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प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू को मिल रहा व्यापक समर्थन

एक वर्ष पहले
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विश्वव्यापी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू लगाने का आवाहन किया है। जिसमे देश वासियों से सुबह 5 बजे से 9 बजे तक अपने घरों में ही रहने की अपेक्षा जताई है। कोरोना वायरस संक्रमण की सीरीज को ब्रेक करने प्रधान मंत्री मोदी की युक्ति को विश्व भर से सराहना मिली है और अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने उम्मीद जताई कि भारत जैसे विशाल देश में यदि कोरोना के संक्रमण को 12 घंटे के लिए ब्रेक कर दिया तो उसका असर चौथाई रह जाएगा।

भाजपा नगर मंडल, महिला मंडल, विहिप आदि संगठनों के सदस्यों ने तो पूर्ण समर्थन दिया ही है। वहीं किराना व्यापारी संघ, व्यापारी महासंघ, पटेरिया मार्केट संघ, फुटपाथ संघ आदि ने जनता कर्फ्यू को पूर्ण समर्थन देते हुए 22 मार्च को सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक घरों में ही रहकर व्यापारिक गतिविधियां चलाने का निर्णय लिया है। कुछ बस संगठनों ने भी आज पूरे दिन बस संचालन बंद करने की घोषणा की है।

अधिवक्ता संघ की मांग कार्रवाई को स्थगित करें

तेंदूखेड़ा| अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लेखाराम साहू व अधिवक्ता नितिन जैन ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को आवेदन दिया। जिसमें कोरोना वायरस के फैलने की समस्या को लेकर राजस्व न्यायालय की कार्रवाई को स्थगित किए जाने की मांग की गई है। जिस पर तहसीलदार कार्यपालिक दंडाधिकारी मोनिका बाघरे ने कलेक्टर को पत्र लिखकर अधिवक्ताओं के आवेदन पत्र का हवाला देकर लिखा है कि वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए उच्च न्यायालय के आदेश से व्यवहार न्यायालय एवं अन्य न्यायालयीन कार्यवाही स्थगित हैं।

तेंदूखेड़ा| अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लेखाराम साहू व अधिवक्ता नितिन जैन ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को आवेदन दिया। जिसमें कोरोना वायरस के फैलने की समस्या को लेकर राजस्व न्यायालय की कार्रवाई को स्थगित किए जाने की मांग की गई है। जिस पर तहसीलदार कार्यपालिक दंडाधिकारी मोनिका बाघरे ने कलेक्टर को पत्र लिखकर अधिवक्ताओं के आवेदन पत्र का हवाला देकर लिखा है कि वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए उच्च न्यायालय के आदेश से व्यवहार न्यायालय एवं अन्य न्यायालयीन कार्यवाही स्थगित हैं।

जिसका प्रमुख कारण है कि एक जगह लोगों का जुड़ाव न हो। वर्तमान में राजस्व न्यायालयों की कार्रवाई को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं है। जिससे कार्यालयों में लोगों की काफी संख्या में जुड़ाव होता है। एवं कर्मचारी तथा अधिवक्ताओं के प्रभावित होने का खतरा दिन प्रतिदिन बना है। अपरिहार्य कारण एवं जन स्वास्थ्य को देखते हुए राजस्व न्यायालय की कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश जारी करने का आवेदन किया है।
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