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हर घर, हर व्यक्ति तक पहुंचे हाथी पांव की दवा

फायलेरिया दवा वितरकों, सुपरवाइजरों का हुआ प्रशिक्षण भास्कर संवाददाता | दतिया फायलेरिया (हाथी पांव) एक गंभीर...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:25 AM IST
फायलेरिया दवा वितरकों, सुपरवाइजरों का हुआ प्रशिक्षण

भास्कर संवाददाता | दतिया

फायलेरिया (हाथी पांव) एक गंभीर बीमारी है। जिस व्यक्ति को यह हो गया वो इस रोग से कभी मुक्त नहीं हो सकता। लेकिन एक तरीका है, एलवेंडाजोल और डीईसी की गोलियां, जिन्हें खाने के बाद इससे बचाव तो किया ही जा सकता है बल्कि उन रोगियों को फायलेरिया जैसे घातक रोग से ग्रस्त होने के बाद भी लड़ने में मदद की जा सकती है। साल में एक बार गोली खाने पर फायलेरिया के कीटाणु 99.9 प्रतिशत तक निष्क्रिय हो जाते हैं।

उक्त विचार डाॅ. हेमन्त कुमार गौतम ने बुधवार को किला चौक स्थित सिटी हॉस्पिटल में आयोजित फायलेरिया दवा वितरकों एवं सुपरवाइजरों के लिए आयोजित प्रशिक्षण में व्यक्त किए। इससे पहले ब्लाॅक भांडेर में दवा वितरकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें हाथीपांव रोग से संबंधित जानकारी के और सामग्री का वितरण किया गया। दोपहर दो बजे संपन्न हुए इस प्रशिक्षण में उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी 14 मार्च को हाथीपांव रोग से बचाव हेतु दतिया जिले में राष्ट्रीय फायलेरिया दिवस का आयोजन किया जा रहा है। 15 एवं 16 मार्च को माॅपअप राउंड में छूटे हुए व्यक्तियों को दवा खिलाई जाएगी। दो वर्ष से ऊपर के 742132 स्त्री, पुरुष एवं बच्चों को सामूहिक रूप से दवा का सेवन कराया जाएगा।