SDM के दो साल के बेटे की अचानक मौत, शव घर ले जाने के बाद वापस ले लाए अस्पताल, डॉक्टर कहते रहे- नहीं चल रहीं हैं बच्चे की सांसे, फिर वो एक ही जिद पर अड़े रहे / SDM के दो साल के बेटे की अचानक मौत, शव घर ले जाने के बाद वापस ले लाए अस्पताल, डॉक्टर कहते रहे- नहीं चल रहीं हैं बच्चे की सांसे, फिर वो एक ही जिद पर अड़े रहे

बच्चे को बाजार का दूध पिलाने के बाद आई थी हिचकी

Bhaskar News

Nov 09, 2018, 11:23 AM IST
sdm sanjeev sahu two year old son died of unknown reasons in damoh madhya pradesh

दमोह (एमपी)। पथरिया एसडीएम संजीव साहू के बेटे का बुधवार को निधन हो गया। वह अपनी मां के साथ बिस्तर पर लेटा था। सुबह अचानक बेहोश हो गया परिजनों से तुरंत लेकर डॉक्टर संजय त्रिवेदी के पास पहुंचे। डॉ. त्रिवेदी ने उसका इलाज किया लेकिन सांसें न चलने की वजह से उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर उसका इलाज कराया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत बेटे को जिंदा करने की आस में दोबारा घर से लेकर आए माता-पिता

साहू 2 साल के बेटे का शव लेकर घर पहुंचे लेकिन कुछ देर बाद स्वयं अपनी पत्नी के साथ अस्पताल वापस आ गए। पत्नी ने डॉक्टर के आगे हाथ जोड़कर बार-बार बेटे को वेंटिलेटर पर रखने का निवेदन करती रहीं। बेटा मृत हो जाने की वजह से डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर रखने से इंकार किया उस पर एसडीएम साहू ने विरोध करते हुए बेटे को वेंटिलेटर पर रखने की बात कही, बाद में उसे एसएनसीयू वार्ड में लेकर गए लेकिन वहां पर भी बच्चों के बीच उसे नहीं रख पाया जा सका।

डॉ. कहते रहे, नहीं चल रहीं हैं बच्चे की सांसे, फिर नहीं माने एसडीएम

इस मुद्दे को लेकर डॉक्टर राजेश नामदेव ने कलेक्टर से बात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि बच्चा मृत हो चुका है लेकिन एसडीएम उसे वेंटिलेटर पर रखने की बात कह रहे हैं यह संभव नहीं है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि बेटे को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट करा दिया जाए। काफी देर तक सांस लौटने का डाक्टरों ने प्रयास किया लेकिन सारे प्रयास बेकार साबित हुए। साहू बेटे का शव लेकर घर चले गए। डॉक्टर राजेश नामदेव ने बताया कि बच्चे की उनके घर पर ही डेथ हो चुकी थी लेकिन परिवार के लोग मानने को तैयार नहीं थे इसलिए वह उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे जहां पर उन्होंने बेटे को वेंटिलेटर रखने की बात कही थी, मैंने सारी स्थिति से कलेक्टर को अवगत करा दिया था बेटा जिला अस्पताल लाया गया था इसलिए कुछ कहा नहीं जा सकता।

सांस लौटने की आस में मृतक बेटे का हाथ-पैर रगड़ती रही मां


एक बार घर जाने के बाद एसडीएम साहू बेटे को फिर से अस्पताल लेकर पहुंचे इस बीच उन्होंने और उनकी पत्नी ने बेटे के हाथ पैर में कुर्सी पर बैठा कर मालिश की बार-बार हाथ पैरों को रगड़ा और बेटे को पुकारा मगर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस बीच एसडीएम साहू मेटरनिटी ओटी पहुंचे वहां पर भी उन्होंने बेटे को भर्ती कराने का प्रयास किया लेकिन गेट पर ताला पड़ा होने की वजह से उन्होंने नाराजगी जाहिर की उन्होंने कहा कि यहां पर ऑपरेशन थिएटर में ताला डाला हुआ। इस पर डा. नामदेव ने कहा कि अस्पताल में घटिया व्यवस्थाएं हैं इमरजेंसी में ओटी पर भी ताला पड़ा हुआ है हालांकि उन्होंने किसी बात को लेकर किसी से बहस नहीं की और बाद में अपने बच्चे का शव लेकर घर चले गए। बताया जाता है कि बेटे का नाम आरूष था और एक दिन पहले ही मंगलवार को उसका जन्मदिन था परिवार में उसकी खुशियां बनाई गई थी लेकिन दूसरे दिन उसकी मौत हो गई जिससे परिवार में माहौल गमगीन हो गया। दीपावली के दिन यह घटना होने से परिवार की खुशियां गम में बदल गई।

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