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महिला दिवस पर पंचायतों में बनाने थे एक लाख आयुष्मान गोल्डन कार्ड, 80% स्थानों पर नहीं बने
महज 2300 कार्ड बने पूरे जिले में, अधिकारियों ने दौरे के बाद कहा- मुझे कोई नहीं मिला
अंतर राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हर पंचायत में सबल महिला ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्रामसभा के दौरान आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश राज्य शासन ने जारी किए थे। जिसके अंतर्गत जिले की सभी पंचायतों पर एक-एक सीएससी संचालक को पहुंचकर महिलाओं के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने थे। जिला पंचायत सीईओ बीएस जाटव ने पत्र भी जारी किया था, बावजूद इसके अस्सी फीसदी पंचायतों में सीएससी संचालक नहीं पहुंचे। नतीजा यह हुआ कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए गई महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र भेज कर भी की।
जिला पंचायत सीईओ बीएस जाटव द्वारा 7 मार्च को जारी पत्र में उल्लेख किया गया कि कलेक्टर रोहित सिंह के निर्देश पर 8 मार्च महिला दिवस पर एक लाख आयुष्मान कार्ड बनवाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्ड बनवाने के लिए काॅमन सर्विस सेंटर संचालकों को भी पत्र जारी किया गया था। इस अभियान के तहत सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में दर्ज वंचित श्रेणी के परिवार, संबल योजना के तहत पंजीबद्ध कार्डधारी तथा खाद्य पात्रता पर्ची धारक परिवारों के कार्ड प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके प्रचार प्रसार के लिए आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वह महिलाओं तक यह जानकारी पहुंचाएं। वहीं पंचायतों को बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिले में लगने थे 280 कैंप, कार्ड बने सिर्फ 2300
कलेक्टर ने पूरे जिले में 280 स्थानों पर कैंप लगाकर एक लाख कार्ड बनवाने के निर्देश दिए थे। पर दैनिक भास्कर के पास सूचना के अनुसार केवल 2300 कार्ड ही बन सके। वह भी अधिकतर उन्हीं बड़े गांव में जहां पूर्व से सीएससी सेंटर है। आयुष्मान कार्ड योजना के जिला प्रबंधक मनोज गुप्ता के अनुसार उन्होंने सीएससी के जिला प्रबंधक आदित्य बिरथरे को यह पत्र पूर्व में भेज दिया था। इसके अलावा अनेक स्थानों पर प्रचार प्रसार करवाया गया। महिला सभा की निगरानी के लिए तैनात मैदानी अमले की बात की, तो जनपद सीईओ ओएन गुप्ता एवं सीडीपीओ राजेंद्र गुर्जर ने बताया कि वह जहां भी निरीक्षण में गए कहीं भी पंचायत में सीएससी संचालक नहीं मिले।
कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष ने की शिकायत
कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष राजू लठैत ने बताया कि ग्राम पंचायत थरेट में वह स्वयं महिलाओं को लेकर कार्ड बनवाने पहुंचे। पर यहां पंचायत द्वारा आयोजित सबल महिला ग्राम सभा होती पाई गई। बड़ी संख्या में महिलाएं कार्ड बनवाने आई थी, पर कार्ड नहीं बन रहे थे। पंचायत सचिव ने कहा कि वह शाम 4 बजे इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को करेंगे। श्री लठैत ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजी है।
क्या है गोल्डन आयुष्मान कार्ड...
भारत सरकार द्वारा विभिन्न सामान्य एवं गंभीर बीमारियों के लिए लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत लोगों को शासकीय के साथ साथ कई अशासकीय अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। यह कार्ड जिले के विभिन्न कामन सर्विस सेंटरों पर उपलब्ध है। चूंकि काॅमन सर्विस सेंटर केवल कस्बाई अथवा बड़े ग्रामों तक सीमित हैं, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में इस सुविधा से वंचित हैं। इसलिए प्रशासन ने महिला सभा के दौरान उपस्थित सभी लोगों के कार्ड बनवाने के लिए यह योजना तैयार की थी। इसके तहत संबंधित को केवल अपना आधार कार्ड एवं समग्र आईडी साथ लानी थी। पोर्टल पर पूर्व से अपलोड सूची के आधार पर सीएससी कलर कार्ड बनाने के एवज में संबंधित से 30 रुपए लेते हैं।
तकनीकि समस्या का सामना किया हमारे लोगों ने
आदित्य बिरथरे, जिला प्रबंधक कामन सर्विस सेंटर जिला दतिया
अभियान के तहत सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में दर्ज वंचित श्रेणी के परिवार, संबल योजना के तहत पंजीबद्ध कार्डधारी तथा खाद्य पात्रता पर्ची धारक परिवारों के कार्ड प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके प्रचार प्रसार के लिए आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वह महिलाओं तक यह जानकारी पहुंचाएं। वहीं पंचायतों को बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कार्यालय पहुंची महिला।