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आध्यात्म शिक्षा सर्वश्रेष्ठ शिक्षा है इसका अनुशरण करें: मुनिश्री

एक वर्ष पहले
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सगरा में चल रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान में उमड़े श्रद्धालु

सगरा ग्राम में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान में रविवार को मुनिश्री प्रबुद्ध सागर महाराज ने कहा कि सरोवर को देखो जिसमें रंग भी नहीं हैं और तरंग भी नहीं है। उस सरोवर को देखने से उसके अंदर तक दर्शन हो जाता है। जिस सरोवर में रंग होता है तरंग होती है उस सरोवर के तल को नहीं देख सकते, उसकी सतह तक नहीं पहुंच सकते। इसी तरह हम परमात्माओं की आराधना करते हैं। ऐसे वो अनंतानंद परमात्मा हैं। जिनके सरोवर में न तो रंग है न तरंग है।

बनवार। सिद्ध चक्र विधान में मंगल प्रवचन देते मुनिश्री प्रबुद्ध सागर महाराज।

जिले व आसपास के जिले से आए कवियों ने श्रोताओं को आध्यात्मिक चेतनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों में भूपेंद्र जैन, सजल जैन, अभिषेक जैन, अनेकांत जैन ने मंच से शानदार प्रस्तुतियां दी। मंच संचालन अमन अक्षर जैन, संजना जैन, प्रियम जैन ने किया।

सकल जैन समाज जबेरा ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर जबेरा पधारने का किया निवेदन

रविवार को सकल दिगंबर जैन समाज जबेरा ने सगरा में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान ने पहुंचकर वहां विराजमान मुनिश्री प्रबुद्ध सागर महाराज को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही सकल जैन समाज की ओर से जबेरा पधारने का निवेदन किया। गौरतलब हे कि जबेरा में जीर्णशीर्ण मंदिर परिसर के स्थान पर नवीन परिसर का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए शीघ्र ही समाज एक कार्यक्रम के माध्यम से शिलान्यास एवं भूमिपूजन का कार्यक्रम मुनिश्री के सानिध्य में आयोजित करने वाली है। इस दौरान से अजय सिंघई, डॉ. मनोज जैन, राजेश जैन ने मुनिश्री की धर्मसभा में अपनी योजना की जानकारी दी।

सगरा ग्राम में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान में रविवार को मुनिश्री प्रबुद्ध सागर महाराज ने कहा कि सरोवर को देखो जिसमें रंग भी नहीं हैं और तरंग भी नहीं है। उस सरोवर को देखने से उसके अंदर तक दर्शन हो जाता है। जिस सरोवर में रंग होता है तरंग होती है उस सरोवर के तल को नहीं देख सकते, उसकी सतह तक नहीं पहुंच सकते। इसी तरह हम परमात्माओं की आराधना करते हैं। ऐसे वो अनंतानंद परमात्मा हैं। जिनके सरोवर में न तो रंग है न तरंग है।

वह निसतरंग व निरंग हो गया है और उस स्वरूप को प्राप्त करना चाहता है। जबकि वही वास्तव में आध्यात्म की श्रेष्ठ शिक्षा है। कार्यक्रम का निर्देशन ब्रम्हचारी नवीन, मौसम शास्त्री द्वारा किया जा रहा है। द्रव्य दान का सौभाग्य रीछई, सगरा तेजगढ़ जबेरा बनवार, सकल जैन समाज को प्राप्त हुआ। महाआरती के बाद अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन हुअा। जिसमें जिले व आसपास के जिले से आए कवियों ने श्रोताओं को आध्यात्मिक चेतनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों में भूपेंद्र जैन, सजल जैन, अभिषेक जैन, अनेकांत जैन ने मंच से शानदार प्रस्तुतियां दी। मंच संचालन अमन अक्षर जैन, संजना जैन, प्रियम जैन ने किया।
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