फागुन को महीना घरे रहियो, होरी के रंग में रंगे रईयो...खाती बाबा मंदिर पर हुआ जवाबी फाग का मुकाबला
फगुआरों की टोलियों पर बिखेरा गुलाल
उनाव से दो किलोमीटर की दूरी पर नरगढ़ गांव की पहाड़ी पर स्थित खाती बाबा मंदिर पर रविवार की शाम पारम्परिक फाग गायकी का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक बदस्तूर जारी रहा। यहां मैथाना पहूज गांव से आए फाग गायक बबलू यादव, झांसी से आई गायिका रानी कुशवाहा के बीच फाग का जवाबी मुकाबला हुआ। मंदिर के महंत नरेश दास त्यागी द्वारा आसपास के गांव से आए फाग गायकी के कलाकारों पर उल्लास पूर्ण वातावरण के बीच अबीर गुलाल लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद मंदिर परिसर में फाग गायकी का रंग भी खूब जमा।
इस दौरान फगुआरों की टोलियों ने उत्साह एवं रोमांच का ऐसा फाल्गुनी रंग बिखेरा कि श्रोता भी फाग गायकी का देर रात तक लुत्फ उठाते रहे। फाग गायकी नगड़िया की गड़गड़ाहट मृदंग की रिदम चिमटा लोटा झांझ जैसे बाध्य यंत्रों के युगल संगीत के बीच फाग शैली लैंद, खिर्र, चौकड़िया, छंद एवं सुहाग पर फाग गायकी की गई। इस मौके पर बुंदेलखंड का मुख्य वाद्ययंत्र रमतूला भी बजा। गांव गांव में सभी देवस्थलों पर होली उत्सव के अवसर पर फाग गायकी की परंपरा का निर्वाह अंचल में शुरू हो गया है। रविवार की शाम फगुआरों की टोलियों का केंद्र नरगढ़ गांव स्थित खाती बाबा मंदिर रहा। फाग गायकी में खास रुचि रखने वाले कलाकार बबलू यादव के फाग गीत फागुन को महीना घरे रहियो, होरी के रंग में रंगे रहियो की प्रस्तुती से शमा बांध दिया। फाग गायिका रानी कुशवाहा की फाग उड़त अबीर गुलाल, बृज में होली खेलत नंदलाल की प्रस्तुति ने फगुआरों को झूमने पर विवश कर दिया। बबलू यादव के अन्य फाग गीत होली खेलो हमरे संग में, भीगे फिरे दोऊ रंग में ने उत्साह एवं रोमांच की वर्षा कर दी। गायिका रानी कुशवाहा की फाग खेलन बरसाने में आए हैं। नटवर नंदकिशोर को भी खूब सराहा गया। तरगुवा गांव से आए एक अन्य फाग गायक चंदन यादव की फाग बुला गई, राधा प्यारी कान्हा बरसाने में आइयो ने भी शमां बांध दिया। फाग गायक बलबीर मुसाब के गीत केशरिया रंग डारो कन्हैया ने केसरिया रंग डालो की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं अन्य गायक धनीराम यादव ने जमानो सीधेपन को नैया फाग गीत का गायन किया। मुख्य फाग गायक कलाकार बबलू यादव व रानी कुशवाहा की जोड़ी का रंग भी खूब जमा। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक गायकी से बांधे रखा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मिहोनी माता मंदिर के महंत, नरेश दास त्यागी, नाथूराम यादव, कल्याण यादव, सुग्रीव सिंह यादव, सुलतान परिहार, धीरज सिंह यादव, चरण सिंह, गुलाब सिंह यादव, किशोरी, राकेश भगत, बृजेन्द्र शर्मा, गुलाब, करन कुशवाहा, रामकिशोर, लल्लू कुशवाहा सहित आसपास के गांवों से आये ग्रामीणजन उपस्थित रहे।