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बालिकाएं सिर पर साफा बांधकर गरबा करते चलीं, महिलाओं ने उठाए कलश

मनावर . कलश यात्रा में बड़ी संख्याा में महिलाएं व बालिकाएं शामिल हुई। भास्कर संवाददाता | मनावर ग्राम बोरूद में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:20 AM IST

मनावर . कलश यात्रा में बड़ी संख्याा में महिलाएं व बालिकाएं शामिल हुई।

भास्कर संवाददाता | मनावर

ग्राम बोरूद में श्रीआई माताजी मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुवार को कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। निचली गली की बावड़ी से पं. वासुदेव शर्मा ने कलशों में जल भरा व महिलाओं ने सिर पर धारण किया। बैंडबाजे के साथ शुरू हुई कलश यात्रा में बालिकाएं एक विशेष ड्रेस कोड व सिर पर साफा बांधकर गरबा करती चली। दूसरी बालिकाओं की टोली हाथ में दीए लेकर गरबा रास करती चली। 5 वर्षीय बालिका आई माता की वेशभूषा धारण कर शामिल हुई। अंत में रथ पर कथावाचिका मोनिका पारीख बीकानेर (राजस्थान) विराजित थी।

यात्रा गांव की गलियों से होते हुई मंदिर स्थल पहुंची। जहां पर कलश यात्रा का समापन हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ गांगाजी सेठ, कालू गेहलोत, भगवान लछेटा, नारायण चौयल, रमेश जमादारी, भगवान चौयल, रमेश हम्मड़, खेमा हम्मड़, भगवान काग का सहयोग रहा। मंदिर में पंचांग कर्म व मंडल प्रवेश हुआ। जिसके जजमान बाबू लुणा बर्फा दंपती, भानाजी गोमाजी जमादारी दंपती, पप्पू टीकम राठौर दंपती, जगदीश केशा राठौर दंपती, पूना टीकम बर्फा दंपती है। महोत्सव के तहत शुक्रवार से रविवार तक सुबह 10 से 1 बजे तक मोनिका पारीख के मुखारविंद से नानी बाई रो मायरा की कथा होगी। शुक्रवार शाम को ही प्रकाश माली राजस्थान की भजन संध्या होगी। शनिवार रात संस्कार ग्रुप की प्रस्तुति होगी। रविवार की रात कवि सम्मेलन होगा। सोमवार को रात 8 बजे धर्मगुरु दीवान साहबजी के प्रवचन व भजन संध्या द्वारका मंत्री (देवास) की होगी। मंगलवार को सुबह 10 बजे आई माता की झांकी कैलाश चौहान द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। इसी रात संगीतमय निशा का आयोजन होगा। जिसमें किंजल दवे (चार-चार बंगड़ी वाली) अहमदाबाद की प्रस्तुति देगी।

कुक्षी सिलकुआं . यात्रा में महिलाएं ड्रेस कोड के साथ बड़ी संख्या में शामिल हुई।

माता मंदिर प्रांगण में किया देवपूजन

कुक्षी | ग्राम सिलकुआं में आई माता मंदिर में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। यात्रा सुबह गणेश हनुमान मंदिर तालनपुर से शुरू होकर आयोजन स्थल आईजी धाम पहुंची। यात्रा में महिलाएं ड्रेस कोड के साथ बड़ी संख्या में शामिल हुई। बैंडबाजे की धुन पर बालिकाओं एवं महिलाओं ने नृत्य किया।

कलश यात्रा में देव प्रतिमाओं का रथ आकर्षण का केंद्र रहा। बालीपुर धाम के संत योगेशजी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कथा पंडाल का फीता काटकर समारोह का शुभारंभ किया। मंगल कलश यात्रा एवं संतों का स्वागत नगर में किया। यात्रा में गणेश म्यूजिकल ग्रुप ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। कलश यात्रा में पाटीदार समाज सकल पंच एवं युवा कार्यकर्ता व सिर्वी समाज कुक्षी का सहयोग रहा। आई माता मंदिर प्रांगण में निर्मित यज्ञशाला में यज्ञाचार्य पं. पुरुषोत्तमजी शर्मा द्वारा यज्ञ के मुख्य यजमान प्रमोद भूरालाल काग दंपती से मंगल कलश के साथ देवपूजन करवाया। कथा पंडाल में कथावाचक बाल साध्वी जया किशोरीजी का आगमन होते ही श्रद्धालुओं ने जयकारों से पंडाल को गुंजायमान बना दिया। व्यासपीठ का पूजन कथा के मुख्य यजमान बाबूलाल काग दंपती ने किया। वरिष्ठ तेजाजी काग ने जया किशोरीजी का व्यासपीठ पर स्वागत किया।

साध्वी ने कथा कर कहा जैसी संगत होगी वैसा ही व्यवहार होगा इसलिए संगत हमेशा अच्छी होनी चाहिए। अच्छी संगत जीवन को सार्थक बनाती है। क्रोध सोचने समझने की शक्ति को नष्ट कर देता है इसलिए क्रोध को भगाने के लिए राधे-राधे का स्मरण अवश्य करे।

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