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रात-दिन के तापमान में चार गुना अंतर, दोहरे मौसम से अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की भीड़

अधिकतम तापमान 29.2, न्यूनतम तापमान 7.2 हर रोज हो रहा बदलाव भास्कर संवाददाता | दतिया एक सप्ताह से दिन और रात के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:30 PM IST

अधिकतम तापमान 29.2, न्यूनतम तापमान 7.2 हर रोज हो रहा बदलाव

भास्कर संवाददाता | दतिया

एक सप्ताह से दिन और रात के तापमान में तीन से चार गुना तक अंतर अाया है। मंगलवार का अधिकतम तापमान 29.2 एवं न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस था। मौसम बदलाव की वजह से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। अस्पताल में रोजाना 800 से 900 मरीज मौसमी बीमारी के चलते पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादा मरीज वायरल फीवर, खांसी जुकाम मरीज हैं। साथ में बच्चों को निमोनिया की शिकायत अधिक आ रही है। जिला मुख्य एवं चिकित्सा अधिकारी प्रदीप उपाध्याय ने बताया बदलाव मौसम से बचने के लिए बच्चों को गर्म कपड़े, गर्म हल्का पानी एवं भीड़ से दूर रखें। तो बीमारी से बचा जा सकता है।

बता दें कि मौसम बदलाव होने के कारण अस्पताल में रोजाना 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इसी तरह से प्राइवेट क्लीनिकों पर रोजाना करीब 750 से अधिक आ रहे हैं। इस तरह से दोनों जगहों पर रोजाना लगभग 1650 मरीज उपचार करा रहे हैं। तापमान में परिवर्तन होने के कारण लोगों की सेहत खराब हो रही है। वहीं ओपीडी में 100 से अधिक बच्चे भी पहुंच रहे हैं। जिनमें से 50 बच्चों को निमोनिया के निकल रहे हैं। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने से एक मरीज को उपचार कराने में एक से डेढ़ घंटा लग रहा है। उपचार के लिए मरीजों को लाइन में लगना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी बदलाव से जो बीमारी हो रही है। उनसे बचने के लिए भीड़ से दूर रहे, तो इस बीमारी से बचा जा सकता है।

शहर में 50 से अधिक प्राइवेट क्लीनिक खुले हुए है। मरीज उपचार कराने के लिए क्लीनिकों पर पहुंच रहे हैं। एक क्लीनिक पर रोजाना 15 से 20 मरीज बुखार, खांसी एवं जुकाम की दवा लेने के लिए रोजाना आ रहे हैं। प्राइवेट डॉक्टर भी इस समय अच्छी खासी कमाई चल रही है।

डॉक्टरों की सलाह-ठंड से बचाव से ही बीमारियां दूर रहेंगी

मौसम बदलाव की बीमारी से बचने के लिए सुबह शाम गर्म कपड़े पहनें, साथ ही बच्चों को गुनगुना पानी पीने में दें। भोजन गर्म खिलाएं, साथ ही भीड़ वाले क्षेत्र से दूर रहें। क्योंकि मौसमी बीमारी एक दूसरे से बहुत जल्दी लगती है। इन का बचाव करें तो 70 प्रतिशत मौसमी बीमारी से बचा जा सकता है।

ओपीडी में मरीजों की लाइन, एक डॉक्टर देख रहे 150 मरीज

जिला अस्पताल में रोजाना मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। मरीजों को ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के लिए एक से डेढ़ घंटा लग रहा है। वहीं एक डॉक्टर 100 से 150 मरीजों को देख कर उन्हें दवा लिख रहे हैं।

मौसम में आए बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी

अभी तक ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज ओपीडी में आ रहे थे। लेकिन कुछ दिनों से मौसम में काफी बदलाव हो रहा है। दिन में गर्मी और रात को सर्दी रहने के कारण लोगों वायरल फीवर, खांसी और जुकाम हो रहा है। जिसकी वजह से 800 से 900 तक ओपीडी में मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। इस मौसम में बीमारियों से बचने का एक मात्र उपाय ठंड से बचाव का ही है। बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में खास सावधानी बरतें। डॉ. प्रदीप उपाध्याय, सीएमएचओ

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