों को राशन और जरूरी सामग्री खरीदने के लिए छूट देने की बात कही है, हालांकि सुबह 9.30 बजे वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। कलेक्टर तरुण राठी ने बताया कि आदेश जारी हो गए हैं, सभी को निर्देश दिए जा रहे हैं, सभी आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल की स्थिति को देखते हुए मंगलवार को तीन घंटे की छूट देने पर विचार किया गया है। इसके बाद शासन से जो आदेश मिलेगा, उस हिसाब से काम किया जाएगा। इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शाम 8 बजे जैसी ही संबाेधन प्रारंभ हुआ और उन्होंने सोमवार को रात 12 बजे से आने वाले 3 सप्ताह तक का लाॅकडाउन घोषित किया, बाजार में भीड़ मच गई। लोग 21 दिन का इंतजाम करने के लिए राशन, रुपए, दवाइयां की दुकानों पर पहुंचे। जिला अस्पताल चौराहा पर एक मेडिकल दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई।


घंटाघर पर लोगों की भीड़ की शिकायत कुछ लोगों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई तो पुलिस सक्रिय हुई। इस दौरान पुलिस ने हनुमान गढ़ी के सामने प्रसाद की दुकान लगाए हाथ ठेले वालों सहित सब्जी दुकानों पर जमा भीड़ को खदेड़ा। वहीं दूसरी ओर मागंज स्कूल के सामने स्थित सब्जी दुकानदारों को भी हटाने की बात कही।


शहर के हृदय स्थल घंटाघर पर सबसे ज्यादा लापरवाही नजर आई। यहां पर मुख्य बाजार जरूर बंद थे, लेकिन सभी मुख्य मार्गों पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की आवाजाही लगी हुई थी। कुछ युवा तो एक बाइक पर तीन-तीन सवारी बैठकर तेज प्रेशर हार्न बजाते हुए निकल रहे थे। लोगों में लॉकडाउन को लेकर कोई भय नजर नहीं आया।

यहां पर ओवर ब्रिज के नीचे दो अलग-अलग झुंडों में लोग खड़े थे। जिसमें दो लोग ही मास्क लगाए थे, बाकी आपस में आजू-बाजू खड़े चर्चा कर रहे थे। ओवर ब्रिज के बाजू से दो सफाई कर्मचारी बंद नाला के अंदर घुसकर कचरा निकाल रहे थे, लेकिन उनके हाथों में न दस्ताने थे न मुंह पर मास्क या रूमाल था।


सब्जी मंडी से लगे कृषि उपज मंडी में सन्नाटा पसरा था, लेकिन कुछ टीन शेडों पर मजदूर व हम्माल वर्ग के लोग आपस में झुंड में बैठे गप्पे लड़ा रहे थे। कोई भी व्यक्ति मास्क नहीं पहने हुए था। जब उनसे पूछा कि आप लोग बिना कोई सुरक्षा के क्यों बैठे हो तो बताया कि हम लोगों के बीच में यहां कोई भी वायरस नहीं आएगा।


यहां पर रोजाना की तरह भीड़ नजर आई। जगह-जगह सब्जी दुकानदार झुंड में बैठे सब्जियां बेच रहे थे। हैरानी की बात यह है कि कुछ लोग ही मास्क लगाए थे, जबकि अधिकांश लोग बिना कोई सुरक्षा के ही अपनी दुकानदारी में व्यस्त थे। जब उनसे पूछा कि प्रशासन ने झुंड में बैठने पर रोक लगाई है, तो उन्होंने कहा हमें कुछ नहीं होगा।

दमाेह। मेडिकल पर दवा खरीदने के लिए लगी भीड़।

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