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ग्वालियर। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के वॉचमैन की भर्ती

ग्वालियर। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के वॉचमैन की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा का पेपर लीक हो गया। पेपर...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:50 AM IST
ग्वालियर। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के वॉचमैन की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा का पेपर लीक हो गया। पेपर दिल्ली से लीक हुआ, जहां इसे 5-5 लाख रुपए में बेचा गया। लीक हुआ पेपर ग्वालियर के एक गेस्टहाउस में बिहार, राजस्थान आैर यूपी के 48 प्रतियोगियों को सॉल्व कराया जा रहा था। इन सबका परीक्षा केंद्र भोपाल में था। रविवार को सुबह 11 बजे से 2 बजे तक पेपर होना था। इससे पहले इसकी भनक एसटीएफ को लग गई। नतीजा, शनिवार की रात एसटीएफ की टीम ने यहां गांधी नगर स्थित सिद्धार्थ पैलेस गेस्ट हाउस से 48 छात्र और 2 एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया। पेपर मिलान कराने के बाद एसटीएफ ने मामले का खुलासा किया। शेष |पेज 4 पर











जिन आवेदकों को पेपर सॉल्व कराया जा रहा था, उनसे 50-50 हजार रुपए एडवांस लिए गए थे।

स्पेशल टास्क फोर्स के इंस्पेक्टर एजाज अहमद के अनुसार एफसीआई के वॉचमैन पद पर भर्ती के लिए परीक्षा भोपाल, सागर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना एवं जबलपुर में रविवार को होना थी। एसटीएफ एसपी सुनील शिवहरे को पता चला था कि भोपाल, ग्वालियर और रतलाम में कुछ लोग पेपर का सौदा कर रहे हैं, इन स्थानों पर परीक्षार्थियों को इकट्ठा करके पेपर सॉल्व भी कराया जाना है। इस इनपुट पर दो दिन पहले शहर के सभी होटल, लॉज पर एसटीएफ ने नजर रखना शुरू कर दी थी। शनिवार को पता चला कि गांधी नगर में स्थित सिद्धार्थ पैलेस गेस्ट हाउस में एफसीआई द्वारा आयोजित पेपर देने के लिए छात्र इकट्ठे हुए हैं। इनमें ज्यादातर छात्र बिहार के हैं। मामला संदिग्ध लगा तो रात लगभग 9 बजे एसटीएफ ने दबिश देकर यहां से 48 छात्र और 2 एजेंटों को हिरासत में ले लिया। एसटीएफ ने जब दबिश दी तब अलग-अलग कमरों में छात्रों के ग्रुप बनाकर पेपर हल करवाया जा रहा था। पुलिस ने इनसे हस्तलिखित पेपर जब्त करने के साथ ही सभी को हिरासत में ले लिया और एफसीआई के उच्चाधिकारियों को भी सूचना दे दी गई। रविवार दोपहर 2 बजे पेपर खत्म होने के बाद मिलान कराया गया तो इस बात की पुष्टि हो गई कि पेपर लीक हुआ है।

एजेंटों ने बताया- दिल्ली से मिला था पेपर :

एसटीएफ ने पकड़े गए एजेंट आशुतोष कुमार और हरीश कुमार निवासी दिल्ली से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें पेपर दिल्ली में रहने वाले किशोर कुमार ने उपलब्ध कराया था। उनका काम छात्रों को इकट्ठा करके पेपर सॉल्व कराना था। पेपर सॉल्व कराने के बाद सभी छात्रों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उन्हें पेपर देने के लिए भोपाल रवाना करना था। पेपर देने के बाद छात्रों के मोबाइल फोन वापस किए जाते।

5-5 लाख में सौदा, 50-50 हजार एडवांस के साथ ऑरिजनल दस्तावेज भी जब्त कर लिए : एसटीएफ ने जिन 48 छात्राें काे पकड़ा है उनमें से 35 बिहार तथा 13 राजस्थान और हरियाणा के हैं। छात्रों ने बताया कि उनसे 5-5 लाख रुपए में सौदा हुआ था। 50-50 हजार रुपए एडवांस लिए गए थे, इसके साथ ही उनके ऑरिजिनल दस्तावेज जैसे मार्कशीट, आधार कार्ड आदि भी इन लोगों ने अपने पास रख लिए थे। सेलेक्शन होने के बाद बाकी रुपए देने के बाद ही उनके ऑरिजिनल दस्तावेज वापस मिलना थे।

मास्टर माइंड रुपए लेकर गायब हो गया : पकड़े गए एजेंट आशुतोष तथा हरीश कुमार का कहना है कि उन्हें पेपर किशोर कुमार निवासी दिल्ली ने उपलब्ध कराया था। उनसे कहा गया था कि उन्हें सिर्फ पेपर सॉल्व करवाना है। इसके एवज में उन्हें 30-30 हजार रुपए मिले थे। शाम तक किशोर कुमार भी शहर में ही था इसके बाद छात्रों से एडवांस का रुपया लेकर चला गया। पकड़े गए एजेंटों में आशुतोष कुमार खुद को बीकाॅम सेकंड ईयर का छात्र बताता है जबकि हरीश ईवेंट मैनेजमेंट ग्रुप का सदस्य होने की बात कहता है। एसटीएफ अफसर इनके बयानों की पुष्टि करने में जुटे हैं।