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समाजाें ने निकाली गेर, घर-घर जाकर लगाया रंग

एक वर्ष पहले
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हाेली पर मंगलवार काे शहर में जमकर रंग-गुलाल उड़ा। विभिन्न समाजाें ने गेर निकाली। अपनी-अपनी समाज के शाेकाकुल परिवाराें में जाकर परिवार के सदस्याें काे रंग डाला गया। समाज के लाेग शहर में एक से दूसरे स्थान पर गेर में निकलते नजर अाए। हालांकि गलियाें में बहुत ज्यादा रंगाें की मस्ती देखने काे नहीं मिली। रंग पंचमी पर 14 मार्च काे उत्साह दिखेगा। शहर में जुलूस निकलेंगे।

धुलेंडी पर तम्बोली (मोदी) समाज की गेर नागदा में निकाली गई। समाज के विकेश मोदी ने बताया, महिलाओं द्वारा शाम को होलिका माता की पूजा-अर्चना करने के बाद देर रात तक भजन-कीर्तन संगीतमय आयोजन हुआ। पं. सुरेश शर्मा द्वारा होलिका की पूजा कर गांव के पटेल गोपाल पटेल द्वारा दहन किया गया। मंगलवार काे सुबह 7 से तम्बोली समाज की गैर प्रारंभ हुई, जो क्षेत्र के सभी समाजों के शोकाकुल परिवारों के यहां रंग डालते हुए पुन: होलिका स्थल पर पहुंची। सुबह 11 बजे से नवयुवकों की गैर ढोल-ढमाकों से निकाली, जो क्षेत्र के प्रमुख मार्ग से होते हुए निकली। गेर समापन मोदी धर्मशाला में किया, जिसमें समाज के आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।

भाैंरासा में विभिन्न समाजाें की गेर निकली

नगर के लोधी मोहल्ला, बस स्टैंड, पंढरीनाथ चाैक, छोटा हनुमान चाैक, भंवरनाथ मार्ग, गोरखाना, कुमावतपुरा, माली मंदिर चाैक अादि कई स्थानाें पर होलिका दहन किया गया। इससे पहले महिलाअाें ने हाेली की पूजा-अर्चना की। मंगलवार सुबह धुलेंडी पर माहेश्वरी समाज, लोधी समाज, ठाकुर समाज, सेन समाज, कुंभकार समाज, यादव समाज, ब्राह्मण समाज, कुमावत समाज, नीलगर समाज, राठौड़ समाज, विश्वकर्मा समाज आदि ने ढोल के साथ गेर निकाली और शोक संतप्त परिवारों के घर जाकर रंग-गुलाल किया।

बागली

क्षेत्र में जगह-जगह होलिका दहन हुआ। नगर में ही करीब एक दर्जन स्थानों पर होलिका दहन किया गया। मुख्य होली रियासतकालीन गढ़ी चौक की थी। शाम से देर रात तक महिलाओं ने होली का पूजन किया। इसके बाद महिलाओं व किशोरियों ने होली व शीतला माता पर जल चढ़ाकर उसे ठंडा किया। गढ़ी चौक होली से राजपूत समाज की परंपरागत गेर निकली। इसने नगर के शोक संतप्त परिवारों में जाकर रंग-गुलाल किया। कई समाजों के लोगों ने समूह में और राठौर क्षत्रिय समाज ने गेर के रूप में निकलकर रंग-गुलाल किया। इसी तरह नगर में महिलाओं ने जमकर होली खेली। मात्र शक्तियों ने नगर में रंगारंग गेर निकालकर शोक संतप्त परिवारों के यहां जाकर रंग-गुलाल किया। इधर, सुरक्षा एवं शांति की दृष्टि से एसडीओ एसएल सिसौदिया के मार्गदर्शन व टीआई दिनेशसिंह चौहान के नेतृत्व में बल तैनात रहा।

चापड़ा

रंगो का त्योहार होली क्षेत्र में जगह-जगह मनाया गया। पुराना मेला स्थान स्थित मुख्य होली की पूजा वसूली पटेल घीसूसिंह ने की। इसके बाद घासीराम पटेल के निवास से मंगलवार सुबह 8 बजे सभी समाज की एक गेर निकली। गेर में नारायण प्रजापत, सिद्धनाथ यादव, कैलाश यादव, मोहन पडियार की टीम धपली की धुन पर फागुन के गीत गाते हुए चल रही थी। युवा व बुजुर्ग उन गीतों पर जमकर थिरकते हुए चल रहे थे। गेर में लोगों ने सुखी होली खेलकर पानी बचाओ अभियान का समर्थन किया। गेर गांव के 28 शोक संतप्त परिवारों के घर पहुंची और रंग-गुलाल किया। इसी प्रकार महिलाओं की भी एक रंगारंग गेर निकली, जो गांव के दिवंगत परिवारों के यहां पहुंचे और रंग-गुलाल किया। इसी तरह श्यामनगर, गुराड़ियाकलां, भमोरी, इकलेरा, अमरपुरा, अागुर्ली एवं कराेंदिया में भी गेर निकली।

तम्बोली (मोदी) समाज की गेर नागदा में निकाली गई।

तम्बोली समाज की नागदा में निकली गेर, ढाेल की थाप पर युवाओं ने किया नृत्य, गुलाल लगाकर लिया आशीर्वाद
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