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इमलीडोल में महिलाओं ने सुंदर गीतों पर दी प्रस्तुति

एक वर्ष पहले
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महिला दिवस के अवसर पर ग्राम इमलीडोल के पंचायत भवन में ग्रामीण विकास समिति एवं ग्राम पंचायत के द्वारा महिलाओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 253 महिलाओं को सरपंच वंदना ठाकुर, संगीता ठाकुर, नीलम कोष्ठी, उषा ठाकुर ने तिलक लगाकर बधाई दी। साथ ही होली के अवसर पर गुलाल उड़ाकर गीतों की प्रस्तुति दी गईं।

इस दौरान समिति की दीपिका ठाकुर ने महिलाओं के गौरव को बताते हुए कहा कि कल्पना चावला अंतरिक्ष में पहली बार जाने वाली महिला थी। हमारे ग्रामों में अकसर बिना पड़ी लिखी महिलाएं होती हैं जिन्हें उनके अधिकारों की जानकारी नहीं होती है। ग्राम की महिलाएं अपनी भागीदारी से वंचित रह जाती हैं। जिसके चलते ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उनके अधिकार की जानकारी देने के लिए आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान सकीला शेख, कमला पटेल, लक्ष्मी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नारिया नादि काल से आगे रही हैं।

महिला दिवस पर विशेष: बेटियों को आगे बढ़ाने चार साल से बस में ले रहे आधा किराया

दमोह| महिला दिवस पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित हुए। वहीं बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए एक निजी बस संचालक द्वारा बीते चार साल से बेटियों से आधा किराया में यात्रा करने की सौगात दी है। बस संचालक सुनील दाहिया, शिवम दाहिया ने बताया कि चार साल पहले महिला दिवस पर स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं से आधा किराया लेने की शुरूआत की थी। जिसे महिला जनपद उपाध्यक्ष मनीषा तिवारी ने फीता काटकर शुरू किया था। जिसके आज चार वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। उनकी बस नंबर एमपी 34 पी 0216 दमोह से हटा, रनेह व बंधा मार्ग पर चलती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने शपथ ली थी कि जब तक मेरी बस चलेगी तब तक वह बेटियों से आधा किराया लेंगे। साथ ही गरीब बच्चों से किसी भी तरह का किराया नहीं लेंगे। ताकि हमारी देश की बेटी आगे पढ़े और देश एवं दुनिया में नाम रोशन करें।

राजेश, रामक्रेश, धरमदास, सुुभद्रा ठाकुर, माया ठाकुर, मुन्नी ठाकुर, मालती ठाकुर, मोमबाई सहित अन्य महिलाएं मौजूद थीं।


इस दौरान समिति की दीपिका ठाकुर ने महिलाओं के गौरव को बताते हुए कहा कि कल्पना चावला अंतरिक्ष में पहली बार जाने वाली महिला थी। हमारे ग्रामों में अकसर बिना पड़ी लिखी महिलाएं होती हैं जिन्हें उनके अधिकारों की जानकारी नहीं होती है। ग्राम की महिलाएं अपनी भागीदारी से वंचित रह जाती हैं। जिसके चलते ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उनके अधिकार की जानकारी देने के लिए आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान सकीला शेख, कमला पटेल, लक्ष्मी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नारिया नादि काल से आगे रही हैं।

नारियों ने ही बड़े-बड़े राक्षसों का वध कर भय मुक्त समाज की स्थापना की है। इस दौरान सचिव रामकुमार पाल, यशवंत, रमेश, राजेश, रामक्रेश, धरमदास, सुुभद्रा ठाकुर, माया ठाकुर, मुन्नी ठाकुर, मालती ठाकुर, मोमबाई सहित अन्य महिलाएं मौजूद थीं।

तेंदूखेड़ा। कार्यक्रम के दौरान नाचती-गातीं महिलाएं।
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