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फगुआरों की टोलियों पर बिखेरा गुलाल देर रात तक चलता रहा फाग गायन
नन्ना काॅलोनी से उठीफाग, हनुमान मंदिर, छोटी माता मंदिर, अथार्ठ मोहल्ले, आदि स्थानों पर पहुंची
उनाव में आज भाई दौज के अवसर पर दोपहर बाद पारंपरिक फाग गायकी का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक बद दस्तूर जारी रहा। जगह-जगह फगुवारों की टोलियों पर उल्लास के वातावरण के बीच गुलाल बिखेरा गया। इस अवसर पर नन्ना कॉलोनी स्थित चौपाल से उठी फाग खेड़ापति हनुमान मंदिर, छोटी माता मंदिर, अथाई मोहल्ले, नरसिंह मोहल्ले, कटरा मोहल्ले होते हुए कस्बे के मुख्य मुख्य स्थानों पर पहुंची। जगह-जगह फाग गायकी के कलाकारों का रंग गुलाल व मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया गया। देर रात तक फ़ाग गायकी का रंग भी खूब जमा। इस दौरान फगुआरो की टोलियों ने उत्साह एवं रोमांच का ऐसा फाल्गुनी रंग बिखेरा, कि श्रोता भी फाग गायकी का देर रात तक लुत्फ उठाते रहे।फाग गायकी की प्रस्तुति नगड़िया की गड़गड़ाहट के बीच स्थानीय कलाकारों द्वारा की गई।
बुन्देलखण्ड के गांव गांव की चौपालों एवं देवस्थलों पर होली उत्सव के दूसरे दिन भाई दौज पर फाग गायकी की परंपरा उनाव सहित आसपास के गांवों में आज भी बद दस्तूर जारी है। दोपहर बाद भांडेर रोड स्थित नन्ना कॉलोनी की चौपाल पर एक दूसरे को रंग अवीर चढ़ाकर फाग गायकी आरंभ हुई। फाग गायकी में खास रुचि रखने वाले केशव यादव ने उड़त अबीर गुलाल, बिरज में होली खेलत नंदलाल की प्रस्तुति से शमां बांध दिया। चन्दन यादव ने भीगी फिरे राधिका रंग में, मनमोहन के संग में की प्रस्तुति दी। बालकिशुन पाराशर फाग गीत होली खेलों हमरे संग में, भीगे फिरे दोऊ रंग में ने उत्साह एवं रोमांच की वर्षा कर दी। पप्पू यादव ने होरी में बृज की नार, नयना मार गई कजरारे, घनश्याम विश्वकर्मा ने फाग बुला गई राधा प्यारी कान्हा बरसाने में आइयो, गोविंद राम पांचाल ने फाग खेलन बरसाने में आये है, नटवर नंद किशोर की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं धनीराम यादव हंस हंस करत ठिठोली, काय श्याम हम संग खेलत होरी फाग गीत का गायन किया। इस के साथ अन्य कलाकारों में बलबीर मुसाब, मलखान यादव, बाबू यादव ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक गायकी से बांधे रखा। इस अवसर पर नरेश यादव, राम मिलन यादव, राजेन्द्र यादव, धर्मेंद्र पंडा, बृजमोहन पाराशर, मुन्नालाल विश्वकर्मा, नूतन चौधरी, बागराज यादव, गुलाब पाल, करन कुशवाहा, रामकिशोर कुशवाहा, लल्लू, बाबू वंशकार, द्वारिका सडोरिया, रामकुमार, कल्लू राठौर, रामजीलाल कुशवाहा, सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। फाग गायकी में नगड़िया पर केशव यादव, रमतूला पर बाबू विश्वकर्मा, ढोलक पर पप्पू विश्वकर्मा ने संगत दी।
होली के दौरान फाग गायकी करते स्थानीय कलाकार।