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शहर में 36 वार्ड, नपा के 36 कचरा वाहन फिर भी वार्डों से नहीं किया जा रहा कचरे का उठाव

एक वर्ष पहले
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डोर टू डोर कलेक्शन हो तो शहर में नजर नहीं आएं कचरे के ढेर

नपा के पास डोर टू डोर कलेक्शन करने के लिए 30 छोटे टिपर वाहन है। जबकि 7 बड़े ट्रेक्टर ट्रालियां। नपा के 36 वार्ड है। खासबात यह है कि तीन वार्ड 33, 34 व 36 को छोड़ दिया जाए तो अंदर बस्ती के अधिकांश वार्डों की लंबाई 2 किमी से अधिक नहीं है। इस पर भी एक गली में दो वार्ड समायोजित है। फिर भी नपा शहर के सभी वार्डों से डोर टू डोर कचरा कलेक्टर नहीं कर पा रही। न ही कचरे के ढेर उठा पा रही। यही कारण है कि शहर साफ नहीं हो पा रहा। गली मोहल्लों के साथ प्रमुख स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आते है। सफाई के नोडल अधिकारी एसीईओ धनंजय मिश्रा कहते है कि वह इस पर चर्चा कर व्यवस्था को लागू कराया जाएगा ।

नपा के पास भरपूर सफाई अमला। भरपूर संसाधन है। लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति का अभाव व कर्मचारियों के बीच भाई भतीजावाद की परंपरा होने के कारण शहर स्वच्छ नहीं हो पा रहा। स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान जरूर नपा कुछ प्रयास करती नजर आती है। लेकिन जैसे ही उसका सर्वे समाप्त होता है। नपा का चिरपरिचित ढर्रा शुरू हो जाता है। लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हो जाते है। बता दें कि नपा के लगभग 380 सफाई कर्मचारी है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 30 छोटे टिपर वाहनों के साथ कचरे के ढेर उठाने के लिए 7 ट्रैक्टर ट्रालियां है। नपा मुख्य मार्गो पर तो साफ सफाई पर ध्यान देती है। लेकिन गली मोहल्लों पर नहीं। नपा में प्रशासन नियुक्त हुए 2 माह का समय होने को है। बावजूद इसके नपा की व्यवस्थाओं व ढर्रे में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। साफ सफाई की मॉनीटरिंग भी ठीक से नहीं हो रही है। न तो प्रशासक द्वारा मॉनीटरिंग कराई जा रही है और न ही नगर पालिका के जिम्मेदार अफसर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसलिए कर्मचारी अपनी मनमर्जी से साफ सफाई करके चले जाते हैं।

इन कॉलोनियों में नहीं पहुंच रहे कचरा वाहन, सफाई कर्मचारी


शहर की बुंदेला कॉलोनी, हीरानगर कॉलोनी, रामनगर, गंजी हनुमान मंदिर के पीछे, उनाव रोड, रेलवे स्टेशन के पास, पुलिस लाइन आदि इलाकों में न तो सफाई कर्मचारी सफाई करने पहुंच रहे हैं और न ही कचरा वाहन कचरा उठाने जा रहे हैं। बुंदेला कॉलोनी में चार महीने पहले तक नियमित कचरा वाहन आने से लोग कचरा वाहन में ही कचरा डालते थे। लेकिन पिछले चार महीने से गाड़ी नियमित आना बंद हो गई। कभी कभार बे टाइम वाहन पहुंचता है जिस कारण लोगों को कचरा सड़क किनारे फेंकना पड़ता है।

लोगों की मांग डोर टू डोर शुरू हो कचरा कलेक्शन

नगर पालिका प्रतिदिन सुबह सभी छत्तीसाें वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम चालू करती है तो शहर में जगह-जगह फैला कचरा फिंकना बंद हो जाएगा। लोग भी यही चाहते हैं कि नगर पालिका प्रतिदिन एक समय निश्चित कर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए गाड़ी भेजे। बुंदेला कॉलोनी में रहने वाले योगेश काले का कहना है कि नगर पालिका पहले 8 से 9 बजे के बीच कचरा वाहन भेजती थी। इसलिए लोगों को कचरा वाहन में ही कचरा डालने की आदत पड़ चुकी थी। नपा फिर से 8 से 9 बजे के बीच कचरा वाहन भेजे। इसी तरह उनाव रोड पर रहने वाले एडवोकेट शिवराज सिंह जाट कहते हैं कि नपा अगर प्रतिदिन कचरा वाहन वार्डों में भेजेगी तो निश्चित ही शहर में साफ सफाई भी नजर आएगी। बायपास पर रहने वाले मोहित सेन कहते हैं कि नपा तिराहे पर एक डस्टबिन रखवा दे तो तिराहे पर कचरे का ढेर नहीं लगेगा। तिराहे पर डस्टबिन रखने से आसपास के दुकानदारों के साथ गौड़ बाबा कॉलोनी, हीरानगर कॉलोनी, बुंदेला कॉलोनी और बायपास पर रहने वाले लोग उसी में कचरा डाल सकेंगे।

चिरपरिचित ढर्रा शुरू हो जाता है। लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हो जाते है। बता दें कि नपा के लगभग 380 सफाई कर्मचारी है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 30 छोटे टिपर वाहनों के साथ कचरे के ढेर उठाने के लिए 7 ट्रैक्टर ट्रालियां है। नपा मुख्य मार्गो पर तो साफ सफाई पर ध्यान देती है। लेकिन गली मोहल्लों पर नहीं। नपा में प्रशासन नियुक्त हुए 2 माह का समय होने को है। बावजूद इसके नपा की व्यवस्थाओं व ढर्रे में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। साफ सफाई की मॉनीटरिंग भी ठीक से नहीं हो रही है। न तो प्रशासक द्वारा मॉनीटरिंग कराई जा रही है और न ही नगर पालिका के जिम्मेदार अफसर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसलिए कर्मचारी अपनी मनमर्जी से साफ सफाई करके चले जाते हैं।


जब तक कचरा वाहन नहीं जाएंगे तो सफाई नहीं होगी

धनंजय मिश्रा, एसीईओ, जिला पंचायत

इमलीपुरा मोहल्ले में लगा कचरे और गंदगी का ढेर।
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