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अतिक्रमण की शिकायत पर अधिकारियों ने नहीं की कार्रवाई, शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा

Dewas News - नगर इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है। इसी को लेकर नगर के दो लाेगों ने एसडीएम को शिकायत की थी। इसके बाद एसडीएम ने...

Oct 19, 2019, 09:40 AM IST
नगर इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है। इसी को लेकर नगर के दो लाेगों ने एसडीएम को शिकायत की थी। इसके बाद एसडीएम ने आरआई व कस्बा पटवारी को सीमांकन करने के आदेश पूर्व में दिए। इस पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर, आरआई व कस्बा पटवारी ने मौके पर पहुंचकर रोड की नपती की थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण अस्पताल गेट तक ही नपती कर कार्रवाई को अधिकारियों को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा।

नगर के अतिक्रमण को लेकर श्यामसिंह बघेल व कैलाशसिंह बघेल ने दो बार एसडीएम अंकिता जैन को शिकायत की थी। इसी मामले में तत्कालीन एसडीओ लोनिवि परमजीतसिंह को भी शिकायत की थी। सिंह ने एसडीएम जैन को पत्र व्यवहार के माध्यम से नगर का अतिक्रमण हटाने की मांग की। शिकायतों के आधार पर एसडीएम ने तत्कालीन लोनिवि इंजीनियर सुभाष यादव, आरआई महेंद्र परते व कस्बा पटवारी ओपी बिंजवा ने नगर में सीमांकन का कार्य करते ऑइल पेंट से शासन की सीमाएं चिन्हित की है।

तीन धर्मस्थल किएा चिन्हित : पूर्व में कई गई नपती के अनुसार अस्पताल गेट तक रोड की केंद्र बिंदु से दोनों साइड 30-30 व 40-40 फीट का अतिक्रमण है। अधिकारियों की नपती के दौरान 3 धर्मस्थल भी अतिक्रमणकारी के रूप में शामिल है। साथ ही कई लोगों के घरों के 1-1 कमरे भी अतिक्रमण के रूप में शामिल किए गए थे।

वकील के माध्यम से एसडीएम व एसडीओ को भेजा नोटिस : नगर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर शिकायतकर्ताओं द्वारा एसडीएम व एसडीओ लोनिवि को नगर के मुख्य मार्ग एमजी रोड व वीआईपी मार्ग डाक बंगला रोड पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है की शिकायत की थी। लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। शिकायतकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि जिसके कारण किसी दिन भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है। शिकायत का निराकरण नहीं होने पर बघेल ने अधिवक्ता के माध्यम से एसडीएम व एसडीओ सोनकच्छ को विधिक सूचना पत्र धारा 80 सीपीसी के अंतर्गत भेजा है। पत्र में भी उल्लेख किया गया है विभागीय जांच कर सीमांकन कार्य किया जाए। यदि आपके द्वारा जनहित में यह कार्य नहीं किया जाता है तो पक्षकार बघेल मप्र शासन, एसडीएम व एसडीओ सोनकच्छ के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेंगे। इसमें होने वाले हर्जे, खर्चे व परिणाम की जवाबदारी इनकी होगी। उधर, इस मामले को एसडीएम सोनकच्छ ने सूचना पत्र लेने से मना करने पर डाक द्वारा उनके पास भेजा गया।

एमजी रोड पर अतिक्रमण के कारण बार-बार लगता है जाम।

अस्पताल गेट के बाद सत्तापक्ष के दबाव में बंद की कार्रवाई

अधिकारियों ने बस स्टैंड से अस्पताल गेट तक रोड की नपती का कार्य किया है। राजस्व नक्शे में बस स्टैंड से पुलिस थाने तक रोड 60 फीट चौड़ा, थाने के बाद से रोड 80 फीट व एसडीएम कार्यालय के गेट से 120 फीट चौड़ा है। इसी के आधार पर नपती की गई है। नपती के दौरान अधिकारी आधी दुकान तक जा पहुंचे थे, जहां उन्होंने ऑइल पेंट से शासन की जमीन की सीमा चिन्हित कर दी थी, लेकिन अस्पताल गेट के बाद दिन ढलने के साथ कार्रवाई भी सत्तापक्ष के दबाव के कारण उसी वक्त बंद करना पड़ा था। इसके बाद से आज तक कोई भी कार्रवाई अधिकारियों द्वारा नहीं की गई।

कार्रवाई के लिए दल गठित किया


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