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काम से लौटे पति को पानी के लिए नहीं पूछना क्रूरता नहीं

मुंबई | बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि पति की जरूरतों का ख्याल नहीं रखना या काम से लौटे पति को पानी के लिए...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:05 AM IST
मुंबई | बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि पति की जरूरतों का ख्याल नहीं रखना या काम से लौटे पति को पानी के लिए नहीं पूछना क्रूरता नहीं है। सांताक्रूज निवासी 52 साल के एक बैंककर्मी की तलाक की अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की। क्रूरता के आधार पर वह अपनी 40 वर्षीय टीचर प|ी से तलाक चाहता था। तलाक की अर्जी में आरोप था कि प|ी उसकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखती। जब वह रात को काम से लौटता है तो पानी तक नहीं पूछती। जस्टिस कमल किशोर और सारंग कोटवाल की बेंच ने कहा कि यह क्रूरता नहीं है। महिला खुद भी टीचर है। नौकरी के साथ-साथ वह सुबह-शाम घर पर खाना भी बनाती है।



सबूत दिखाते हैं कि लौटते वक्त वह सब्जी भी खरीदती है। जाहिर है कि वह खुद भी काफी थक जाती होगी। लेकिन फिर भी पूरे परिवार के लिए खाना बनाती है और बाकी घरेलू काम करती है। दंपती की शादी 2005 में हुई थी। पति का दावा था कि प|ी देरी से घर आती है और माता-पिता के साथ झगड़ा भी करती है।