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इंग्लिश को मत तोड़ने दीजिए अपना हौसला सही लर्निंग आपको देगी तरक्की

स्पायरिंग माइंड्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 95 प्रतिशत इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स में जॉब के लिए जरूरी स्किल्स...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:50 AM IST

इंग्लिश को मत तोड़ने दीजिए अपना हौसला सही लर्निंग आपको देगी तरक्की
स्पायरिंग माइंड्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 95 प्रतिशत इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स में जॉब के लिए जरूरी स्किल्स नहीं हैं। अंग्रेजी न आना इनमें से एक प्रमुख कमी है। इधर टेस्टिंग एंड असेसमेंट कंपनी मेरिट ट्रैक सर्विसेज ने इंग्लिश लैंग्वेज कम्यूनिकेशन को एम्प्लॉयएबिलिटी की मुख्य जरूरतों में से एक बताया है। यानी डिग्री और टैलेंट के साथ-साथ इंग्लिश की नॉलेज अब नौकरी की प्रमुख जरूरत बन चुकी है। देश के प्रमुख कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में भी अंग्रेजी सेक्शन में बेहतर स्कोर जरूरी है। इतना ही नहीं नौकरी मिलने के बाद भी कॅरिअर ग्रोथ के लिए जिस तरह इंग्लिश अब एक मापदंड बन चुकी है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत देश के प्रतिष्ठित कॉलेजों में बीए इंग्लिश कोर्सेज की बढ़ती डिमांड भी इस विषय की लोकप्रियता की ओर इशारा कर रही है। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि अब हर क्षेत्र की नौकरियों में इंग्लिश

महत्वपूर्ण जगह बना चुकी है और इसमें पिछड़ना आपके कॅरिअर की रफ्तार को धीमा कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी इंग्लिश स्किल्स को मजबूत बनाकर अपने भविष्य को सही दिशा दें।

कैजुअल इंग्लिश से अलग है प्रोफेशनल इंग्लिश

आमतौर पर बोली जाने वाली कैजुअल इंग्लिश के बजाय प्रोफेशनल इंग्लिश जॉब में ज्यादा जरूरी होती है। बिजनेस इंग्लिश के लिए आपकी रीडिंग, राइटिंग व स्पीकिंग स्किल्स अच्छी होनी चाहिए। पेशेवर वोकैबलरी और ग्रामर पर ध्यान देना होगा। प्रोफेशनल इंग्लिश जानना यानी फोन कॉल्स, रिपोर्ट राइटिंग, मीटिंग्स में इंग्लिश का इस्तेमाल। इतना ही नहीं आपको अपनी कंपनी की विशेषज्ञता के बारे में भी इंग्लिश में बोलना आना चाहिए।

इस तरह मजबूत बनाइए अपनी इंग्लिश स्किल्स को

संकोच को किनारे करें

अंग्रेजी सीखने का पहला सबक यही है कि आपको शर्म और संकोच को किनारे करना होगा। जितना आपका आत्मविश्वास मजबूत होगा उतनी ही जल्दी सफलता मिलेगी। भूल जाइए कि कौन सुन रहा है या फिर लोग आपका मजाक उड़ाएंगे। सही ग्रामर के साथ प्रैक्टिस जारी रखें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद :सोशल मीडिया पर ट्वीटडेक, हूटसुइट जैसी सर्विसेज की मदद से भी आप इंग्लिश स्किल्स को सुधार सकते हैं। ट्वीटर पर आप किसी टॉपिक विशेष पर लोगों की बातचीत में शामिल हो सकते हैं। यहां अकाउंट बनाकर आप अपनी रुचि के टॉपिक से जुड़े कॉन्वरसेशंस को फॉलो कर सकते हैं। प्रैक्टिस के लिए यह एक बेहतर माध्यम है।

क्या हैं फायदे इंग्लिश लर्निंग के :ज्यादातर बिजनेस फर्म्स को अपने इंटरनेशनल कस्टमर्स के लिए इंग्लिश नॉलेज वाले प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट समेत दुनिया की तमाम प्रतिष्ठित कंपनियों में प्रवेश के लिए भी डिग्री के साथ-साथ इंग्लिश जरूरी है। इतना ही नहीं नौकरी मिलने के बाद भी प्रमोशन मिलने में अंग्रेजी की समझ काम आती है। आप कंपनी में किसी भी पद से शुरुआत करें इंग्लिश तरक्की के अवसरों को बढ़ाएगी।

सुनिए और सीखिए

इंग्लिश न्यूज व टॉक शो सुनिए। अॉफिस मीटिंग्स में होने वाले प्रोफेशनल कॉन्वरसेशन को ध्यान से सुनिए। उनके द्वारा इस्तेमाल होने वाले इडियम, फ्रेज और शब्दों को ध्यान से सुनिए। सुनकर प्रैक्टिस करने पर अाप अपनी स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं।

वीडियो लर्निंग

विजुअल लर्नर्स फ्लूएंट यू जैसी वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं। यहां आप बिजनेस से जुड़े इंग्लिश वीडियो देख सकते हैं। इसके अलावा मेमराइज, ड्यूोलिंगो, बीबीसी इंग्लिश लर्निंग समेत कई एप उपलब्ध हैं, जो आपकी इंग्लिश को बेहतर बनाने में आपके काम आ सकते हैं।

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