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गुलाल अबीर से सूखी होली खेल रहे हुरियारों को इन्द्र देव ने बूंदाबांदी कर किया सराबोर
इसे जागरुकता कहें या फिर मौसम का असर । पहली बार धुलेंडी पर युवाओं में होली खेलने को लेकर खासा उत्साह नजर आया । वह भी पूरी तरह से सूखी गुलाल, अबीर की होली। लेकिन युवाओं की उस मंशा पर इन्द्रदेव से पानी फेर दिया। कुछ देर के लिए हुई तेज बूंदाबांदी से गुलाल से रंगे युवाओं का चेहरे पानी की बूंदें गिरते ही रंगीन हो गए। बूंदाबांदी व चल रहीं ठंडी हवाएं भी हुरियारों का उत्साह ठंडा नहीं कर सकी। पुलिस ने भी पहली बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई। प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरे से हुरियारों की निगरानी की।
लंबे समय से रंगों के त्योहार होली पर धुलेंडी के दिन आमतौर पर सड़कों पर सन्नाटा नजर आता था जो भाई दौज के दिन गुलाल, अबीर की वर्षा देखने को मिलती थी। लेकिन इस बार ठीक विपरीत देखने को मिला। धुलेंडी के दिन यानि मंगलवार को सुबह से ही विभिन्न रंगों के गुलालों में सरोबार युवाओं की टोलियां नजर आने लगी थी। एक बाइक पर दो से तीन युवा, चार से पांच बाइकाें का समूह। हाथों में गुलाल की बोरियां। होली की नारेबाजी और परिचित मिलते ही इसे गुलाल से सराबोर करना। सुबह से लेकर दोपहर तक गली मोहल्लों के साथ सड़कों पर यही नजारे देखने को मिले।
पहली बार आसमान से रखी गई चौकन्नी नजर, पलपल की ली जानकारी
होली पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शहर में तकरीबन 300 पुलिस जवान तैनात किए गए थे। शहर के चारों कोने पुलिस की कड़ी सुरक्षा में थे। किलाचौक, राजगढ़ चौराहा, बम-बम महादेव, बस स्टैंड हर जगह 15 से 20 जवान तैनात थे। इसके अलावा टीआई, एसआई, एसडीओपी शहर में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। वहीं फोन और वायरलैस सेट पर एसपी अमन सिंह राठौर भी सुरक्षा व्यवस्था की पल-पल की जानकारी लेते रहे। पहली बार असामाजिक तत्वों पर आसमान में ड्रोन उड़ाकर भी निगरानी रखी गई। ड्रोन किलाचौक से लेकर राजगढ़ चौराहा तक पूरे दिन उड़ाया गया।
टोलियों ने फाग गीत से बिखेरे होली के रंग, दी शुभकामनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में फागों के जरिए होली का रंग छाया रहा। सुबह 11 बजे नगड़िया, ढोलक और मजीरा के साथ फगुआरों की टोली निकली। फगुवारों ने जिन घरों में इसी साल बच्चों का जन्म हुआ वहां पकवान और रुपयों की माला बनाकर बच्चों पर न्यौछावर की फिर फगुवारों को बांटी। साथ ही एक दूसरे को गुलाल का तिलक लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। जो हम उम्र थे वे गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे और जो उम्र में बड़े या छोटे थे वे पैर छूकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे। फागों का सिलसिला आगामी पांच दिन तक चलेगा।
सर्दी होने के बाद भी हुरियारों में जोश बरकरार
गुलाल से सराबोर हुरियारों को इन्द्रदेव से पानी की बौछारें छोड़ कर रंगों से सराबोर कर दिया। टोलियां जब घूम रहीं थी। सुबह लगभग 9 बजे तेज बूंदाबांदी हुई। लगभग 5 मिनट के बाद थम गई। 10 बजे के आसपास एक बार फिर बूंदाबांदी का सिलसिला चला। दोपहर 3 बजे फिर बूंदाबांदी हुई। जिससे हुरियारें बारिश के कारण गुलाल के रंगों से सराबोर हो गए। मौसम ठंडा हो जाने के बाद भी हुरियारों की उत्साह व उमंग पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
गोविंद मंदिर से निकला नगाड़ा
भाईदोज पर गोविंद जी के मंदिर से नगाड़ा निकाला गया। नगाड़े के साथ शामिल लोग राह चलते लोगों पर गुलाल उड़ाते जा रहे थे। नगाड़ा गोविंद मंदिर से प्रारंभ होकर टाउनहाल, बड़ा बाजार, किलाचौक होते हुए दारूगर की पुलिया, बिहारी जी मंदिर, गांधी रोड होते हुए वापस मंदिर पर पहुंचा।
हमीरपुर मौजे में बुंदेली फागों का आयोजन।
तस्वीर गांधी रोड की, युवाओं की टोली अपने साथी पर गुलाल फेंकती हुई।