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1 साल पहले नरवाई की आग से 18 परिवार हुए थे बेघर, वादे के अलावा अब तक कुछ नहीं मिला

एक साल से मजदूरी कर रहे हैं। कभी-कभी खेतों में 24 घंटे भी काम करना पड़ता है। तब कहीं जाकर जलीं हुई दीवारों पर टीन शेड...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:35 AM IST

1 साल पहले नरवाई की आग से 18 परिवार हुए थे बेघर, वादे के अलावा अब तक कुछ नहीं मिला
एक साल से मजदूरी कर रहे हैं। कभी-कभी खेतों में 24 घंटे भी काम करना पड़ता है। तब कहीं जाकर जलीं हुई दीवारों पर टीन शेड डाल पाए। आगजनी के बाद विधायक, अधिकारी सभी आए। सभी ने सहायता की घोषणा की। लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला। यह पीड़ा है सेंवढ़ा तहसील के मरसैनी गांव के नारायण जाटव की। पिछले साल 17 मई को मरसैनी में नरवाई की आग से 23 परिवार बेघर हो गए थे। लेकिन हैरानी है कि उन्हें आज तक सरकारी मदद के तौर पर एक पैसा भी नहीं मिला। अब दो दिन पहले विजनपुरा और पूरनपुरा में भी आग लगने के बाद जनप्रतिनिधि और अफसर पहुंचकर वही वादे कर रहे हैं, जो उन्होंने एक साल पहले मरसैनी में किए थे। ग्रामीणों का कहना है कि केवल वादे न करें, कुछ मदद भी दो।

बता दें भांडेर अनुभाग के ग्राम विजनपुरा व पूरनपुरा में सोमवार को नरवाई की आग से लगभग 67 परिवार बेघर हो गए थे।

नरवाई जलाने वाले के खिलाफ हुआ था केस दर्ज, पुलिस आज तक जांच पूरी नहीं कर सकी, चालान भी नहीं हुआ पेश

एक हेक्टेयर नरवाई जलाने पर 3 हजार रुपए के पोषक तत्व हो जाते हैं नष्ट

कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरकेएस तोमर के अनुसार अगर किसान 1 हेक्टेयर खेत की नरवाई को जलाता है तो वह खेत में 3 हजार रुपए के पोषक तत्वों को जला देता है। डॉ. तोमर के अनुसार 1 हेक्टेयर नरवाई जलने पर 30 किलो नाइट्रोजन, 90 किलो पोटाश व 60 किलो फास्फोरस जल कर नष्ट हो जाता है। इसका बाजार मूल्य लगभग 3 हजार रुपए होता है। खेत की डेढ़ इंच की परत में पोषक तत्व होते हैं। नरवाई में आग लगाने से यह तत्व को नष्ट हो जाते हैं।

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एफआईआर होने से नहीं दे सके सहायता

मरसेनी में पीएम आवास के लिए प्रस्ताव भेजे थे। वर्ष 2011 की सूची के आधार पर आवास दिए गए हैं। पीड़ित उसमें नहीं थे, इसलिए नहीं मिल सके। आरबीसी में आपदा पीड़ितों को सहायता दी जाती है। लेकिन मामले में एफआईआर हो जाने से यह राहत भी नहीं मिल सकी। अशोक चौहान, एसडीएम सेंवढ़ा

शासन की स्वीकृति के बाद देंगे आवास

विजनपुरा व पूरन पुरा के पीड़ितों के प्रकरण तैयार कर लिए गए हैं। शीघ्र उनके खातों में नियमानुसार राशि पहुंच जाएगी। पीएम आवास के लिए पीड़ितों की सूची बना कर शासन को भेज दी गई है। शासन की स्वीकृति के बाद आवास भी दिए जाएंगे। आशीष कुमार गुप्ता, प्रभारी कलेक्टर

एक साल पहले जो वादे किए, वो अब तक पूरे नहीं

मरसैनी के पीड़ितों को पीएम आवास दिलाने

आरबीसी 6(4) के तहत 50 हजार तक की आर्थिक सहायता

विधायक प्रदीप अग्रवाल ने सहायता राशि देने की घोषणा की।

पूरनपुरा व विजनपुरा में फिर वही घोषणाएं

पीएम आवास के तहत सभी पीड़ितों को आवास

आरबीसी 6(4) के तहत आर्थिक मदद

विधायक घनश्याम पिरोनिया ने हर संभ‌व मदद का आश्वासन

एफआईआर हुई तो अब तक पेश नहीं हुआ चालान

19 मई 2017 को सेंवढ़ा अनुभाग के मरसैनी में नरवाई की आग से 23 परिवार बेघर हुए थे। पीड़ितों ने नरवाई जलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने राजेन्द्र यादव व करु यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया। लेकिन एक साल में मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच न होने से न्यायालय में चालान पेश नहीं हो सका।

पूरनपुरा और विजनपुरा की घटना के तीसरे दिन फिर धधकी नरवाई की आग

यह तस्वीर भांडेर अनुभाग के हसनपुर गांव की है। बुधवार रात साढ़े आठ बजे हसनपुरा बस स्टैंड के पास यह तस्वीर खींची गई। दरअसल भांडेर अनुभाग के विजनपुरा और पूरनपुरा गांव में सोमवार रात आग लगने से आधा सैकड़ा से ज्यादा मकान खंडहर बन गए। 67 परिवारों की पूरी गृहस्थी जल गई। 24 घंटे बाद जिला प्रशासन ने नरवाई जलाने वालों पर एफआईआर के आदेश दिए। लेकिन आदेश का प्रचार प्रसार नहीं हुआ। पूरनपुरा और विजनपुरा की घटना के तीसरे दिन फिर बुधवार रात भांडेर क्षेत्र के रामनेर, धौंड़, हसनपुर बस स्टैंड के पास नरवाई में किसानों ने आग लगा दी।

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