Hindi News »Madhya Pradesh »Dhar» सेना ने पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज कराई काउंटर एफआईआर

सेना ने पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज कराई काउंटर एफआईआर

भास्कर न्यूज नेटवर्क|श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेना की फायरिंग के दौरान 3 लोगों की मौत के मामले में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:30 AM IST

भास्कर न्यूज नेटवर्क|श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेना की फायरिंग के दौरान 3 लोगों की मौत के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में जहां 10 गढ़वाल राइफल के सैनिक आरोपी बनाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर अब सेना ने भी जवाबी एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने रविवार को सेना के मेजर की अगुवाई वाले जवानों के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था।

इस बीच, बुधवार को अस्पताल में इलाज के दौरान जख्मी एक और नागरिक ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद राज्य में सत्ताधारी गठबंधन पीडीपी और भाजपा के बीच भी तनातनी देखी जा रही है। भाजपा एफआईआर वापस लेने की मांग कर रही है, जबकि पीडीपी ने इसे खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जांच को तार्किक नतीजे तक पहुंचाया जाएगा। इस बीच सोशल मीडिया पर एफआईआर के दायरे में आए मेजर को बचाने के लिए मुहिम शुरू कर दी गई है।

जवानों के समर्थन में उतरी सेना

सेना की उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने इस मामले पर कहा, ‘हमारा रुख इस बारे में बिल्कुल साफ है कि अगर उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो आत्मरक्षा के लिए हम जवाब देंगे।’ पहले ही सेना के बड़े अधिकारियों ने इस मामले में मेजर लीतुल गोगोई की तरह एफआईआर के घेरे में आए सैनिकों का साथ देने का फैसला किया है। लेफ्टिनेंट जनरल अन्बु ने कहा, ‘इस केस में एफआईआर की कोई जरूरत नहीं थी। अब जांच के बाद सच सामने आ जाएगा। शोपियां में फायरिंग सिर्फ सेल्फ डिफेंस के लिए की गई।’ जनरल अन्बु ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस केस में कोई गिरफ्तारी नहीं होगी, लेकिन मेजर आदित्य से पूछताछ की जा सकती है। उत्तरी क्षेत्र सेना कमांडर के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सेना पूरी तरह से जवानों के साथ खड़ी है।

शोपियां में क्या हुआ था?

शनिवार को 10 गढ़वाल राइफल्स का 40-50 सैनिकों का काफिला मूवमेंट के लिए बालपुरा से अन्य ठिकाने के लिए निकला था। रास्ते में केलर में पत्थरबाजी चल रही थी, सो काफिले ने गनापुरा का दूसरा रूट ले लिया। गनापुरा में कट्टरपंथियों का बड़ा जमावड़ा है। वहां हाल में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी फिरदौस के मारे जाने के बाद से तनाव था। यहां सेना का काफिला चारों ओर से घिर गया। सेना के जेसीओ ने भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन पत्थरबाजी जारी रही। इस बीच एक पत्थर लगने से जेसीओ बेहोश होकर गिर गया। तब एक सैनिक ने फायरिंग की, जिसमें मेजर की कोई भूमिका नहीं थी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×