Hindi News »Madhya Pradesh »Dhar» किसी को ‘आइडिया' आ जाए तो उससे दूर रहिए

किसी को ‘आइडिया' आ जाए तो उससे दूर रहिए

दुनिया हर दिन बदल रही है। पहले जहां नेता करोड़ों-अरबों के घोटालों पर राजनीति करते थे, अब सिर्फ कुछ हजारों की जैकेट पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 03, 2018, 02:00 AM IST

दुनिया हर दिन बदल रही है। पहले जहां नेता करोड़ों-अरबों के घोटालों पर राजनीति करते थे, अब सिर्फ कुछ हजारों की जैकेट पर राजनीति कर रहे हैं। तकनीक भी बदल रही है, पहले ढेर से तारों वाले बड़े फोन छोटे होकर मोबाइल बने और अब मोबाइल बड़ा होते-होते वापस लैंडलाइन बनने की राह पर है। आदमी ने मोटर गाड़ियां बनाई, फिर जब "शक्ति' तोंद के रूप में एकत्रित हो गई तो वो वापस पैदल चलने का "समय' निकालने लगा। इसी तरह बदला है आपका सबसे बड़ा दुश्मन और वो है "आइडिया'।

जैसे पहाड़ों से चलने वाली हवाएं शीतलहर लाती हैं, बंगाल की खाड़ी में दबाव वाला क्षेत्र मानसून लाता है, शरारती बच्चे स्कूल से जुएं लाते हैं। उसी तरह कुछ लोग आपकी ज़िंदगी में आइडिया लेकर आ सकते हैं। लेकिन ये आइडिया है क्या? जिस तरह हवा को किसी ने नहीं देखा, भगवान की किसी ने फोटो नहीं खींची। अच्छे दिन किसी के बैंक अकाउंट में नहीं पहुंचे। जीएसटी किसी को समझ नहीं आया। बजट से किसी की ज़िंदगी कभी नहीं बदली ठीक उसी तरह आइडिया को भी कोई डिफाइन नहीं कर पाया है। वैज्ञानिक भी कहते हैं "नो आइडिया!'

अगर आपकी जान-पहचान में किसी को आइडिया आ गया तो समझिए आपकी ज़िंदगी में बवंडर आने को ही है। आइडिया आते ही आदमी पहला काम ये करता है कि जमी-जमाई नौकरी को लात मार देता है। नौकरी न मिली हो तो अच्छे ख़ासे चलते बिजनेस को लात मार देता है। लात मारने को नौकरी और बिजनेस न हो तो घर ही छोड़ देता है। घर भी न हो तो किराए का कमरा ही छोड़ देता है। मतलब आइडिया आते ही कुछ न कुछ छोड़ना अपरिहार्य होता है। रनबीर कपूर ने एक बार कह दिया था, कहीं पहुंचने के लिए कहीं से निकलना बहुत जरूरी होता है। रनबीर कहीं पहुंचे या नहीं, ये तो पता नहीं लग पाया लेकिन उनका कहा "आइडिया' वालों के फेवरेट कोट्स की लिस्ट में टॉप पर जरूर पहुंच गया।

अब जानिए कि आसपास कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे आइडिया आ गया हो तो क्या करें? तो जवाब है बचिए। जितना संभव हो उससे दूर रहिए। नाम बदल लीजिए, शहर छोड़ दीजिए। चाचा के जिस बेटे से खानदानी जमीन को लेकर दीवानी मुकदमा चल रहा है उसे अपने सारे खेत दे दीजिए। जो पड़ोसी आपकी एक फीट जमीन पर बाउंड्री खड़ी कर हर तीसरे दिन लड़ने को खड़ा रहता है उसे अपने घर की चाबी दे दीजिए। आधार कार्ड नष्ट कर दीजिए। किसी डोंगी में दो महीने का खाना लेकर समुन्दर में चले जाइए। कुछ भी करिए बस ऐसे व्यक्ति से दूर चले जाइए। याद रखिये, इस दुनिया में सबसे खतरनाक वो आदमी हो जाता है, जिसे कोई आइडिया आ गया हो। कालरा, खसरा, जीका वायरस या एंथ्रेक्स का इलाज एक बार हो सकता है, ऐसे आदमी का कोई इलाज नहीं जिसे आइडिया आ गया हो। अब आता है सबसे बड़ा सवाल, आइडिया लाया हुआ व्यक्ति खतरनाक क्यों हैं? क्योंकि वो सारी दुनिया को अपनी नज़र से देखने लगता है। जिस व्यक्ति को एक बार आइडिया आ गया वो पहले आपको पकड़ेगा। फिर आपको अपना आइडिया सुनाएगा और तब तक सुनाता जाएगा जब तक आप भी उसके साथ न चल दो। ऐसे लोग हर तरह की नौकरी को गुलामी समझते हैं। ये आपको भरोसा दिलाएंगे, आपसे कहेंगे कब तक नौकरी करोगे? नौकरी का क्या भरोसा? यही काम अपने लिए क्यों नहीं करते? लेकिन ये बहेलिये का जाल है आप इसमें मत फंसिएगा।



कटाक्ष

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×