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तेज धूप से बढ़ने लगी गर्मी, लेकिन शहर में कहीं भी प्यास बुझाने की सुविधा नहीं
शहर के प्रमुख स्थान, किला चौक, टाउनहाल, राजगढ़ चौराहे, बस स्टैंड जैसे स्थानों पर भी नहीं नपा की प्याऊ
पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने लगा है। दिन में तेज धूप के साथ तापमान भी बढ़ रहा है। ऐसे में दोपहर के समय धूप में निकलने या काम करने से लोगों के गले सूखने लगे है। लेकिन हैरानी इस बात की है कि शहर के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सूख रहे गले को तर करने के लिए पानी की सुविधा नहीं है। या तो लोगों को खरीद का प्यास बुझानी पढ़ती है या फिर मांग कर। आमतौर पर निकाय द्वारा प्याऊ का हैंडपंप के माध्यम से यह सुविधा लोगों को दी जाती है। लेकिन नपा ने शहर में कभी भी ऐसी व्यवस्था अब तक नहीं है। नपा अधिकारी और गर्मी बढ़ने का इंतजार कर रहे है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही मौसम ने भी करवट लेना शुरू कर दिया। दो दिन से तेज धूप दोपहर के समय लोगों को परेशान कर रही है। काम से लौटने के बाद गर्मी से राहत के लिए लोग पंखे चलाने लगे। इसी के साथ शरीर भी अधिक पानी की मांग करने लगा। तेज धूप के कारण लोगों को बाजार में आते जाते वक्त प्यास सताने लगी है। लेकिन शहर के प्रमुख स्थान व बाजारों में प्यास बुझाने की कोई सुविधा न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग हो या फिर शहरी क्षेत्र के। उनके पास एक ही विकल्प बचता है या तो वह दुकानदार से पानी मांग कर पिए या फिर पाउच खरीद कर। आगामी दिनों में तापमान और बढ़ेगा। तापमान के साथ लोगों की प्यास व पानी की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में लोग प्यास बुझाने के लिए परेशान ही होंगे।
शहर में ह्रदय स्थल किलाचौक, टाउनहाल, राजगढ़ चौराहा पर आम दिनों में ही भीड़भाड़ बहुत ज्यादा रहती है। ये तीनों ही स्थल सबसे ज्यादा चहल पहल वाले हैं। लेकिन इन तीनों स्थानों पर हैंडपंप तो दूर पानी की टंकियां तक नहीं हैं। राजगढ़ चौराहे पर 10 साल पहले तक हैंडपंप था लेकिन वह सड़क चौड़ीकरण में टूट गया। इसके बाद दूसरा हैंडपंप खनन नहीं कराया गया। इसी तरह टाउनहॉल पर भी हैंडपंप है लेकिन उसमें पानी नहीं आता है। किलाचौक पर पानी की टंकी है लेकिन उसमें कभी पानी नहीं आता है। नजयाई बाजार और सब्जी मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण, किसान फसल और सब्जियां बेचने आते हैं लेकिन इन दोनों ही स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह बम-बम महादेव, पुरानी कलेक्टोरेट, झांसी चुंगी, गल्ला मंडी के सामने भी पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है।
लोकल प्वांइटों पर पानी
की व्यवस्था करेंगे
अभी गर्मी बढ़ने में देरी है लेकिन हम गर्मियों के सीजन में लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। शहर के सभी लोकल प्वांइटों पर पानी की व्यवस्था करेंगे।
मोहम्मद ए.गनी, सीएमओ, नगर पालिका दतिया
सार्वजनिक स्थानों पर भी नहीं पेयजल की सुविधा, न हैंडपंप हैं और न ही प्याऊ
से लौटने के बाद गर्मी से राहत के लिए लोग पंखे चलाने लगे। इसी के साथ शरीर भी अधिक पानी की मांग करने लगा। तेज धूप के कारण लोगों को बाजार में आते जाते वक्त प्यास सताने लगी है। लेकिन शहर के प्रमुख स्थान व बाजारों में प्यास बुझाने की कोई सुविधा न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग हो या फिर शहरी क्षेत्र के। उनके पास एक ही विकल्प बचता है या तो वह दुकानदार से पानी मांग कर पिए या फिर पाउच खरीद कर। आगामी दिनों में तापमान और बढ़ेगा। तापमान के साथ लोगों की प्यास व पानी की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में लोग प्यास बुझाने के लिए परेशान ही होंगे।
लोगों को रहता है सिर्फ निजी प्याऊ का सहारा
शहर में कुछ स्थानों पर लोग निजी प्याऊ के रूप में मटके या पानी की टंकियां रखवा देते है। यही लोगों की प्यास बुझाने का सहारा बनते है। बड़ा बाजार में अगर व्यापारियों द्वारा ऐसी व्यवस्था की जाती है तो कुछ स्थानों पर दुकानदार स्वयं के खर्चे पर ऐसी व्यवस्था कर देते है। लेकिन यह व्यवस्था तब की जाती है जब सहालग के ग्राहकी का दौर शुरू होता है। सहालग के ग्राहकी का दौर 15 अप्रैल के बाद शुरू होगा। जब तक लोगों के पानी के लिए परेशान ही होना होगा। खासबात यह है कि कई स्वयं सेवी संस्थाएं भी लोगों की प्यास बुझाने के लिए प्याऊ बना कर वहां मटके रखवा देती है। प्याऊ खुलने पर नपा अधिकारी उन्हें हर दिन भरने की भी जिम्मेदारी ले लेते है। लेकिन नपा उन्हें भरने तक की भी व्यवस्था नहीं कर पाती।