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हाथ में हल्दी-मेहंदी लगाए कोर्ट पहुंची दुल्हन बोली- फेरे लेने हैं, दूल्हे को जमानत दे दो, विवाह रस्म हो इतना समय दे दीजिए, लेकिन....

dainikbhaskar.com

Apr 16, 2019, 12:59 PM IST

मध्यप्रदेश न्यूजः 2 साल से तय था रिश्ता, शादी से एक दिन पहले जेल पहुंच गया दूल्हा

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देवास. यहां जिला कोर्ट में रोचक वाक्या हुआ। एक दुल्हन हत्या के आरोपी पति की जमानत के लिए कोर्ट पहुंच गई। दुल्हन पक्ष ने तर्क दिया कि हल्दी-मेहंदी लगने पर शादी के बाद ही धुलती है, विवाह नहीं हुआ तो अपशगुन होगा। कोर्ट ने यह दलील नहीं मानी और जमानत अर्जी खारिज कर दी। दुल्हन व परिजन को बैरंग लौटना पड़ा।

राधेश्याम हत्याकांड मामले में हुई है गिरफ्तारी
दरअसल रंगपंचमी पर देवास के संजय नगर निवासी राधेश्याम सोलंकी के साथ पानी में रंग घोलने की बात पर मारपीट की गई थी। सिर में मोगरी लगने से इलाज के दौरान इंदौर में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय में पेश किया था, जहां से जेल भेजने के आदेश हुए। छह में से एक आरोपी दीपक भी है, जिसका एक दिन बाद शादी होनी थी।

सुबह ही कोर्ट पहुंच गई दुल्हन
- दीपक के जेल में होने के कारण सुबह ही दुल्हन सपना करीब 150 रिश्तेदारों के साथ देवास जिला कोर्ट में पहुंच गई। दूल्हे पक्ष के मेहमान भी कोर्ट में आ गए। बचाव पक्ष के वकील विजय राठौर ने दूल्हन सपना का शपथ-पत्र तैयार कर कोर्ट में पेश किया। हाथ-पैर में मेहंदी और हल्दी लगी दुल्हन कोर्ट में खड़ी हुई, जिसके वकील ने दुल्हन की शादी की गुहार लगाई। लंच के बाद फिर से सुनवाई हुई, लेकिन न्यायाधीश ने हत्या का आरोप होने पर आरोपी दूल्हे दीपक को जमानत देने से मना कर दिया गया।

दुल्हन बोली- विवाह रस्म हो इतना समय दे दीजिए
- दुल्हन सपना ने कहा-मेरा रिश्ता दो साल पहले पक्का हो गया था। अब सात फेरे के साथ हमारा विवाह हो जाता, लेकिन जमानत नहीं मिलने से विवाह नहीं हो पा रहा है। विवाह रस्म अदा हो इतना समय दे दीजिए। हमारे समाज में प्रथा है अगर लड़की को मेहंदी और हल्दी लग गई है तो वह विवाह के बाद ही धुलती है। मेरा विवाह नहीं होगा तो ऐसे में कैसे मेंहदी और हल्दी धो सकूंगी। न्यायाधीश ने दुल्हन की गुहार नहीं मानी और जमानत आवेदन खारिज कर दिया।

कोर्ट में घराती-बराती देख कर भौचक्के रह गए लोग
दूल्हा और दुल्हन पक्ष के करीब 300 लोग कोर्ट परिसर में इधर से उधर सुबह से घुमते रहे। हाथ में मेहंदी और हल्दी लगी दुल्हन को देखकर सभी आश्चर्य कर रहे थे, क्योंकि साथ में बारात भी थी। होने वाले पति के साथ सात फेरे लेने का
इंतजार सुबह से शाम तक दुल्हन करती रही।



3 भाई की तीन लड़कियों की होनी थी शादी, दो की हुई, एक रह गई
- यहां तीन सगे भाईयों की तीन लड़कियों की शादी का कार्यक्रम था, इसमें से दो भाईयों की बेटियों की शादी हो चुकी है। सपना की शादी उसके होने वाले पति को जमानत नहीं मिलने से नहीं हो सकी। शादी नहीं होने से सपना सदमे में चली गई है, जिसकी निगरानी के लिए परिवार वाले अब 24 घंटे डटे रहेंगे। दुल्हन के पिता ने 300 से ज्यादा कार्ड अपने मिलने वाले और रिश्तेदारों को दिए हैं, जो शादी में शामिल हुए, किंतु सपना की शादी नहीं हो सकी। इस तरह से समाज में बदनामी हो गई है।

कोर्ट ने कहा-अपराध गंभीर प्रकृति का, आरोपी शादी से भाग सकता है
सरकारी वकील अशोक चावला ने बताया, न्यायालय ने मामले के तथ्य एवं परिस्थितियां अपराध की गंभीरता को देखते हुए आवेदन पत्र स्वीकार किए जाने योग्य नहीं होने से खारिज कर दिया गया। न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में लिखा, अपराध गंभीर प्रकृति का है, विवाह कार्यक्रम में अत्यधिक भीड़ रहती है और उसका लाभ उठाकर आरोपी भाग सकता है। आरोपी को अभिरक्षा में तराना भेजना उचित नहीं होगा। प्रकरण में मप्र शासन की ओर से जमानत आवेदन का विरोध सरकारी वकील चावला ने किया।

वहीं, बचाव पक्ष के वकील विजय राठौर ने बताया, सुबह से दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग कोर्ट परिसर में आ गए थे। मैंने जमानत दिलवाने के लिए सभी कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के साथ ही दुल्हन को भी कोर्ट में खड़ा कर दिया, किंतु जमानत नहीं मिल सकी। सुबह से भूखी-प्यासी दुल्हन के साथ ही रिश्तेदार भी अच्छी खबर का इंतजार करते रहे, लेकिन मायूस होकर उन्हें शाम को घर लौटना पड़ा।

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