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बारात घरों से निकलने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे से लोग परेशान
नगर में अधिकांश बारात घरों से निकलने वाले कचरे को डंप करने के कुप्रबंधन से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शादी के सीजन में नगर के सभी बारात घरों में शादी के दौरान होने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक यूज के उपयोग के बाद दूसरे दिन वह कचरा विकराल रुप ले लेता है और उसे बारात घर के आसपास ही कचरा घरों में डाल दिया जाता है। जिससे वहां घूम रहे आवारा मवेशी उस कचरे को खाने के चक्कर में फैला देते हैं। खाने के बाद इन्हीं मवेशियों की धीरे-धीरे मौत हो जाती है क्योंकि ये ऐसे प्लास्टिक को पचा नहीं पाते हैं।
उपयोग होने के बाद बची भोजन सामग्री को भी टेंट संचालक अपने बर्तन खाली करने के लिए रात में ही भोजन सामग्री बारात घर के आसपास फेंक देते हैं और सुबह यह भोजन सामग्री दुर्गंध देने लगती है। और यहां रहने और निकलने वाले लोगों को बदबू से परेशान होना पड़ता है। राजकिशोर, महेन्द्र, भरत ने बताया कि आए दिन यहां पर कचर फेंका जाता है। कभी समय से यह कचरा उठ जाता हैं तो ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन जब यह कचरा दूसरे दिन उठता है तो बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि शासन द्वारा भले ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन नगर पालिका की अनदेखी के चलते नगर में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री जोरों पर चल रही है।
क्या हो सकता है समाधान
नगर में गौरीशंकर, चंडीजी, अधियारा बगीचा, बड़ा बाजार सहित शासकीय और अशासकीय एक दर्जन से अधिक भवनों में शादी समारोह आयोजित किए जाते हैं। लेकिन एक भी भवनों में कचरा डंप करने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं है। भवन किराए देने से पहले यह शर्त रखी जा सकती है कि कार्यक्रम के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं कर सकते हैं। बचा हुआ भोजन खुले में नहीं फेंक सकते। निकलने वाले कचरे को डस्टबिन में ही डालें, लेकिन डस्टबिन की व्यवस्था भवन मालिक को ही करनी पड़ेगी।
दी जाएगी हिदायत
- कपिल खरे, प्रभारी सीएमओ
उपयोग होने के बाद बची भोजन सामग्री को भी टेंट संचालक अपने बर्तन खाली करने के लिए रात में ही भोजन सामग्री बारात घर के आसपास फेंक देते हैं और सुबह यह भोजन सामग्री दुर्गंध देने लगती है। और यहां रहने और निकलने वाले लोगों को बदबू से परेशान होना पड़ता है। राजकिशोर, महेन्द्र, भरत ने बताया कि आए दिन यहां पर कचर फेंका जाता है। कभी समय से यह कचरा उठ जाता हैं तो ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन जब यह कचरा दूसरे दिन उठता है तो बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि शासन द्वारा भले ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन नगर पालिका की अनदेखी के चलते नगर में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री जोरों पर चल रही है।
मैरिज गार्डन में आजकल हर सब्जी परोसने के लिए प्लास्टिक की कटोरियां रखी जाती हैं। इसी तरह पानी पीने के लिए भी प्लास्टिक के गिलास रखे जाते हैं, जिनका एक बार उपयोग होने के बाद फेंक दिया जाता है। यही कारण है कि नगर के सभी बारात घरों से बड़ी मात्रा में सिंगल यूज प्लास्टिक निकल रहा है। जिसका सही तरीके से निष्पादन न होने के कारण पर्यावरण के लिए भी नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन इस ओर जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे।