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बजट में देरी से लेकर बैठक का एजेंडा नहीं देने पर ईसी सदस्य ने कुलपति से पूछे पांच सवाल

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी कार्यपरिषद की 9 मार्च को होने वाली बैठक में हंगामे के आसार हैं। 2 अप्रैल को अपना कार्यकाल...

Danik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:00 AM IST
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी कार्यपरिषद की 9 मार्च को होने वाली बैठक में हंगामे के आसार हैं। 2 अप्रैल को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्य केके तिवारी ने बैठक से पहले कुलपति से पांच सवाल पूछे हैं। साथ ही यह भी कहा है कि जब तक जवाब नहीं मिलेगा, बैठक खत्म नहीं होने दूंगा। तिवारी ने कहा है कि यूनिवर्सिटी का जो बजट फरवरी में पेश होना था, वह अब तक नहीं हो पाया है। आखिर इसकी क्या वजह है। ऐसी स्थिति क्यों बनी? इधर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने साफ किया है कि इस बार बैठक सिर्फ दीक्षांत समारोह से संबंधित बिंदुओं पर होगी।

ईसी सदस्य तिवारी के 5 सवाल






कुलपति प्रो. धाकड़ के जवाब






इधर, सीईटी को देश के हर राज्य तक ले जाने की तैयारी

यूनिवर्सिटी ने तय किया है कि देश की टॉप 50 यूनिवर्सिटी में आने के लिए नेक से ए डबल प्लस ग्रेड के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही कुछ और भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसी कड़ी में प्रतिष्ठित सीईटी(कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) से जुड़े कोर्स की ब्रांडिंग पूरे देश में की जाएगी। कई राज्यों में यूनिवर्सिटी प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करेगी और छात्रों को परीक्षा से जुड़ने के लिए कहेगी, ताकि क्वालिटी स्टूडेंट मिल सके।

25 दिन तक रिजल्ट रुका रहा, रिव्यू भी करवाया, पर 37% ही हो सके पास

इंदौर | देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने एलएलबी सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट आखिरकार घोषित कर दिया है। 25 दिन से रुका रिजल्ट अब घोषित किया गया है। हालांकि दोबारा रिव्यू करवाने के बाद भी रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ। 37 फीसदी छात्र ही पास हाे सके। अब प्रबंधन की तैयारी है कि महीनेभर के भीतर ही तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा भी शुरू हो जाए, ताकि पहले से लेट चल रहे शेड्यूल को पटरी पर लाया जा सके। फिलहाल 2016 में एडमिशन लेने वाले इन छात्रों की अब तक चौथे सेमेस्टर की परीक्षा हो जाना थी, लेकिन आलम यह है कि अभी तो तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा ही अप्रैल में शुरू हो पाएगी। यानी लगभग एक साल शेड्यूल पीछे हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि कॉलेजों की मान्यता को लेकर लंबे समय तक चले विवाद के कारण यह स्थिति बनी है। लेकिन अब सारा शेड्यूल पटरी पर लाएंगे। पहले सेमेस्टर की परीक्षा ही छह माह लेट हो गई थी। वजह यह थी कि गवर्नमेंट लॉ कॉलेज की बीसीआई से 180 सीटों पर मान्यता थी, जबकि एडमिशन 212 पर हो गए थे। पांच तक विवाद चला था और 32 अतिरिक्त एडमिशन निरस्त करना पड़े थे।

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