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खिड़कियाें में नकल के पर्चे, 144 धारा लागू, असामाजिक तत्वों का स्कूल परिसर में जमावाड़ा
जिले में चल रही बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए जिला प्रशासन के तमाम प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को भास्कर टीम ने रामकुमार स्कूल का जायजा तो वहां पर बड़ी संख्या में खिड़कियों के बाजू से फेंकी गई नकल के पर्चे पड़े मिले। इन पर्चों में शुक्रवार को होने वाले साइंस व इतिहास के पर्चे थे। मौके पर पहुंचे केंद्राध्यक्ष राजू गांगरा ने बताया कि कक्षाओं में घुसने के पहले सभी परीक्षार्थियों की चेकिंग की जाती है। फिर भी कोई अंदर छिपाकर लाता है तो हम क्या कर सकते हैं?
बताया गया है कि इस स्कूल में नवजाग्रति स्कूल का सेंटर बनाया गया है। जिसमें अधिकारियों के बच्चे भी परीक्षा दे रहे हैं। एक पेपर में तो एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ घड़ी लेकर पहुंचा था, जिसे परीक्षक ने जब्त कर बाहर रखवा दिया था। इस सेंटर से एसडीएम ने एक परीक्षार्थी का नकल प्रकरण भी बनाया है। परीक्षा के दौरान दमोह एक्सीलेंस स्कूल में 2 और रामकुमार स्कूल में 2 नकल प्रकरण बने।
एक्सीलेंस और रामकुमार स्कूल में
दो- दो नकल प्रकरण बने
अब तक बने नकल प्रकरण
10वीं 04
12वीं 06
अब तक बने 10
जबकि पिछले साल 137 प्रकरण बने थे
डीईओ ने एक भी प्रकरण नहीं बनाया, पिछले साल 137 प्रकरण बने थे
डीईओ पीपी सिंह सेंटरों पर भ्रमण करने गए, लेकिन उन्होंने एक भी नकल प्रकरण नहीं बनाया, उन्हें कहीं पर कोई नकल नहीं मिली, जबकि बीते साल तत्कालीन डीईओ रवि सिंह बघेल ने 137 नकल प्रकरण बनाए थे। हालांकि कुछ केंद्रों पर कलेक्टर ने प्रेक्षक भी नियुक्त किए हैं। शुक्रवार को कक्षा बारहवीं के साइंस, इतिहास विषय में 4 प्रकरण बने। एक्सीलेंस स्कूल में खनिज अधिकारी रवि पटेल ने दो नकल प्रकरण बनाए।
परीक्षा शुरू होते ही केंद्र पर मंडराने लगते हैं लोग
जिले के बालाकोट परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होते ही दर्जनों लोग मंडराने लगते हैं। जो परीक्षा कक्ष की खिड़कियों से अंदर नकल फेंकने का भी प्रयास करते हैं। इस स्कूल की बाउंड्रीवॉल नहीं है, साथ ही आसपास मकान भी बने हैं। पूर्व में भी यह स्कूल नकल के लिए बदनाम रहा है। इसके बावजूद भी यहां पर जिस पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई है वह भी पूरे समय मौजूद नहीं रहता है। केंद्राध्यक्ष बीएल बिदौल्या ने बताया कि कुछ तत्व स्कूल के आसपास घूमते हैं। जिन्हें रोजाना हिदायत देते हैं, इसके बावजूद भी वह आसपास ही मंडराते रहते हैं। जिसके चलते उन्हें स्वयं ही चारों ओर घूमना पड़ता है। यहां पर पुलिस की नियमित ड्यूटी आवश्यक है। केंद्राध्यक्ष ने सवाल उठाया कि सभी केंद्रों पर धारा 144 लगाई गई है, लेकिन इसका असर केंद्र पर दिखाई नहीं देता।
100 फीसदी दृष्टिबाधित ने दी परीक्षा : जिले के एमएलबी स्कूल में चल रही परीक्षा के दौरान 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित परीक्षार्थी द्वारा अपने राइटर की सहायता से परीक्षा दी जा रही है। परीक्षार्थी सूरज अहिरवार ने बताया कि वह एक्सीलेंस स्कूल का छात्र है। उसे बचपन से ही दिखाई नहीं देता है। लेकिन वह आगे बढ़ना चाहता है। इसलिए राइटर अक्षर मिश्रा के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर बोलकर परीक्षा दे रहा है।
हम पूरा प्रयास कर रहे हैं
Ãहमारी टीमें परीक्षा केंद्रों पर जाकर सघन मॉनीटरिंग कर रही हैं। मैं स्वयं हर पेपर में जाकर देखता हूं। सभी केंद्राध्यक्षों को भी सख्त हिदायत दी गई है। जब किसी के पास नकल नहीं मिलेगी तो प्रकरण कैसे बना सकते हैं। संवेदनशील केंद्रों पर शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन की टीम पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं। जहां ज्यादा दिक्कत है, वहां कलेक्टर द्वारा प्रेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। - पीपी सिंह, डीईओ
बोर्ड परीक्षा : प्रशासन के सख्ती के बावजूद भी नकल माफिया पर नहीं कस रही नकेल, 4 नकल प्रकरण बने
बताया गया है कि इस स्कूल में नवजाग्रति स्कूल का सेंटर बनाया गया है। जिसमें अधिकारियों के बच्चे भी परीक्षा दे रहे हैं। एक पेपर में तो एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ घड़ी लेकर पहुंचा था, जिसे परीक्षक ने जब्त कर बाहर रखवा दिया था। इस सेंटर से एसडीएम ने एक परीक्षार्थी का नकल प्रकरण भी बनाया है। परीक्षा के दौरान दमोह एक्सीलेंस स्कूल में 2 और रामकुमार स्कूल में 2 नकल प्रकरण बने।
जिले के अधिकांश केंद्रों पर जमकर नकल चल रही है। बनवार, तेंदूखेड़ा, बालाकोट, पुरा, तेजगढ़, इमलियाघाट, रजपुरा, फुटेरा, रजपुरा, झलोन, फतेहपुर, केरबना, सोजना, दिनारी, कुमेरिया, बांसातारखेड़ा ऐसे केंद्र जहां पर नकल माफिया पहले से ही सक्रिय हैं। जहां पर अधिकारी एवं उड़नदस्ता टीम पहुंचने के पहले ही उन्हें उनकी भनक लग जाती है। यही कारण है कि इस बार अब तक महज 6 नकल प्रकरण ही बने हैं। इनमें 5 नकल प्रकरण एसडीएम ने बनाए हैं। डीईओ की टीम ने एक भी प्रकरण नहीं बनाया है। तेंदूखेड़ा नगर में खुलेआम नकल चल रही है, ड्यूटी टीचर नकल करवा रहे हैं, हैरानी की बात यह है कि सेंटर नजदीक होने के बाद भी एसडीएम नकल पकड़ने यहां तक नहीं पहुंचे, जबकि सभी डिप्टी कलेक्टर को कलेक्टर ने आदेश जारी किए हैं।