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बैराज और बोरिंग से रोज मिल रहा 1.30 करोड़ ली. पानी, 40% हो रहा बर्बाद, 2 दिन छोड़कर सप्लाई

Datia News - भांडेर रोड के पास मोहल्ले में फूटी पाइप लाइन से बहता पानी। नपा सीएमओ का दावा-हम मई से नियमित करेंगे पानी सप्लाई ...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:35 AM IST
बैराज और बोरिंग से रोज मिल रहा 1.30 करोड़ ली. पानी, 40% हो रहा बर्बाद, 2 दिन छोड़कर सप्लाई
भांडेर रोड के पास मोहल्ले में फूटी पाइप लाइन से बहता पानी।

नपा सीएमओ का दावा-हम मई से नियमित करेंगे पानी सप्लाई

भास्कर संवाददाता | दतिया

शहर की 1.20 लाख की आबादी के लिए रोज 1 करोड़ 40 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है। नगरपालिका को अंगूरी वैराज से रोज 1 करोड़ 30 लाख लीटर व एक लाख लीटर पानी बोरिंग से मिल रहा है। जो कुल जरूरत का लगभग 99 प्रतिशत है। लेकिन इसमें से 40 प्रतिशत पानी फूटी पाइप लाइनों व टंकियों से ओवरफ्लो होकर बह जाता है। जिसकी वजह से शहर के अधिकांश हिस्सों में रोज एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रही है। कुछेक इलाके तो ऐसे हैं, जहां दो से तीन दिन छोड़कर नलों से पानी आ रहा है। बावजूद इसके नगरपालिका इस कृत्रिम संकट को खत्म करने के लिए गंभीर नहीं है।

जानकारी के अनुसार शहर में कुल 36 वार्ड हैं, जिसमें 1 लाख 20 हजार लोग रहते हैं। इनमें से शहर के बाहरी हिस्से में स्थित वार्ड क्रमांक 31, 34, 36, 33 सहित लगभग छह वार्डों में पाइप लाइन नहीं है। शहर के लगभग 60 फीसदी हिस्से में बिछी लाइनों से लगभग 12 हजार वैध व 9 हजार अवैध नल कनेक्शन हैं। यानि नपा शहर के अधिकतम 13 हजार घरों में पानी की सप्लाई नलों के माध्यम से कर रही हैं।

नपाकर्मी पंप चलाकर सो जाते हैं, टंकियां ओवरफ्लो होकर फैलता रहता है पानी, जिससे गहराता है संकट

फूटी पाइप लाइनों का मेंटेनेंस नहीं, बह जाता है 40 प्रतिशत पानी

नपा की सप्लाई लाइन हो या फिर टंकियों को भरने वाली मुख्य लाइनें। इन पर सैकड़ों जगह लीकेज हैं। इन लीकेज से लगभग 40 फीसदी यानि 40 लाख लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। नपा का 10 फीसदी पानी नलों में टोटियां न होने, मुख्य लाइनों में अवैध कनेक्शन से बर्बाद होता हैं। टंकियों को भरने व लाइनों को खोलने के लिए लगे कर्मचारियों की लापरवाही से हर दिन 1 एमएलडी पानी टंकियों के ओवर फ्लो व वाल्व के लीकेज से होता है। यानि लोगों के हिस्से में 8 एमएलडी पानी ही आता हैं। बर्बाद हो रहे पानी के कारण लोगों को प्रतिदिन पानी नहीं मिल पाता।

कहीं एक दिन छोड़कर, कहीं तीन-तीन दिन में पानी सप्लाई

शहर में एक से तीन दिन के अंतराल में नलों से पानी की सप्लाई की जा रही हैं। राजगढ़ टंकी से जुड़े क्षेत्र में एक दिन के अंतराल से नियमित सप्लाई की जा रही है। जबकि भरतगढ़ व ईदगाह टंकी से जुड़े क्षेत्र में दो से तीन दिन के अंतराल से। यहीं नहीं शहर के किसी भी क्षेत्र में नलों से पानी आने का समय निर्धारित नहीं है। कभी अल सुबह तो कभी देर रात को एक ही क्षेत्र में नलों से पानी दिया जा रहा हैं। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।

कैबिनेट मंत्री ने फटकारा फिर भी नहीं सुधरे हालात

31 मार्च को कैबिनेट मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कलेक्टोरेट भवन में प्रशासनिक व नपा अधिकारियों के साथ शहर की पेयजल समस्या को लेकर बैठक ली थी। उन्होंने पानी की बर्बादी पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके नपा अधिकारी गंभीर नहीं है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए। जिससे शहर में पानी का कृत्रिम संकट पैदा हो रहा हैं।

नपा का दावा: 20 मई से रोज करेंगे पानी सप्लाई

नपा सीएमओ एके दुबे ने बताया कि 20 मई से शहर में नियमित पानी सप्लाई करेंगे। क्योंकि 20 मई को शहर की पेयजल व्यवस्था ठेकेदार के हाथ में दे दी जाएगी। इसके बाद सप्लाई लाइनों की वितरण व्यवस्था को सुधारा जाएगा। बता दें कि जलावर्द्धन योजना के साथ पाइप लाइन वृद्धि योजना में शर्त है कि लगभग 5 साल तक ठेकेदार द्वारा लाइनों को संचालित किया जाएगा। इसीलिए नपा अधिकारी यह दावा कर रहे हैं।

हम तत्काल दुरुस्त कराते हैं लीकेज


नपा रोज ले रही 1.20 करोड़ ली. पानी


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