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संत समागम में शिक्षकों का किया गया सम्मान

संत समागम में ध्यान लगाती छात्राएं। हाथी खाना विद्यालय में संत समागम से हुआ प्रवेशोत्सव, प्रवचन भी हुए भास्कर...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:20 AM IST
संत समागम में ध्यान लगाती छात्राएं।

हाथी खाना विद्यालय में संत समागम से हुआ प्रवेशोत्सव, प्रवचन भी हुए

भास्कर संवाददाता | दतिया

बीती जाए उमरिया भजन बिना, भजन बिना..हरि नाम के बिना, बालापन खेल में खोया करी बड़ी नादानी..आयी जवानी की मनमानी, चाल चली मस्तानी, सीधी चले न डगरिया..भजन बिना….। प्रेरणादायी यह भजन संतों ने छात्राओं के बीच सुनाया और उनका अर्थ भी बताया। दरअसल अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले के एक मात्र हाथी खाना माध्यमिक विद्यालय क्रमांक एक में शनिवार को हनुमान जयंती के शुभ मौके पर प्रवेशोत्सव मनाया गया। इस प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में देश के कोने कोने से संत महात्मा स्कूल में आए। मंच पर छात्राओं को ज्ञानवर्धक बातें बताईं।

पीतांबरा पीठ पर प्रवचन देने वाले इलाहाबाद से आए संत गणेश प्रसाद मिश्रा ने छात्राओं से कहा कि हमने भारत के अधिकतर राज्य घूमे हैं। खुद हमारा धाम उत्तरप्रदेश राज्य में ही है। लेकिन पूरे उत्तरप्रदेश में भी ऐसा अनुशासन देखने को नहीं मिला जो कि इस स्कूल में आपने दिखाया। स्कूली जीवन में अनुशासन बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है और अनुशासन वही शिक्षक दे सकता है जो कि खुद अनुशासन में रहता हो। इस दौरान छात्राओं ने भी मनमोहक भजन और देश भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह साढ़े दस बजे प्रार्थना एवं हनुमान चालीसा के साथ हुई। इसके बाद साढ़े ग्यारह से दोपहर 12 बजे तक वर्ष भर की गतिविधियों में अव्वल छात्राओं व पूर्व छात्राओं को पुरस्कार दिए गए। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक संत समागम, भजन एवं प्रवचन के अलावा सेवा निवृत्त शिक्षकों, कार्यरत शिक्षकों, शासकीय व अशासकीय शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में संत स्वामी रमेशानंद महाराज बरका धाम, शोभाराम महाराज , स्वामी सहजानंद, स्वामी रामेश्वरानंद, स्वामी चिदानंद, स्वामी महेशानंद, राकेश पुजारी, स्वामी सर्वानंद, स्वामी अद्वैतानंद, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी दिनेशानंद, हुकुम सिंह लल्ला, किशनलाल आदि संत मौजूद रहे। संतों का सम्मान प्रधानाध्यापक राघवेंद्र सिंह परिहार, पुरुषोत्तम मिश्रा, रामेश्वर श्रीवास्तव, वीरेंद्र बुधौलिया आदि द्वारा किया गया।