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तहसीलदार ने एक ही सर्वे की जमीन पर 5 नामांतरण किए, छटवें से कहा-वनभूमि है

सीएम हेल्प लाइन में की शिकायत, गलत जानकारी देकर किया गुमराह भास्कर संवाददाता | दतिया तहसील कार्यालय में आम...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:15 AM IST
सीएम हेल्प लाइन में की शिकायत, गलत जानकारी देकर किया गुमराह

भास्कर संवाददाता | दतिया

तहसील कार्यालय में आम जनता को किस प्रकार परेशान किया जा रहा है। इसका उदाहरण महिला मीना गुप्ता निवासी परसौदा गूजर हैं। मीना ने उनाव रोड पर मां पीतांबरा हाउसिंग प्राइवेट लि. कंपनी से दतिया में घर बनाने के लिए प्लाट खरीदा। नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया। तहसीलदार दीपक शुक्ला ने आवेदन को प्लाट जंगल की जमीन में होने की बात कह कर खारिज कर दिया। हैरानी है कि श्री शुक्ला द्वारा पूर्व में इसी सर्वे नंबर पर 5 नामांतरण किए जा चुके हैं। परेशान मीना कमिश्नर के यहां पहुंची। कमिश्नर ने नामांतरण के निर्देश दिए। फिर भी काम नहीं हुआ। उन्होंने सीएम हेल्प लाइन में शिकायत की। अधिकारी ने वहां भी गलत जानकारी देकर गुमराह कर दिया। मीना छह माह से नामांतरण के लिए परेशान हो रहीं हैं।

मीना ने उनाव रोड पर सर्वे क्रमांक 2467 में प्लाट खरीदा था। इसी सर्वे नंबर में इसी कंपनी से अरविंद पटेल, बद्री प्रसाद पटेल, ऊषा गुप्ता, राजेश गुप्ता व अरुणा गुप्ता ने भी प्लाट खरीदे। इन सभी ने नामांतरण के लिए तहसील में आवेदन दिया सभी के नामांतरण हो गए।

मीना ने अगस्त 15 में नामांतरण के लिए आवेदन किया। तहसील कार्यालय से इसे निरस्त कर दिया गया। मीना एसडीएम कोर्ट पहुंचा। वहां से आवेदन को जंगल की जमीन बता कर निरस्त कर दिया गया। मीना कमिश्नर के यहां अपील की। दो साल बाद यानि अगस्त 17 में कमिश्नर ने तहसीलदार व एसडीएम के आदेशों को निरस्त करते हुए तहसीलदार को तत्काल नामांतरण करने के निर्देश दिए। बावजूद इसके मीना का नामांतरण नहीं हो सका।