अब शहर को ओडीएफ प्लस घोषित करने की तैयारी हकीकत: न हर घर में शौचालय न बाजार में यूरिनल

Datia News - कई हितग्राहियों के यहां अब तक शौचालय नहीं बने, इधर नपा ने ओडीएफ प्लस के लिए मांगे दावे-आपत्ति भास्कर...

Dec 04, 2019, 08:15 AM IST
Datia News - mp news now preparing to declare the city odf plus a reality not every toilet in the house nor urinal in the market
कई हितग्राहियों के यहां अब तक शौचालय नहीं बने, इधर नपा ने ओडीएफ प्लस के लिए मांगे दावे-आपत्ति

भास्कर संवाददाता|दतिया

शहर एक साल पहले से ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित है, मतलब शहर में लोगों ने खुले में शौच करना पूरी तरह बंद कर दिया है। नपा अब शहर को ओडीएफ प्लस घोषित करने की तैयारी में है, यानि शहर खुले में शौच से मुक्त तो है ही, साथ ही 90 फीसदी से अधिक लोग यूरिनल ( पेशाब घर) का उपयोग करते हैं, लेकिन यह सब कुछ कागजों में ही हो रहा है। शहर की वास्तविक स्थिति ऐसी नहीं है। हकीकत यह है कि न नपा क्षेत्र में शत प्रतिशत शौचालय बने हैं न शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों पर यूरिनल की व्यवस्था है। ऐसे में ओडीएफ प्लस का दर्जा मिलने पर भी शहर की सफाई व्यवस्था में कोई सुधार देखने को नहीं मिलेगा।

बता दें कि देशभर में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को तीन कैटेगरी में घोषित करने का नियम है। कैटेगरी के हिसाब से सर्वेक्षण के अंक मिलते हैं। शहर अगर ओडीएफ है तो 150 अंक, ओडीएफ प्लस है तो उसमें 200 अंक और जुड़ जाते है। इन 200 अंकों के लिए शहर को ओडीएफ प्लस घोषित करने की तैयारी नपा अफसर कर रहे हैं ताकि स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नपा के अंक बढ़ जाएं आैर उसकी स्वच्छता रैंंकिंग सुधर जाए। ओडीएफ की हकीकत जानने के लिए मंगलवार की सुबह दैनिक भास्कर टीम ने शहर के कई इलाकों में हालात देखे। इस दौरान सुबह से सैकड़ों लोग खुले में शौच के लिए जाते हुए दिखे। भास्कर टीम सुबह 6. 56 बजे सीतासागर में वेयर हाउस पर पहुंची तो यहां बस स्टैंड के पास रहने वाली महिलाएं विधि कॉलेज के पास खुले में शौच के लिए जाती हुई दिखीं। इसके अलावा झिरका बाग, सेंवढ़ा चुंगी बायपास पर कई पुरुष व महिलाएं पहाड़ी पर शौच जाते मिले। भांडेर रोड, ग्वालियर हाईवे, उनाव रोड पर भी ऐसा ही हाल है।

पीतांबरा पीठ से सिविल लाइन तक एक भी यूरिनल नहीं: पीतांबरा पीठ के सामने नपा का एक सुलभ काॅम्पलेक्स है। इसके बाद सिविल लाइन तक कहीं भी यूरिनल नहीं है। किला चौक से ठंडी सड़क व जिला अस्पताल के बीच में भी कहीं यूरिनल नजर नहीं आता। बस स्टैंड से उनाव रोड हमीरपुर तिराहे तक कहीं यूरिनल की व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। बाजार में भी कुछ ऐसा ही हाल है। टाउन हाॅल, किला चौक के बाद पीतांबरा पीठ के सामने यूरिनल की सुविधा है। शेष बीच में कहीं भी नपा ने यूरिनल की व्यवस्था नहीं की है।

तीन उदाहरण... अंश राशि लेने के बाद भी ठेकेदार ने नहीं बनाए शौचालय

1. सपा पहाड़ निवासी बृजेंद्र अहिरवार ने एक साल पहले नगर पालिका में शौचालय बनवाने के लिए आवेदन किया था। शारदीय नवरात्र में ठेकेदार ने बृजेंद्र से 1360 रुपए अंश राशि ले ली लेकिन शौचालय का निर्माण शुरू नहीं किया।

अभी भी 2 सौ परिवारों को शौचालय का इंतजार

शहर की आबादी लगभग सवा लाख है। तीन साल पहले परिषद ने 1200 हितग्राहियों के यहां शौचालय बनवाने की स्वीकृति दी थी। शौचालय बनना शुरू हुए तो बिना शौचालय वाले हितग्राहियों की आवेदन देने के लिए नगर पालिका में लाइन लग गई थी। नपा कार्यालय में 3725 हितग्राहियों ने शौचालय बनवाने के लिए आवेदन दिए थे। नगर पालिका ने इन आवेदनों का सत्यापन कराकर 1485 आवेदनों को ऑनलाइन दर्ज कर दिया लेकिन तीन साल में नपा केवल 1276 शौचालय ही बनाकर दे सकी है। बाकी हितग्राही अभी भी शौचालय बनने का इंतजार कर रहे हैं।

हमने ठेकेदार को नोटिस दिया है


2. शहर के सिंगलपुरा निवासी सुनील कुशवाहा ने इसी साल आठ महीने पहले शौचालय बनवाने के लिए नगर पालिका में आवेदन किया। दीपावली से पहले ठेकेदार ने सुनील से 1360 रुपए अंश राशि जमा करा ली लेकिन काम शुरू नहीं किया।

3. धर्मशाला के पीछे निवासी मालती पाल ने भी शौचालय निर्माण के लिए दो महीने पहले अंश राशि जमा करा दी लेकिन निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। ठेकेदार आज-कल कर टरका रहा है। मालती का पूरा परिवार खुले में शौच जाता है।

ठेकेदार ने हितग्राहियों से राशि ली लेकिन शौचालय बनाए ही नहीं

नपा पहले हितग्राही के खाते में 6 हजार-6 हजार रुपए दो किस्तों में देती थी और शौचालय हितग्राही बनाकर तैयार करते थे लेकिन जब पता चला कि हितग्राही शौचालय न बनाकर राशि निजी खर्च में उपयोग कर रहे हैं तो सीधे राशि जारी करना बंद कर दिया। इसके बाद नगर पालिका ने सुभाष बिल्डकॉन नामक फर्म को 800 हितग्राहियों के यहां शौचालय बनवाने का ठेका दिया। ठेकेदार को 1360 रुपए हितग्राही से अंश राशि के रूप में लेना थी जबकि 12 हजार रुपए नगर पालिका को भुगतान करना था। ठेकेदार ने हितग्राहियों से अंश की राशि तो ले ली लेकिन शौचालय बनवाने का काम ही शुरू नहीं किया है। शारदीय नवरात्र से शौचालय निर्माण का कार्य बंद है।

98 प्रतिशत घरों में बने शौचालय


X
Datia News - mp news now preparing to declare the city odf plus a reality not every toilet in the house nor urinal in the market
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना