दतिया

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ललित, माल्या, नीरव उड़ा ले गए बैंक...

ललित माल्या नीरव मोदी उड़ा ले गए बैंक खजाने, जानकार भी सबई बने रहे अनजाने...घोटालेबाजों पर व्यक्त करते हुए यह...

Danik Bhaskar

Mar 04, 2018, 07:40 AM IST
ललित माल्या नीरव मोदी उड़ा ले गए बैंक खजाने, जानकार भी सबई बने रहे अनजाने...घोटालेबाजों पर व्यक्त करते हुए यह पंक्तियां व्याख्याता संतोष दुबे ने गत शाम उनाव मेले में आयोजित कवि सम्मेलन में सुनाई। भगवान भास्कर के मंदिर में होली दहन के अवसर पर मेला में फाल्गुनी रंग की बारिश हुई। स्थानीय गायक कलाकारों ने भी होली गीतों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कवि सम्मेलन व फाल्गुनी उत्सव गीतों का श्रोताओं ने भी देर रात तक लुत्फ उठाया।

कवि सम्मेलन के शुरुआती दौर में होली उत्सव पर आयोजित होने परंपराओं में आ रही गिरावट का दर्द बयां करते हुए साहित्यकार शिवनारायण सक्सेना ने कहा कि यहां न कोई राधा दिखती न दिखते कृष्ण कन्हैया, होली कैसे खेले मोरे भैया.. कवि मक्खनलाल मिश्रा ने होली पर प्रकृति की मादकता को अपने स्वरचित दोहे से बयां करते हुए कहा कि फूले टेसू देखकर भौरे करे धमाल, इतने आशिक देखकर हुए गुलाबी लाल..जीवन पथ पर आने वाली बाधाओं के संबंध में अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए नाथूराम यादव नन्ना ने कहा कि कष्ट और कठिनाइयां जीवन का उपहार, जीवन में संघर्ष न हो तो जीवन भी बेकार। विष्णु लिटौरिया ने कहा अस्त व्यस्त है गांव हमारा हमने कविता गाई पर गांव की दुर्दशा की कविता नेताओं को रास न आई।

होली के मौके पर सूर्य मंदिर मेले में हुआ कवि सम्मेलन, देर रात तक जमे रहे श्रोता

सूर्य मंदिर में आयोजित गोष्ठी में काव्य पाठ करते कवि।

दतिया में भी हुई काव्य गोष्ठी

रामनगर कॉलोनी में वीरेंद्र त्रिपाठी के निवास पर श्रीमती रामदुलारी त्रिपाठी की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि हरिकृष्ण हरि रहे। अध्यक्षता कालिका प्रसाद तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर राजेन्द्र सिंह खेंगर उपस्थित रहें। साहित्यकार पूरनचंद्र शर्मा ने सरस्वती वंदना के साथ काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया। सुंदर लाल श्रीवास्तव,बालकृष्ण बाथम,रामहजूर दांगी,आशा मिश्रा,अर्चना, रमाकांत पाल सिंह आदि ने अपनी नवीन रचनाएं प्रस्तुत कीं।

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