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सात घंटे तक सिविल सर्जन व तीन डॉक्टरों के प्रशासन ने लिए बयान

आरक्षक भर्ती में फिजिकल टेस्ट के दौरान अभ्यर्थियों के सीने पर एससी-एसटी लिखने के मामले में बुधवार को सिविल सर्जन...

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 02:45 AM IST
आरक्षक भर्ती में फिजिकल टेस्ट के दौरान अभ्यर्थियों के सीने पर एससी-एसटी लिखने के मामले में बुधवार को सिविल सर्जन के साथ मेडिकल बोर्ड में शामिल तीन डॉक्टरों के बयान सात घंटे से ज्यादा समय तक लिए गए। बयान जिला पंचायत सीईओ अरविंद चौधरी व एसडीएम शंकरलाल सिंगाडे के साथ ही क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं इंदौर लक्ष्मी बघेल ने लिए। सभी से तीनों ने बंद कमरे में देर रात तक अलग-अलग चर्चा की। अब रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

बुधवार को बयान लेने का सिलसिला दोपहर 3 बजे से शुरू हुआ था। जो रात 9.39 तक जारी था। चूंकि मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है लिहाजा प्रशासन जांच में पूरी सावधानी बरत रहा है। पुलिसकर्मियों सहित अब तक चार को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा यह पता किया जा रहा है कि प्रकरण में सिविल सर्जन और मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टरों की क्या भूमिका रही।

इसी सिलसिले में सबसे पहले सिविल सर्जन डॉ. एसके खरे के बयान लिए गए। इसके बाद मेडिकल बोर्ड में शामिल एक-एक करके डॉक्टरों को बुलाया गया। देर रात तक प्रक्रिया चलती रही। एसडीएम का कहना है कि बयान लिए जा चुके हैं। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। एसडीएम ने कहा, दोषियों पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने हर स्तर पर जांच की है। सभी पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। साथ ही प्रशासन के अधिकारी प्रक्रिया में कहां गड़बड़ी हुई उसकी भी बारीकी से जांच कर रहे हंै।

चैनल गेट बंद रहा, नाश्ता भी बाबू ने पहुंचाया

जिस कक्ष में संबंधित डॉक्टरों के बयान लिए जा रहे थे वहां किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक की चाय-नाश्ता भी अस्पताल का एक बाबू लेकर गया। पूरे समय चैनल गेट बंद रहा। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं लक्ष्मी बघेल तो अपनी पूरी टीम के साथ आईं थीं। उन्होंने अलग से एक-एक के बयान दर्ज किए।

फिजिकल टेस्ट के लिए पहुंचे अभ्यर्थी निराश लौटे

अभी तक 312 अभ्यर्थियों में से 279 का हो चुका है मेडिकल टेस्ट

जिला अस्पताल में 25 अप्रैल से आरक्षकों के फिजिकल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अभी तक 312 अभ्यर्थियों में से 279 का टेस्ट हो चुका है। गौरतलब है कि जिला पुलिस बल में 206 और 34वीं बटालियन के 106 अभ्यर्थियों के फिजिकल टेस्ट होना है। अब तक जिला पुलिस बल के 196 और बटालियन के 83 अभ्यर्थियों का टेस्ट हो चुका है। इस बीच सीने पर एससी-एसटी लिखे जाने के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया। जिसके चलते मंगलवार से ही पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। बुधवार को कुछ अभ्यर्थी पहुंचे तो उन्हें भी निराश लौटना पड़ा। क्योंकि मेडिकल बोर्ड नहीं बैठा था।