सबसे बड़ा धर्म उत्तम ब्रह्मचर्य है: प्रशस्त सागर

Damoh News - मुनि श्री 108 प्रशस्त सागर जी महाराज ने दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिवस धर्मसभा को संबोधित करते कहा कि जिसने भी मेरी...

Bhaskar News Network

Sep 13, 2019, 07:05 AM IST
Damoh News - mp news the greatest religion is perfect celibacy the paved ocean
मुनि श्री 108 प्रशस्त सागर जी महाराज ने दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिवस धर्मसभा को संबोधित करते कहा कि जिसने भी मेरी भावना की पंक्ति पढ़ी है और अमल की है वह भगवान बनने की प्रक्रिया में शामिल हो जाएगा, पंक्ति है जिसने राग द्वेष कामादिक जीते सब जग जान लिया, सब जीवों को मोक्ष मार्ग का निशप्रह हो उपदेश दिया, अंत भला सो सब भला, ब्रह्मचर्य धर्म चेतन का भोग है और ईश्वर बनने का मार्ग है।

प्राणी मात्र के कल्याण की भावना है स्वयं के विकारों को जीतकर वह सारे विश्व को जीत लेता है गुरूदेव ने कहा है कि मिट्टी मिली थी मिट्टी में मिली मिट्टी गई मिट्टी में इस संसार में शरीर मिट्टी रूप है जब तक चेतन है स्वार्थ सिद्धि करते आ रहे हैं फिर चेतन चला जाता है तो यह शरीर मिट्टी कहलाने लगता है और जब हम शव को जलाकर आते हैं तो दरवाजे के अंदर नहाकर जाते हैं। इस मिट्टी से राग करोगे तो इंसान कहलाओगे और इस मिट्टी की वीतरागता दिगंबरत्व को प्रदान करोगे तो भगवान बन जाओगे।

आत्मा में आचरण करना ही ब्रह्मचर्य है अथवा जो आत्मा नहीं वे सारे के सारे अब्रह्म हैं वे कौन हैं यह शरीर जो आत्मा के साथ राग दवेश विकारी भाव को रखता है ये आत्मा के विभाव है स्वभाव नहीं पंच इंद्रिय के विशय भोग जब तक शरीर में रहेंगे तब तक शरीर भव भव संसार में भटकेगा। स्त्री मात्र को त्याग देना ब्रह्मचर्य नहीं है पांचों इंद्रियों के विषय भोग इस आत्मा के परिणामों को असंयम अब्रह्म की ओर ले जाता है। श्रावक को ब्रह्मचर्य अंगीकार करना चाहिए इसी में कल्याण है। प्रवचन के बाद देश के ख्याति प्राप्त पं. रतन लाल जी पं. पन्नालाल आगरा बालब्रह्मचारी संजीव जी भैया कटंगी का क्षेत्र कमेटी ने सम्मान किया एवं दशलक्षण के दौरान उपवास करने वालो को भी प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। कमेटी की ओर से महामंत्री नवीन निराला ने पर्व के दौरान हुई त्रुटियों के लिए समस्त उपस्थित सभा-जनों से क्षमा मांगी।

विद्यालय में किया गया पौधारोपण: पथरिया। पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शासकीय हाई स्कूल बरधारी के प्रांगण में पौधारोपण किया गया। विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं के साथ प्राचार्य एमएल जैन, शिक्षक डालचंद असाटी, भरत कुर्मी, दिनेश कुर्मी, भगवानदास, खिलान सेन ने पौधारोपण किया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक डालचंद असाटी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़ पौधे पर्यावरण के लिए अति आवश्यक है। पेड़ पौधों से ही वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड व ऑक्सीजन के बीच संतुलन बना रहता है। ऑक्सीजन पृथ्वी पर सभी जीव के लिए आवश्यक है। आज पृथ्वी पर गर्मी का प्रभाव काफी बढ़ चुका है। हम लोग सूर्य के प्रखंड ताप से झुलस रहे हैं। जिसके कारण हम को अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाना अति आवश्यक हैं जिससे पर्यावरण को बचा सके और मानव सुख शांति के वातावरण में रह सके।

पार्श्वनाथ मंदिर जबेरा में श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई, क्षमावाणी आज मनाई जाएगी

जबेरा। दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य एवं चतुर्दशी के दिन श्री जी की शोभायात्रा निकाली गई। जो दिगंबर पार्श्व नाथ मन्दिर से प्रारंभ होकर पुराना बाजार, नया बाजार, महावीर चौक, पुलिस थाने जबेरा के सामने से होते हुए बस स्टैंड, कॉलेज तक गई वहां से वापस मंदर जी में आकर श्री जी का अभिषेक पूजन किया गया। इस मौके पर सकल दिगंबर जैन समाज के सभी सदस्य शामिल थे। श्रीजी की शोभायात्रा पर्युषण की समाप्ति पर प्रतिवर्ष अनंत चतुर्दशी के दिन आयोजित होती है। विगत दस दिनों से जैन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले एवं तैयार करवाने वालो का पाठशाला समिति की ओर पुरस्कृत किया जाएगा तथा क्षमावाणी भी मनाई जाएगी। जिसमें समाज के सभी जन एक दूसरे से विगत वर्ष में कई गई भूलो एवं गलतियों के लिए आपस मे क्षमा मांगेंगे।

जबेरा। शाेभायात्रा निकाली गई।

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