दो फीट के गड्‌ढे में फंसा ट्रक का पहिया, पलटने से बचा

Damoh News - भास्कर संवाददाता। जबेरा/सिंग्रामपुर दमोह-जबलपुर हाइवे पर जगह-जगह गड्‌ढे हो गए हैं। करोड़ों रुपए की लागत से बने...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:08 AM IST
Damoh News - mp news truck wheel stuck in a two feet pit avoid turning
भास्कर संवाददाता। जबेरा/सिंग्रामपुर

दमोह-जबलपुर हाइवे पर जगह-जगह गड्‌ढे हो गए हैं। करोड़ों रुपए की लागत से बने इस मार्ग की जर्जर हालत के चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। हाइवे मार्ग में बरती गई लापरवाही का नतीजा है कि अपने निर्माण काल से ही कई जगह से उखड़ गया है। तो कई जगह यह मार्ग जमीन में बैठ गया है। स्थिति यह है कि वाहनों में सवार लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे कि वह ऊंट की सवारी कर रहे हों। यही कारण है कि इस मार्ग पर सबसे ज्यादा वाहन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। हर सप्ताह दो से चार लोग काल के गाल में समा रहे हैं।

शुक्रवार सुबह 9 बजे गुजरात से जबलपुर से टाइल्स से लोड 14 चक्का ट्रक आरजी 09 जीसी 9099 अचानक सुबह पुरानी ग्राम पंचायत भवन सिंग्रामपुर के सामने मार्ग पर 2 फीट के गड्‌ढे में गिरते ही अनियंत्रित हो गया। कुछ ही दूर पर लोगों की भीड़ होने के कारण भगदड़ मच गई। जैसे-तैसे चालक ने ट्रक पर नियंत्रण किया और ट्रक पलटने से बच गया।

लेकिन ट्रक बीच सड़क पर आड़ा खड़ा होने के कारण हाइवे का 70 फीसदी हिस्से में जाम लग गया। जिससे वहां पर शाम तक जाम लगा रहा। हालांकि बाद में शेष 30 प्रतिशत जगह पर बजरा डालकर गड्‌ढों में पुराव करके वाहनों की आवाजाही शुरू की गई। सिंग्रामपुर निवासी कपिल जैन, सुरेंद्र जैन, अक्कू जैन, मोहित जैन, सुशील पटेल आदि लोगों ने बताया कि आज बहुत बड़ा हादसा होते होते बच गया। ट्रक के ड्राइवर ने सही समय पर कंट्रोल कर लिया। नहीं तो आज ट्रक मंदिर की बाउंड्री के अंदर पहुंच जाता। वहीं चालक राहुल ने बताया कि गड्‌ढे में गिरकर ट्रक के बोल्ट निकल गए थे, जिससे ट्रक अनियंत्रित हो गया और मुश्किल से काबू पाया गया। परिचालक विनोद ने बताया कि ट्रक समय रहते नियंत्रण नही होता तो बड़ा हादसा घटित हो जाता।

हैरानी की बात तो यह है कि बीते दिनों सड़क के गड्‌ढों को भरने एवं नए सिरे से पूरी सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर दमोह के टोल नाका पर आंदोलन भी हो चुका है, इसके बावजूद भी गड्‌ढो भरने का काम चालू नहीं हो पाया है। हैरानी की बात तो यह है कि शासन-प्रशासन के अधिकारी भी जर्जर सड़क मार्ग की समस्या से परेशान हैं, इसके बावजूद भी वह सड़क की मरम्मत नहीं करा पा रहे हैं।

दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मार्ग की दुर्दशा के सुधार के लिए आवाज तक उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। जिससे मार्ग के भारी भरकम गड्‌ढे वाहन चालकों, यात्री बस के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। जहां तक मार्ग की जर्जर स्थिति की बात की जाए नोहटा सेतु के पास दोनों साइड नोहटा व अभाना सेतु जॉइंट पर एक किमी तक दो दो फीट के समानांतर गड्‌ढे हैं। चालक को इस दुर्गम मार्ग से वाहन निकालते वक्त सौ बार सतर्कता बरतना पड़ती है। क्योंकि जरा सी भी चूक होने पर वाहन गड्‌ढों में गिरकर पलटने का डर बना रहता है।

मुड़र की पुलिया यादव ढाबा सहित नोहटा मढ़ा मंदिर से 17 मील तक गड्‌ढों की भरमार है। वहीं जबेरा बाइपास से लेकर सिंग्रामपुर मार्ग की हालत इतनी खराब है कि भारी वाहन गड्‌ढों में गिरकर आए दिन हादसाग्रस्त हो रहे हैं।

जबेरा। सिंग्रामपुर में गड्ढे में ट्रक फंसने से सड़क पर जाम के हालात बने रहे।

मरम्मत को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके ग्रामीण

स्थानीय निवासी दीपक जैन, विजय जैन ने बताया कि सड़क निर्माण कंपनी द्वारा टोल नाका लगाकर वाहनों से टोल टैक्स तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क सुधार की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि इसके पहले युवाओं द्वारा कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। उन्होंने बताया कि सड़क पर इतने अधिक गड्‌ढे हो गए हैं कि रोजाना ही या तो वाहन पंक्चर हो जाता है या फिर कोई न कोई टूटफूट लगी रहती है। दूसरी ओर सबसे ज्यादा हादसों की आशंका बनी रहती है। रात के समय तो वाहन चलाना जान जोखिम में डालने जैसा ही होता है।

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