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दीपावली पर होना था शहर रोशन, होली पर भी न हो सका, एजेंसी बोली अधिकारी दें अनुमति तो हो जाएगा

एक वर्ष पहले
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शहर में लगी, हाईवे पर काम बाकी, इसलिए शहर की भी नहीं हो पा रही शुरू

मिनी स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर को दीपावली पर आकर्षण लाइटों से जगमग होना था। लेकिन होली पर भी लाइटों की रोशनी नहीं बिखर सकी । कारण अब तक काम पूरा नहीं हुआ। शहरी क्षेत्रों में लाइटें लग गई। इन्हें चालू भी किया जा सकता है। लेकिन हाईवे पर काम बाकी है। ऐसे में अधिकारी काम पूरा होने के बाद ही एक साथ सभी लाइटें शुरू करने की बात कह रहे है। ऐसे में शहर को जगमग होने में 4 से 5 माह का समय और लग सकता है। यानि दीपावली या इसके आसपास की है एक साल बाद शहर जगमग होगा।

मप्र अर्बन डेवलप कार्पोरेशन (एमपीयूडीसी) द्वारा योजना के तहत शहर में लाइटें लगवाई जा रही है। वर्ष 2018 में शहर को मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया था। 4 अक्टूबर 2018 को पूर्व जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने 25 करोड़ की लागत से प्रथम चरण का भूमि पूजन किया था। दो दिन बाद ही विधानसभा-2018 के चुनाव की आचार संहिता लग गई। जिससे काम शुरू नहीं हो सका। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद एमपीयूडीसी ने काम शुरू कराया लेकिन निर्माण एजेंसी को लोक निर्माण विभाग, बिजली कंपनी, नगर पालिका समेत अन्य विभागों से अनुमतियां लेने में ही एक साल गुजर गया। समय पर अनुमति न मिलने के कारण दीपावली पर लाइटें लगकर तैयार नहीं हो सकीं। दीपावली के बाद कंपनी के काम शुरू किया और अब तक लाइटें लगाने का 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। शेष 40 प्रतिशत में ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर केंद्रीय विद्यालय से लेकर न्यू कलेक्टोरेट के सामने तक 7 किमी लंबी लाइटें लगने का काम शेष रह गया है। लेकिन वर्तमान में हाइवे पर निर्माण काम चल रहा है।

यहां लगकर तैयार हो गईं लाइटें, जली नहीं

निर्माण एजेंसी ने झांसी चुंगी से बम बम महादेव होते हुए उनाव रोड स्थित श्री स्वामी जी महाराज कॉलेज तक, बस स्टैंड बायपास, ठंडी सड़क पर लाइटें लगाकर तैयार कर दी हैं। बिजली की केबिल भी बिछाई जा चुकी है। अब केवल बल्ब लगने हैं। बल्ब तभी लगेंगे जब लाइट जलने के लिए एमपीयूडीसी की हरी झंडी मिल जाएगी। कंपनी को डर है कि पहले बल्ब लगाने पर असामाजिक तत्व लाइटों को तोड़ सकते हैं। इसलिए लाइटें लगने के बाद भी इन्हें जलने में छह माह का वक्त लग सकता है।

यह काम भी होंगे

मिनी स्मार्ट सिटी में शहर में लाइटिंग के अलावा सड़कों के दोनों तरफ फुटपाथ बनाए जाना है। ठंडी सड़क के दोनों तरफ बने प्राचीन दरवाजों पर लाइटें लगना है साथ ही रंगाई पुताई भी की जाना है। दोनों फव्वारे चालू करना है। इसके अलावा ठंडी सड़क पर बने प्राचीन नहरों की सफाई और नहरों के किनारे आकर्षक लाइटें लगना है। करन सागर, सीतासागर और लाला के ताल का सौंदर्यीकरण किया जाना है। लेकिन इन कार्यों में ज्यादा बिलंब लग सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि ठंडी सड़क के दोनों तरफ की नहरें अतिक्रमण की चपेट में हैं। पक्के और दो मंजिला मकान बने हैं। इन्हें तोड़ने जिला प्रशासन को दांतों पसीना आ जाएगा।

होली बाद कलेक्टर से चर्चा करेंगे

संतोष मालवीय, इंजीनियर, स्मार्ट सिटी

ठंडी सड़क पर मिनी स्मार्ट सिटी के तहत डिवाइडर पर लगाई गईं लाइट।
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