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वित्तीय संकट से जूझ रही राजेंद्रसूरी साख संस्था में चुनाव 11 मार्च को

वित्तीय संकट से जूझ रही राजेंद्रसूरी साख सहकारी संस्था के संचालक मंडल सदस्यों का निर्वाचन 11 मार्च को ओसवाल...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:00 AM IST
वित्तीय संकट से जूझ रही राजेंद्रसूरी साख सहकारी संस्था के संचालक मंडल सदस्यों का निर्वाचन 11 मार्च को ओसवाल धर्मशाला शनिगली राजगढ़ में होगा। इसके लिए रिटर्निंग ऑफिसर कमल सिंह गार्डे ने बैंक के पटल पर सूचना चस्पा कर दी है।

विशेष साधारण सभा बैठक 11 मार्च 18 को संस्था के संचालक मंडल के सदस्यों के निर्वाचन के लिए कार्यक्रम निश्चित किया गया है। संस्था की पंजीकृत उपविधि क्रमांक 23(3) के अनुसार संचालक मंडल के लिए निर्वाचित किए जाने वाले संचालकों की कुल संख्या 15 होगी। इसमें सामान्य वर्ग अनारक्षित से 14 पद है। इसमें से महिला वर्ग के लिए आरक्षित 2 पद तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग से एक पद रहेगा। 4 मार्च को नियोजन पत्र प्रस्तुत करने का डायमंड पार्क प्रधान कार्यालय पर राजगढ़ में होगा। इसके प्राधिकृत अधिकारी महेंद्र राजपूत कार्यवाहक प्रबंधक रहेंगे। नियोजन पत्रों की जांच एवं वेद नियोजन पत्रों की सूची का प्रकाशन 5 मार्च को दोपहर 12.30 बजे से जांच पूरी होने तक होगा।

नियोजन पत्रों की वापसी 6 मार्च 2018 सुबह 11.30 से दोपहर 1 बजे तक में रहेगा। चुनाव लड़ने वालों की अंतिम उम्मीदवार की सूची का प्रकाशन एवं चिह्न आवंटित होंगे। विशेष साधारण सभा मतदान 11 मार्च 2018 को होगा। मतदान समाप्ति के तत्काल बाद मतों की गणना होगी। प्रथम बैठक की सूचना 13 मार्च को दोपहर बाद जारी होगी, जिसमें अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष एवं अन्य संस्थाओं में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों का निर्वाचन के लिए सूचना की जाएगी। अध्यक्ष /उपाध्यक्ष एवं पदाधिकारियों तथा अन्य संस्थाओं में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों का निर्वाचन 17 मार्च को सुबह 11.30 से दोपहर 2 बजे तक संस्था कार्यालय में होगा।

12000 लोग नहीं डाल सकेंगे वोट

रिटर्निंग ऑफिसर कमल सिंह गार्डे ने कुल सदस्य संख्या 18000 है, जिसमें 6500 के लगभग ऋणी हैं। शेष 12000 लोग अपात्र हैं जो वोट नहीं डाल सकते। साथ ही बताया कि मतदान के दौरान 4 से 5 बूथ बनाए जाएंगे। इसमें चुनाव प्रक्रिया में 50 से अधिक सहकारिता विभाग के अधिकारी कर्मचारी रहेंगे। एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया इस चुनाव में सहकारिता नियम के अनुसार एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, बाकी सदस्य रहेंगे। इसमें सभापति का कोई पद नहीं होता है। इस संस्था ने 90 करोड़ से अधिक का लोन दिया हुआ है। उसमें से डिफाल्टरों को वोट डालने की अधिकार नहीं रहेगा। बायलॉज के अनुसार डिफाल्टर चुनाव के 1 दिन पहले अपना ऋण (लोन) ब्याज सहित जमा करता है तो वह चुनाव में खड़ा होकर चुनाव लड़ सकता है, वोट डाल भी डाल सकता है।