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राज्य सरकार ने जारी किया 62 साल में कर्मचारियों के रिटायरमेंट का अध्यादेश

राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु दो साल बढ़ा दी है। 31 मार्च यानी शनिवार से अब...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:25 AM IST
राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु दो साल बढ़ा दी है। 31 मार्च यानी शनिवार से अब कर्मचारी 60 के बजाए 62 साल में रिटायर होंगे। इसका सीधा फायदा 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले करीब 1500 कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी सेवा अवधि दो साल बढ़ गई है। इस बारे में सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वीकृति दे दी और तत्काल बाद विधि विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी। इसमें साफ कर दिया गया है कि यह सिर्फ शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों पर ही लागू होगा, इसकी परिधि में निगम, मंडल समेत अर्द्धशासकीय संस्थाओं के कर्मचारी नहीं आएंगे। यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कोई घोषणा 24 घंटे बाद लागू हुई हो, जिसका सीधा फायदा 4.35 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।





इससे पहले 2011-12 में सरकार ने कृषि कैबिनेट के गठन के संबंध में विशेष अध्यादेश जारी किया था।

आगे क्या होगा

छह महीने के भीतर विधानसभा में विधेयक के रूप में प्रस्तुत कर पारित कराना अनिवार्य होगा। अन्यथा अवधि को बढ़ाने के लिए राज्यपाल से फिर से अनुरोध करना होगा। चूंकि राज्यपाल ने अध्यादेश को मंजूरी दी है। इसलिए इस संबंध में किसी भी प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी जरूरी नहीं होगी।

शाम 4.30 बजे राज्यपाल ने किए हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की घोषणा की, जहां से यह प्रस्ताव जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को भेजा। चूंकि मुख्यमंत्री ने इसे तत्काल लागू किए जाने की मंशा जाहिर कर दी थी, इसलिए शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सचिवालय से प्रस्ताव मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह के पास भेजा गया जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए। बाद में इसे वित्त विभाग को भिजवाया, जिस पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने अनुमोदित कर मुख्य सचिव कार्यालय को भेजा। इस प्रक्रिया के बाद अध्यादेश को शाम 4.30 बजे के करीब राजभवन भेजा गया, जिस पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए। यानी राज्यपाल के हस्ताक्षर के साथ ही अध्यादेश पारित हो गया, और शनिवार को रिटायर होने वाले कर्मचारियों की आयु 60 से बढ़कर 62 वर्ष हो गई। बाद में विधि विभाग ने इस अध्यादेश से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी।

ऐसे अस्तित्व में आया अध्यादेश अध्यादेश का प्रारूप राज्यपाल को भेजा गया, जिस पर उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) में प्राप्त शक्तियों के अनुसार मंजूरी दी। इससे मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) अधिनियम 1967 की धारा 2 मूल नियम 56 में संशोधन किया जिसमें शनिवार तक आने वाले शब्द ‘साठ वर्ष’ के स्थान पर ‘बासठ वर्ष’ स्थापित कर दिया और मध्यप्रदेश शासकीय सेवक संशोधन अध्यादेश शनिवार को तत्काल प्रभाव से अस्तित्व में आ गया।

दो से ढाई महीने का समय लगता

सेवानिवृत्ति की आयु 60 से 62 वर्ष किए जाने की मांग 2008 से लगातार उठती रही। 2013 में फिर से अधिकारी-कर्मचारियों के संगठन ने इस मांग को रखा जो पांच साल बाद 31 मार्च 2018 को पूरी हुई। यह प्रक्रिया सामान्य तौर पर चलती तो पहले वित्त विभाग प्रस्ताव का परीक्षण करता और अपना अधिमत देता। वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाता, जहां से अनुमोदन के बाद इसे विधानसभा में पारित कराए जाने के लिए सदन में रखना पड़ता। इस प्रक्रिया में दो से ढाई महीने का समय लग सकता था।