• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Datia News
  • अवैध कनेक्शन से बढ़ी मुसीबत, टंकियां न भर पाने से 3-4 दिन में पानी सप्लाई
--Advertisement--

अवैध कनेक्शन से बढ़ी मुसीबत, टंकियां न भर पाने से 3-4 दिन में पानी सप्लाई

शहर के ईदगाह क्षेत्र में नल से आठ से दस दिन में बमुश्किल पानी पा मिल रहा है। जबकि ईदगाह से सटे मोहल्ले में इतना पानी...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:20 AM IST
शहर के ईदगाह क्षेत्र में नल से आठ से दस दिन में बमुश्किल पानी पा मिल रहा है। जबकि ईदगाह से सटे मोहल्ले में इतना पानी है कि सड़क व नालियों में व्यर्थ बहता रहता है। इस मोहल्ले में रहने वाले शत प्रतिशत परिवारों ने मैन लाइन से अवैध कनेक्शन ले लिए हैं। जबकि ईदगाह मोहल्ले में जहां टंकी से पानी सप्लाई होता है, वहां के वैध कनेक्शन लेने वाले लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं। अवैध कनेक्शनों की वजह से टंकी नहीं भर पा रही हैं, जिससे पानी सप्लाई तीन से चार दिन में हो पाता है। अवैध कनेक्शनों की वजह से टंकियां न भरने की बात खुद नपा अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल स्वीकार करते हैं। लेकिन हैरानी है कि अवैध कनेक्शनधारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

बता दें कि ईदगाह, भरतगढ़ व कुइयापुरा टंकी को भरने के लिए फिल्टर प्लांट से सीधे पानी की लाइनें डाली गई हैं। इन लाइनों से किसी भी प्रकार का कनेक्शन लेना कानून अपराध है। बावजूद उसके इन तीन टंकियों की लाइनों से लगभग 5 सैकड़ा से अधिक लोगों ने अवैध कनेक्शन ले रखे हैं। मेन लाइन में कनेक्शन होने से पानी टंकियों तक नहीं पहुंच पाता। 2 घंटे में भरने वाली टंकी 6 से 8 घंटे में भरती है। परिणाम लोगों को तीन से चार दिन में पानी मिलता है। भरी दोपहर में लोग हैंडपंपों से पानी भरने के लिए मजबूर होते हैं।

मेन लाइन में अवैध कनेक्शन से समय से नहीं भर पाती पानी की टंकियां

हैंडपंप से बुझ रही प्यास

ईदगाह मोहल्ले में 200 परिवारों के लिए चार हैंडपंप लगे हैं। लेकिन इनमें से तीन हैंडपंप खराब हैं। अब केवल एक हैंडपंप सही हालत में है और उसी से सभी 200 परिवारों की प्यास बुझती है। 24 घंटे हैंडपंप पर लोगों को पानी भरते देखा जा सकता है। अगर यह हैंडपंप भी खराब हो जाए तो पूरा मोहल्ला पानी के लिए तरस जाएगा। हैंडपंप सुधरवाने के लिए नपा नपा कर्मचारी सामान निकालकर ले गए लेकिन नया सामान हैंडपंप के अंदर नहीं डाला।

कभी नहीं की गई सख्त कार्रवाई

अंगूरी बैराज से फिल्टर प्लांट व मामा के डेरा फिल्टर प्लांट तक आई मुख्य लाइनों में अवैध कनेक्शन से खेतों की सिंचाई की जाती है। नपा अधिकारी कई बार अवैध कनेक्शन हटाने की कार्रवाई भी कर चुके हैं। लेकिन आज तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई या आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया। परिणाम नपा कर्मचारियों के मुंह मोड़ते ही लोग फिर से अवैध कनेक्शन कर लेते हैं। कुछ ऐसा ही हाल टंकियों को भरने के लिए डाली गई लाइनों का है।

पानी छोड़ने में करते हैं मनमानी

ईदगाह क्षेत्र में हरिजन मोहल्ला है। इसी मोहल्ले में लगभग एक सैकड़ा वाल्मीकि परिवार निवास करते हैं। इन्हीं परिवारों के कुछ सदस्य पानी की टंकी से पेयजल सप्लाई का काम करते हैं। इन नपा कर्मचारियों ने हरिजन मोहल्ले में घर घर में अवैध नल कनेक्शन मेन लाइन से करा दिए हैं, अब सबसे पहले इसी मोहल्ले में पानी पहुंचता है। जब कभी ईदगाह मोहल्ले के लोग अपने मोहल्ले में पानी आने की शिकायत करते हैं तो कर्मचारी टंकी न भरने की बात कहकर चले जाते हैं।

हैंडपंप पर सुबह शाम ज्यादा भीड़ रहती है


कर्मचारी पानी छोड़ने में मनमानी करते हैं


ईदगाह टंकी की मेन लाइन में अवैध कनेक्शन कुछ इस तरह से किए गए हैं।

अवैध कनेक्शन से अव्यवस्था होती है


इधर.. समीक्षा बैठक में मंत्री ने जल निगम के महाप्रबंधक को हटाया

शनिवार को जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कलेक्टोरेट में पेयजल व्यवस्था, सीवर लाइन, पाइप लाइन और पीएम आवास की समीक्षा की। उन्होंने पेयजल व्यवस्था और शहर की खराब सड़कों को लेकर नपा अधिकारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने ग्रामीण समूह सतही नलजल योजना में ढिलाई बरतने पर निगम के महाप्रबंधक को हटाने के निर्देश भी दिए।

जनसंपर्क मंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्रा ने सर्वप्रथम बडौनकलां, सीतापुर, उपरांय, सोनागिर आदि ग्रामों में सतही नलजल योजना के तहत जल निगम द्वारा बनाई जा रही टंकियों के संबंध में प्रगति की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि महाप्रबंधक जल निगम सूचना के बाद भी उपस्थित नहीं हुए और प्रगति भी धीमी है। जनसंपर्क मंत्री द्वारा जल निगम के ईई डीके जैन, कार्यपालन यंत्री को अनुपस्थित रहने तथा कार्य में देरी का जिम्मेदार ठहराते हुए कार्य से पृथक करने के निर्देश दिए। दतिया पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री को प्रभार देने तथा एसडीएम वीरेंद्र कटारे को ग्रामीण क्षेत्र में टंकी निर्माण में आ रहे अवरोधों को दूर करने के निर्देश दिए गए। दतिया शहर में पेयजल की समीक्षा के दौरान कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन बृजेश करईया ने बताया कि नगर में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। अमृत योजना के तहत 132 किमी पाइप लाइन में से 90 किमी पाइप लाइन डाली जा चुकी है। मंत्री ने जल प्रदाय की स्थिति में सुधार लाने हेतु सात समितियां बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समिति में एक उपयंत्री, एक सामाजिक कार्यकर्ता रखा जाए जो कि पेयजल प्रदाय की स्थिति देखे और कमियों को दूर करें।