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उप्र के बिजौली नहर में बहे दो युवक, तीन दिन से जिले की नहरें बंद, किसान चिंतित
झांसी जिले के बिजौली में नहर में दो युवकों के बह जाने से दतिया जिले की नहरों में पानी आना बंद हो गया है। तीन दिन से नहरें सूखी पड़ी हैं जिस कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। इन दिनों फसल पक रही है और फसल में अंतिम पानी की आवश्यकता है। तेज धूप निकलने के कारण जमीन की नमी खत्म हो गई है। ऐसे में अगर समय रहते फसल की सिंचाई नहीं हुई तो दाना कमजोर पड़ सकता है। किसान की चार महीने की मेहनत बेकार हो जाएगी। जिन किसानों के पास निजी मोटरपंप की सुविधा है वे तो समय पर सिंचाई कर रहे हैं लेकिन जिन किसानों की सिंचाई केवल नहर के पानी पर निर्भर है वे काफी परेशान और चिंतित भी हैं।
बता दें कि जिले में दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा में रबी फसल की बोवनी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई थी। जिले में कुल एक लाख 66 हजार किसान हैं। इनमें से तकरीबन 50 हजार किसान नहरों से सिंचाई करते हैं। जिले में एक लाख 44 हजार हेक्टेयर में जल संसाधन विभाग की राजघाट नहर से सिंचाई होती है। पानी मप्र के चंदेरी में बने सबसे बड़े राजघाट बांध से झांसी के सुकुअां बांध में आता है और वहां से दतिया में अंगूरी बैराज में। इसी बैराज से पूरे जिले में सिंचाई होती है। इसी बांध से लहार तक पानी पहुंचता है। इस साल बीच-बीच में बारिश होने से दो से तीन बाहर नहर में पानी बंद हुआ था।
अंगूरी बैराज से इन गांवों में नहीं पहुंचा पानी
एक बार अंगूरी बैराज से नहर में पानी बंद करने पर चार से पांच दिन प्रभावित हो जाते हैं। क्योंकि नहर बंद होने के बाद भी पानी चलता रहता है और जब नहर में पानी छोड़ा जाता है तो दो दिन नहर में खेत तक पानी पहुंचने में लगते हैं। जल संसाधन विभाग के नहर में पानी छोड़े जाने के बाद भी भिटौरा माइनर, धीरपुरा, इंदरगढ़ आदि क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंचा है। रविवार को पानी पहुंच सकता है। किसान नहर में पानी का इंतजार कर रहे हैं। हार खेतों पर डेरा डाले हुए हैं ताकि जैसे ही नहर में पानी आए, फसल की सिंचाई कर ली जाए। अगर पानी देने से चूक गए तो नहर में पानी बंद हो जाएगा और फसल में नुकसान होगा।
तेज धूप के कारण जमीन सूख रही है, ऐसे में फसलों में पानी देने की अत्यंत आवश्यकता है
इन दिनों गेहूं की फसल पक रही है और तेज धूप के कारण जमीन सूख रही है, ऐसे में फसलों में पानी की अत्यंत आवश्यकता है। अगर अंतिम पानी फसल में नहीं लगा तो फसल न केवल कमजोर होगी बल्कि दाना भी कमजोर हो जाएगा। फसल की पैदावार भी घटेगी।
हमारे यहां तीन दिन से नहर में पानी नहीं आ रहा
25 के बाद नहर में बंद हो जाएगा पानी
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एनपी बाथम ने बताया कि नहर में शुक्रवार शाम को पानी छोड़ दिया गया है। पहले 30 क्यूमेक पानी छोड़ा गया था और अब बढ़ाकर 60 क्यूमेक कर दिया गया है। सरसई और कल्याणपुरा माइनर में पानी पहुंच भी गया है और रविवार को दोपहर 12 बजे से किसान पानी देना शुरू कर देंगे। बाथम ने कहा कि नहर में 25 मार्च तक पानी चलेगा। इसके बाद पानी बंद कर दिया जाएगा। इसलिए जो किसान फसल में पानी देना चाहते हैं वे दे सकते हैं।
खेत में खड़ी गेहूं की फसल, जिसमें दिया जाना है पानी।