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बिजली बिल के प्रकरणों में 100% ब्याज होगा माफ

जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर 10 फरवरी को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें निराकृत होने वाले बिजली बिल...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:30 AM IST
जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर 10 फरवरी को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें निराकृत होने वाले बिजली बिल संबंधी प्रकरणों में 100% ब्याज माफ किया जाएगा।

लोक अदालत में आपराधिक शामनीय प्रकरण, पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, जलकर के मामले जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य प्रीलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) एवं न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को भी निराकरण के लिए रखा जाएगा।

मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. धार के प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए निम्न दाब श्रेणी के सभी घरेलू, कृषि 5 किलो वाट भार तक के गैर घरेलू प्रकरणों में उपभोक्ताओं को छूट दी जाएगी।

दोनों प्रकार के प्रकरणों में मिलेगी छूट

प्रीलिटिगेशन स्तर पर :
बिजली कंपनी द्वारा अंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत एवं अंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक छह माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

लिटिगेशन स्तर पर : बिजली कंपनी द्वारा अंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं अंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।