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सॉलिड वेस्ट प्लांट लगाने पर 50 फीसदी तक अनुदान देगी सरकार

प्रदेश में सॉलिड वेस्ट प्लांट लगाने पर निवेश के लिए राज्य सरकार 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान देगी। यह राशि अधिकतम 25 लाख...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:50 AM IST

प्रदेश में सॉलिड वेस्ट प्लांट लगाने पर निवेश के लिए राज्य सरकार 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान देगी। यह राशि अधिकतम 25 लाख रुपए तय की गई है। यह प्रावधान नई एमएसएमई विकास नीति व प्रोत्साहन योजना में किया गया है। इसे 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। नीति के मुताबिक छोटे उद्योगों को कई सहूलियतें दी गई हैं। इस नीति के साथ ही प्रोत्साहन योजना भी इसी तारीख से लागू की गई है।

विकास नीति के मुताबिक विभिन्न अनुदान का एकीकरण कर एमएसएमई को निवेश का 40 प्रतिशत उद्योग विकास अनुदान के रूप में 5 वार्षिक किश्तों में दिया जाएगा। यदि निवेशक मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यम की स्थापना के उद्देश्य से निजी भूमि खरीदता है अथवा अविकसित शासकीय भूमि शासन से प्राप्त करता है, तो ऐसी इकाइयों को इकाई परिसर तक पानी, सड़क और बिजली व्यवस्था के लिए अधोसंरचना विकास में किए गए व्यय की 50 फीसदी वित्तीय सहायता दी जाएगी, लेकिन अधिकतम 25 लाख रुपए मिलेंगे।

बहुमंजिला औद्योगिक परिसर स्थापित करने पर 20 फीसदी सरकार देगी

निजी औद्योगिक क्षेत्रों तथा बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना अथवा विकास के लिए व्यय की गई राशि का 20 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। लेकिन अधिकतम 2 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए शर्त है कि विकसित औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल न्यूनतम 5 एकड़ या बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र कम से कम 10 हजार वर्ग फीट होना जरूरी है। इनमें 5 औद्योगिक यूनिट कार्यरत होना जरूरी होगा।

ये सहूलियतें भी मिलेंगी

गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम 3 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी।

राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय नियम अथवा कानून के अंतर्गत शोध एवं अनुसंधान के आधार पर विकसित किए गए उत्पादों, उत्पादन प्रक्रियाओं का पेटेंट या आईपीआर कराने पर हुए व्यय का शत-प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी।

केंद्र सरकार की आईएनएसआईटीयू अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम का उन्नयन करने के लिए किए गए व्यय में से, केंद्र से प्राप्त वित्तीय सहायता के समायोजन के बाद, शेष राशि का शत-प्रतिशत या उन्नयन लागत का 25 प्रतिशत जो भी कम हो अधिकतम 8 पावरलूम प्रति इकाई सहायता प्रदान की जाएगी।

नई यूनिट के लिए यह है शर्त

नई यूनिट, जिनमें 10 से अधिक नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ में प्रति कर्मचारी अधिकतम 1 हजार रुपए नियोक्ता के अंश के रूप में जमा किए जा रहे हों, ऐसे कर्मचारियों को नियोक्ता के अंश की शत-प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति 5 वर्ष की अवधि के लिए या अधिकतम 5 लाख रुपए (इनमें से जो भी कम हो) प्रदान की जाएगी।

छोटे उद्योगों को विकसित करने के लिए 852 करोड़ का बजट

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2018-19 के लिए 852 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। छोटे उद्योगों को विकसित करने के लिए ही नई नीति को लागू किया जा रहा है। - संजय पाठक, एमएसएमई मंत्री

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