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सगौनी में पैसेंजर ट्रेन का आना बंद

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | कुम्हारी

बीते एक पखवाड़ा से सगौनी रेलवे स्टेशन से यात्री गाड़ियों का आना-जाना बंद है। कटनी से दमोह की ओर मात्र एक पैसेंजर ट्रेन चल रही है। दमोह से कटनी की ओर जाने वाली लगभी सभी ट्रेनें बंद हैं। ऐसे में सगौनी, कुम्हारी अंचल के 50 से अधिक गांव के लोगों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा गरीब वर्ग के लोग परेशान
गाड़ियां बंद होने के कारण सबसे ज्यादा आम आदमी व गरीब वर्ग की मुसीबतें बढ़ गई हैं। क्योंकि ट्रेनें बंद होने के कारण क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का जिला मुख्यालय आने-जाने का संपर्क कट गया है। सगौनी, कुम्हारी अंचल के सैकड़ों लोग ट्रेनों के माध्यम से ही रोजाना मजदूरी करने के अलावा छोटे-मोटी रोजगार के लिए दमोह व कटनी आते-जाते हैं। लेकिन रेलवे प्रशासन की मनमानी से गरीबों की रोजी-रोटी छिन गई है।

दूसरी ट्रेनों को क्यों नहीं किया जाता बंद
ग्रामीण विजय प्रताप, विक्रम सिंह, शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा छोटे-मोटे कार्य का बहानाकर अक्सर ही पैसेंजर ट्रेनों को बंद कर दिया जाता है। यदि कहीं पर काम चल रहा है तो फिर एक्सप्रेस व मालगाड़ियों को क्यों नहीं रोका जाता। ग्रामीण अंचलों से ज्यादातर लोग पैसेंजर गाड़ियों से ही यात्रा करते हैं, लेकिन इन्हीं गाड़ियों को बंद कर दिया गया है। यह समस्या हल करने की मांग लोागें ने की है।

तीन गुना किराया देकर आने-जाने के लिए मजबूर

कुम्हारी अंचल से रोजाना सैकड़ों लोग दूध व सब्जी बेचने के लिए जिला मुख्यालय पर आते-जाते हैं, लेकिन ट्रेनें बंद होने के कारण दूध का व्यवसाय ठप पड़ा है। हालांकि बस से आने-जाने का रास्ता है, लेकिन बसों से यात्रियों को तीन गुना किराया लगाने के साथ ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जिससे कोई भी सब्जी व दूध विक्रेता दमोह नहीं जा पा रहा है। इसके अलावा सगौनी अंचल से रोजाना सैकड़ों लकड़ी विक्रेता जो जंगल से सूखी लकड़ी बीनकर दमोह में ले जाकर बेचती थीं, उनका व्यापार भी ठप है। ग्रामीण दिनेश राय, विजय ठाकुर, दीपराज पटेल, हेमराज ठाकुर ने बताया कि रेलवे की मनमानी से आम आदमी से लेकर गरीब वर्ग के लोग खासे परेशान हैं

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