- Hindi News
- National
- Damoh News Mp News Inspection Of Chaat Fulki Centers And Faluda Ice Cream Shops Quality Check
चाट-फुल्की सेंटरों एवं फालूदा आइस्क्रीम दुकानों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता जांची
खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता करने के आसान परीक्षण की जानकारी के उद्देश्य एवं उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न शहरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी को भेजा गया है। दमोह में मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स द्वारा शहर में स्थित विभिन्न फुल्की, चाट सेंटर्स एवं फालूदा आइस्क्रीम हॉकर्स का निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश अहिरवार, प्रीति राय ने शहर की विभिन्न चाट दुकानों एवं फुल्की सेंटरों का निरीक्षण किया। जहां फुल्की के पानी की गुणवत्ता की जांच की एवं फालूदा आइस्क्रीम हॉकर्स से फालूदा एवं आइस्क्रीम की गुणवत्ता की जांच की। जिला जेल के सामने स्थित चाट फुल्की सेंटर, बेलाताल के सामने, तहसील कार्यालय के पास, तीनगुल्ली, जबलपुर रोड, सिनेमा रोड, पुराना थाना रोड आदि एक दर्जन से अधिक चाट एवं फुल्की की दुकानों एवं फालूदा आइस्क्रीम हाकर्स की जांच की गई। सभी फुल्की विक्रेताओं के यहां फुल्की पानी पूरी के पानी में टॉरटेरिक एसिड हाइड्रो क्लोरिक एसिड ऑक्जेलिक एसिड एवं अन्य एसिड के इस्तेमाल की जांच की गई। मोबाइल फूड लैब की सहायता से मेटानिल येलो कलर के घोल से एसिड की उपस्थिति की जांच की गई। कार्यवाही में किसी भी दुकानदार के यहां एसिड का उपयोग करते हुए नहीं पाया गया।
मौके पर किसी भी चाट एवं फुल्की बेचने वालों के पास मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं पाए गए हैं। इस संबंध में सभी खाद्य विक्रेताओं को मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। फालूदा कुल्फी एवं आइस क्रीम हॉकर्स के यहां खाद्य सामग्री में प्रतिबंधित अखाद्य कलर नहीं पाया गया है। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला दमोह जिले में 13 मार्च तक भ्रमण पर रहेगी।
सभी को दिए निर्देश
अधिकारियों ने बताया मेटानिल येलो कलर के मिलाने से अगर फुल्की का पानी गुलाबी रंग का हो जाता है तो फुल्की के पानी में एसिड की मिलावट की पुष्टि हो जाती है। साथ ही हाइड्रो क्लोरिक एसिड की सहायता से बटर मटर मसाला में अखाद्य कलर की जांच भी गई। निरीक्षण के दौरान अधिकतर चाट एवं फुल्की दुकानों में फूड लाइसेंस एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगा हुआ नहीं पाया गया तथा फुल्की बनाने वाले को एप्रन, हेड कवर एवं हैंड ग्लब्स का इस्तेमाल करते हुए नहीं पाया गया है। सभी दुकानों में साफ सफाई एवं फूड हाइजीन का स्तर सुधारने के लिए खाद्य विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं।