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बड़ेरा सोपान केंद्र पर शिक्षक ही करा रहे थे सामूहिक नकल, 12 शिक्षक सस्पेंड, ये केंद्र पहले से बदनाम
भांडेर तहसील के बड़ेरासोपान परीक्षा केंद्र पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं के गणित के पर्चा में केंद्र पर ड्यूटी पर तैनात शिक्षक ही परीक्षार्थियों को सामूहिक नकल करा रहे थे। यह शिक्षक समूह में परीक्षार्थियों को बैठाकर नकल करा रहे थे। इस मामले में कलेक्टर रोहित सिंह ने केंद्राध्यक्ष समेत ड्यूटी पर तैनात सभी 12 शिक्षकाें काे सस्पेंड कर दिया है। गुरुवार को जैसे ही इस केंद्र पर तहसीलदार नीतेश भार्गव जांच के लिए पहुंचे तो सामूहिक नकल करा रहा स्टाफ परीक्षार्थियों को सतर्क करने लगा। यह दृश्य देख तहसीलदार ने इसका फोटो खींच लिया। मालूम हाे कि यह परीक्षा केंद्र छात्राें से पैसे वसूलकर परीक्षा पास कराने का ठेका लेने के लिए बदनाम है। इसी परीक्षा केंद्र पर वर्ष 1984 में नकल को लेकर मारपीट अाैर हवाई फायरिंग तक हाे चुकी है। इस बारे में जानकारी हाेने के बाद भी शिक्षा विभाग के अफसराें ने इसे परीक्षा केंद्र बनाया। जिला शिक्षा अधिकारी संजय श्रीवास्तव की भी इस मामले में बड़ी लापरवाही अाैर मिलीभगत सामने अा रही है। उन्हाेंने नकल के लिए बदनाम केंद्र काे जानबूझकर न केवल परीक्षा केंद्र बनाया बल्कि यहां पर माॅनीटरिंग की व्यवस्था भी ढीली रखी। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही मानते हुए नाेटिस थमाया है। इसमें लिखा है कि क्याें न अापके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने अादेश में स्पष्ट किया है कि तहसीलदार नीतेश भार्गव ने 12 मार्च को बड़ेरासोपान में स्थित परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया तो वहां हाईस्कूल के गणित विषय के पेपर में सामूहिक नकल कराई जा रही थी। तहसीलदार को देखकर शिक्षक अलर्ट हो गए और परीक्षार्थियों को भी तहसीलदार के आने के बारे में बताकर अलर्ट कर दिया।
दूसरी बार पकड़ी गई सामूहिक नकल
बता दें कि इससे पहले वर्ष 2015 में भी इसी तरह की सामूहिक नकल तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ भास्कर लाक्षाकार ने ररुआराय के परीक्षा केंद्र पर पकड़ी थी। तब तत्कालीन सीईओ लाक्षाकार ने पूरा परीक्षा केंद्र को ही शील कर दिया था। पांच साल बाद पुन: इसी तरह की कार्रवाई बड़ेरासोपान में की गई है। हालांकि केंद्र सील नहीं हुआ है।
अर्द्धशासकीय स्कूल के बच्चे दे रहे परीक्षा
बड़ेरासोपान में अर्द्धशासकीय स्कूल है। इसका संचालन वर्तमान में जितेंद्र दुबे करते हैं। स्कूल काफी पुराना है। पहले प्राइवेट था लेकिन बाद में अर्धशासकीय हो गया। वर्ष 1984 में इसी परीक्षा केंद्र पर नकल करने के दौरान विवाद हो गया था और परीक्षार्थियों ने कॉपियां लूटकर केंद्राध्यक्ष के साथ मारपीट की थी और हवाई फायर तक किए थे। तब केंद्राध्यक्ष की रिपोर्ट पर सभी परीक्षार्थियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ था। इसी अर्धशासकीय स्कूल के बच्चे महज 10 कदम की दूरी पर स्थित माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा दे रहे हैं।
ये शिक्षक किए गए हैं निलंबित
शिक्षक स्कूल जहां पदस्थ हैं
अभीष शंखधार शा.उमावि बीकर
भगवानदास जाटव प्रा.वि. लहार हवेली
रामकिंकर राजपूत प्रा.वि. बडैरा सोपान
सुरेशचंद्र नामदेव प्रा.वि. क्र.-1 भांडेर
छोटे सिंह रायकवार प्रा.वि. मैथाना पहूज
सीताराम पाल प्रा.वि. बीसलपुरा
हरीशचंद्र राजपूत प्रा.वि. धरमपुरा
बबलू यादव प्रा.वि. नटर्रा
परशुराम सिंह धाकड़ प्रा.वि. बडैरा सोपान
ज्ञानवती माहौर प्रा.वि. समथरा
प्रदीप कुमार प्रा.वि. बीसलपुर
रामकिशोर पाल प्रा.वि. नोबई
जिस बड़ेरा साेपान में नकल काे लेकर साल 1984 में गाेलीबारी तक हाे चुकी है, उसी केंद्र पर फिर सामूहिक नकल
नोट: कलेक्टर ने इन सभी 12 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें से शिक्षक अभीष शंखधार को बोर्ड परीक्षा में केंद्राध्यक्ष बनाया गया था, जबकि अन्य शिक्षकों को वीक्षक का दायित्व दिया गया था।
इस तरह नकल कराते रहे थे शिक्षक...
बड़ेरा सोपान के परीक्षा केंद्र पर शिक्षक करा रहे नकल। (लाल घेरे में)