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बिलिंग का तरीका बदला, हर बिल पर लोगों को चुकाना पड़ रहे 150 रु. तक ज्यादा

हर साल अप्रैल में बिजली महंगी कर दी जाती है। इस बार मई शुरू हो गया है लेकिन अब तक बिजली के टैरिफ में कोई बदलाव नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:45 AM IST

हर साल अप्रैल में बिजली महंगी कर दी जाती है। इस बार मई शुरू हो गया है लेकिन अब तक बिजली के टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया है। उपभोक्ताओं को पुरानी दरों पर ही बिजली मिल रही है लेकिन बिजली कंपनी के बिलिंग के तरीके ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बिजली कंपनी ने मार्च में उपभोक्ताओं को 25 दिन का बिल दिया तो अप्रैल में 30 दिन का।

कंपनी की चालाकी से उपभोक्ता हैरत में हैं। मीटर रीडिंग के लिए बिजली कंपनी ने 30 दिन का वक्त निर्धारित कर रखा है। इस आधार पर बिलिंग की जाती है पर कंपनी बिलिंग नहीं कर रही है। मार्च में जो फरवरी का बिल उपभोक्ताओं को मिला था वह 25 दिन का था। अप्रैल में जो मार्च का बिल मिला वह 30 दिन का था। इससे उपभोक्ता गफलत में हैं और यूनिट बढ़ने से उन्हें 100 से 150 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं।

ये भी जानिए : एक यूनिट बढ़ते ही 136 रुपए का होता है नुकसान

यदि किसी परिवार में 100 यूनिट की मासिक खपत है तो 4.70 रु. के हिसाब से यूनिट का बिल 470 रु. बनेगा। इसके ऊपर यदि 1 यूनिट भी बढ़ जाए तो 6 रु. प्रति यूनिट के दर से बिलिंग की जाती है। इससे 101 यूनिट होने पर 606 रुपए यूनिट का बिल बनेगा। यानी 136 रु. ज्यादा चुकाना होंगे। इसके अलावा ऊर्जा प्रभार, मीटर किराया भी जुड़ेगा। कभी 25 दिन तो कभी 30 दिन में बिल जारी करने पर उपभोक्ताओं की यूनिट बढ़ रही है और उन्हें ज्यादा राशि चुकाना पड़ रही है। हालांकि कंपनी का कहना है कि रिसाइकिल के चलते मार्च में बिलिंग में बदलाव किया था। अब 30 दिन का ही बिल आएगा।

बिजली के टैरिफ पर नजर

1 से 50 यूनिट तक 3.95 रुपए 51 से 100 यूनिट तक 4.70 रुपए 101 से 300 यूनिट तक 6 रुपए 300 यूनिट से ऊपर 6.30 रुपए (नोट- जानकारी बिजली कंपनी के मुताबिक और प्रति यूनिट की है।)

ये रहती है प्रक्रिया

मीटर रीडर तय समय में उपभोक्ता के घर पहुंचता है। रीडिंग के लिए मोबाइल से इसका फोटो खींचता है। इस आधार पर बिल तैयार किया जाता है। इसके बाद बिल जारी किया जाता है। अधिकतम 15 दिन में उपभोक्ताओं को इसे भरना पड़ता है।

समय पर मीटर रीडर नहीं आए तो करें शिकायत

मीटर रीडिंग के लिए तय समय निर्धारित है। उस तारीख के दौरान मीटर रीडर आना जरूरी है। यदि समय पर आपके घर पर मीटर रीडर नहीं आ रहा है तो आप इसकी शिकायत बिजली कंपनी में कर सकते हैं।

कोई गड़बड़ी नहीं की जा रही है : कार्यपालन यंत्री जैन

कार्यपालन यंत्री संजय जैन ने बताया नियमों के आधार पर ही बिलिंग की जा रही है। बिलिंग फोटो के आधार पर की जाती है। इससे गड़बड़ी का सवाल ही नहीं उठता है। यदि मीटर रीडर समय पर नहीं आ रहा है या फोटो नहीं खींच रहा है तो उपभोक्ता शिकायत कर सकते हैं। उनकी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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